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Best Places To Visit In Madhya Pradesh  In Hindi मध्य प्रदेश हमारी संस्कृति, इतिहास, कला और परंपरा को जोड़ते हुए भारत का प्रमुख राज्य है जिसे भारत का हृदय प्रदेश भी कहा जाता है। मध्य प्रदेश अपने कई ऐतिहासिक स्मारकों, मंदिरों, किलों, और महलों से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मध्य प्रदेश विश्व भर के यात्रियों के लिए भारत के प्रमुख दर्शनीय स्थानों में से एक बना हुआ है।मध्य प्रदेश भारत का एक आदर्श प्रतिबिंब है, क्योंकि यह शहरी और ऐतिहासिक दोनों पहलुओं का बहुत अच्छी तरह से मिश्रण करता है। मध्य प्रदेश भारत की प्राकृतिक सुन्दरता का खजाना है जहा आपको एक से एक प्राकृतिक नज़ारे देखने को मिलते है यहाँ हम आपको मध्य प्रदेश कुछ सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें जानकर आप जरूर इस खूबसूरत राज्य कि यात्रा का प्लान बनाने के बारे में सोचेगें। आइये जानें मध्य प्रदेश में घूमने की जगह और पर्यटन स्थलों के बारे में।
घूमने का सबसे अच्छा समय

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी – Best Tourist Places To Visit In Madhya Pradesh In Hindi

1. ओरछा – Orchha In Hindi

ओरछा

ओरछा मध्य प्रदेश के बेतवा नदी कि किनारे स्थित एक सुन्दर नगर है इसे मध्य प्रदेश का शाही शहर भी कहा जाता है, यह श्री राम जी कि नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। जो मध्य प्रदेश के आकर्षण को और बढ़ाता है ओरछा भारत का अनिवार्य हिस्सा है, जो बुंदेला युग का स्मरण कराता है। ओरछा, इतिहास के शौकीनों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यदि आप मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों में से ओरछा को अपनी यात्रा में शामिल करते हैं तो आपको यहां वास्तुकला, ऐतिहासिक स्मारक, मंदिर और किले देखने को मिलेगें।

ओरछा के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • ओरछा किला
  • जहाँगीर महल
  • चतुर्भुज मंदिर
  • रामराजा मंदिर
  • लक्ष्मी मंदिर
  • फूल बाग
  • पालकी महल
  • खाना हम्माम,
  • हरदौल पैलेस
  • प्रवीण महल

ओरछा में यह जरूर देखे

  • बेतवा रिवरपोर्ट पर सूर्यास्त का सुन्दर नजारा।
  • श्री राम जी कि आरती में शामिल हो सकते है।
  • दुर्लभ भारतीय गिद्ध की झलक पा सकते है।
  • अस्तबल में हाथी।
  • राम राजा महल में घूम सकते है।

ओरछा में में कहा रुके

ओरछा में सभी बजट के होटल उपलब्ध हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग शीश महल में एक विरासत होटल चलाता है और बेतवा नदी के तट पर कुछ रिसॉर्ट भी उपलब्ध हैं। जहा आप अपनी ओरछा की यात्रा के दौरान रुक सकते है ।

ओरछा कैसे पहुँचें

ओरछा पहुँचने का सबसे सुविधाजनक तरीका झाँसी तक ट्रेन से आना है। ओरछा के लिए झांसी से बसों और कार से यात्रा करके ओरछा पहुचा जा सकता है।

ओरछा घूमने का सबसे अच्छा समय

ओरछा घूमने का सबसे अच्छा समय

अपने परिवार, दोस्तों के साथ मध्य प्रदेश में कही घूमना चाहते है और ओरछा जाने का प्लान बना रहे है, तो आप जनवरी से मार्च और अक्टूबर से दिसंबर के समय ओरछा घूमने जा सकते है।

2. कान्हा नेशनल पार्क – Kanha National Park In Hindi

कान्हा नेशनल पार्क

कान्हा नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। कई प्रकार की वनस्पतियों और जीवों के साथ यह राष्ट्रीय उद्यान तब से प्रसिद्ध है जब रुडयार्ड किपलिंग ने अपनी उत्कृष्ट कृति जंगल बुक (यह माना जाता है कि किपलिंग कान्हा नेशनल पार्क से प्रेरित था) को लिखा था। यहाँ चारो ओर आपको हरियाली और कई प्रकार के जीव देखने को मिलते है। यह मोगली ओर जंगल बुक के कारण और भी लोकप्रिय बना हुआ है, यह पार्क 1940 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। और भारत में विलुप्त नहीं होने देने के लिए बारासिंगा (दलदल हिरण) की प्रजातियों की मदद करने के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध है। घने जंगल में ज्यादातर साल, बांस और महुआ के पेड़ शामिल हैं। यहाँ टाइगर, ब्लैकबक और पीकॉक को देखा जाता है। कान्हा नेशनल पार्क में कई प्रकार के पक्षियों को भी देखा जा सकता है, जो इसे मप्र में घूमने के लिए एक लोकप्रिय स्थान बनाते हैं।

कान्हा नेशनल पार्क में पर्यटकों के लिए आकर्षण

  • टाइगर्स
  • बेरसिंघा
  • सनसेट पॉइंट
  • जीप सफारी

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में आप क्या- क्या कर सकते हैं

  • किसली के बफ़र ज़ोन में जीप सफारी का आनदं लें सकते हैं।
  • एक होमस्टे बुक कर सकते हैं।
  • महुआ का स्वाद चख सकते हैं।
  • नाइट सफारी (यदि अनुमति दी गई है तो) का आनंद ले सकते हैं।

कान्हा नेशनल पार्क में कहां ठहरें

इस राष्ट्रीय उद्यान के आसपास कई होटल और रिसॉर्ट उपलब्ध हैं। हर कोई अपने बजट के अनुसार यहां बुकिंग कर सकता है। कान्हा नेशनल पार्क में रुकने वोलों के लिए गेस्टहाउस और होमस्टे भी उपलब्ध हैं, लेकिन इसके लिए आपको पहले से बुकिंग करनी होगी।

कान्हा नेशनल पार्क कैसे पहुंचें

कान्हा नेशनल पार्क पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका सबसे पहले जबलपुर पहुंचना है, जो कान्हा से लगभग 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जबलपुर से, कार या टैक्सी राष्ट्रीय उद्यान के लिए उपलब्ध हैं। जिसके माध्यम से आप कान्हा नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं।

कान्हा नेशनल पार्क घूमने का सबसे अच्छा समय

कान्हा नेशनल पार्क घूमने का सबसे अच्छा समय

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक कान्हा नेशनल पार्क घूमने जानें का सबसे अच्छा समय नवंबर से मार्च के बीच का होता है।

और पढ़े: कान्हा नेशनल पार्क जाने की पूरी जानकारी 

3. पन्ना राष्ट्रीय उद्यान – Panna National Park In Hindi

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित, पन्ना राष्ट्रीय उद्यान राज्य के सुव्यवस्थित वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है। पन्ना रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान में से एक है और मप्र में सबसे अच्छे राष्ट्रीय उद्यानों में इसकी गिनती होती है। 542.67 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान तेंदुआ, जंगली कुत्ता, भेड़िया, लकड़बग्घा, सुस्त भालू, चीतल और चौसिंघा जैसी प्रजातियों का घर भी है। पार्क में पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियां निवास करतीं है। राष्ट्रीय उद्यान का स्थान एक परिसंपत्ति है क्योंकि यह खजुराहो के प्रसिद्ध शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित है।

पन्ना नेशनल पार्क में पर्यटको के लिए आकर्षण केंद्र

  • टाइगर
  • नील गाय
  • चिंकारा
  • नोका बिहार
  • हाथी कि सवारी

पन्ना नेशनल पार्क में आप क्या कर सकतें हैं

  • पार्क अथॉरिटी के अनुसार आप 06:30 से 11:30 बजे ओर 02:30 से 05:30 के बीच हाथी की सवारी करके उसका आनंद उठा सकते है।
  • यहाँ आप नोका बिहार का लुफ्त लें सकते हैं।
  • जीप सफारी से भी घूम कर आप अपनी यात्रा ओर रोचक बना सकते है।

पन्ना नेशनल पार्क कैसे पहुंचे

पन्ना नेशनल पार्क तक पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका पहले आपको खजुराहो तक पहुंचना है, जो सड़क और रेलवे द्वारा भारत के कई शहरों से जुड़ा हुआ है। चूंकि बहा से पन्ना राष्ट्रीय उद्यान लगभग 47kms की दूरी पर स्थित है, तो आप वहां से टैक्सी या कार किराए पर लेकर जा सकते है।

पन्ना नेशनल पार्क घूमने का सबसे अच्छा समय

पन्ना नेशनल पार्क घूमने का सबसे अच्छा समय

यहाँ नवंबर से मार्च तक आने का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस समय सर्दिया चलती है तो आपको सभी जीवो कि प्रजातीया देखने को मिलती है, क्योंकि सर्दियों में बह अक्सर धुप सेकते नजर आ सकते हैं।

4. खजुराहो – Khajuraho In Hindi

खजुराहो

मध्य प्रदेश के खजुराहो को भारतीय कला का प्रतीक के रूप में देखा जा जाता है। यहाँ खजुराहो के 22 मंदिरों का एक समूह है जो विश्व भर के यात्रियों के लिए आकर्षण के केंद्र बना हुआ है। यहाँ कि जटिल नक्काशी और बेहतरीन कामुक मूर्तिकला किसी भी इतिहास और कला प्रेमी को खजुराहो आने के लिए सम्मोहित कर सकती है। खजुराहो के मंदिरों को तीन श्रेणियों में देखा जा सकता है, पश्चिमी समूह, दक्षिणी समूह और पूर्वी समूह, जिनके बीच मंदिरों के पश्चिमी समूह ने अधिकतम प्रसिद्धि प्राप्त की है। खुजराहो में मंदिरों के साथ यहाँ कि प्राकृतिक सुन्दरता और झीलें भी देख सकते हैं। मंदिरों के अलावा, खजुराहो में दो झीलें भी हैं। मध्य प्रदेश का यह छोटा शहर खजुराहो इतिहास में गहरी रुचि रखने वालों के लिए एक अद्भुत टूरिस्ट प्लेस हो सकता है।

खजुराहो के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • कंदरिया महादेव मंदिर
  • लक्ष्मण मंदिर
  • विश्वनाथ मंदिर
  • पार्स्वनाथ मंदिर
  • चित्रगुप्त
  • बीजामंडल मंदिर
  • मतंगेश्वर
  • देवी जगदम्बा
  • चौसठ योगनी
  • वामन मंदिर
  • दुल्हादेव मंदिर

खजुराहो में आप क्या कर सकते हैं

  • खुजराहो में आप मंदिरों के पश्चिमी समूह पर जरूर जाएँ।
  • यहाँ कि झीलो कि किनारे घूम सकते है यहाँ आपको एक अलग ही सुखद आनन्द का अनुभव होगा ।
  • ओल्ड विलेज में बाइक की सवारी करें।
  • खुजराहो में आप पुरातत्व संग्रहालय भी जा सकते है।
  • अगर आप यहाँ आते है तो यहाँ के स्थानीय पकबानो का लुफ्त भी जरूर उठाये।
  • मद्रास कॉफ़ी हाउस में दक्षिण भारतीय खाना खा सकते हैं।
  • राजा कैफे में नाश्ता कर सकते हैं।

खजुराहो कैसे जाये

आप खुजराहो बस, ट्रेन, कार से आसानी से पहुच सकते है, यह भारत के कई शहरों से जुड़ा हुआ है।

खजुराहो घूमने का सबसे अच्छा समय

खजुराहो घूमने का सबसे अच्छा समय

नवंबर से अप्रैल खुजराहो जाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है ओर यदि आप फरवरी में जाते है, तो आप खजुराहो नृत्य महोत्सव का आनंद भी उठा सकते है।

और पढ़े: खजुराहो दर्शनीय स्थल, मंदिर और घूमने की जगह 

5. उज्जैन – Ujjain In Hindi

उज्जैन

उज्जैन मध्य प्रदेश के सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है। यह क्षिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ पवित्र शहर है, उज्जैन महाकाल की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। आध्यात्मिक शांति के लिए उज्जैन शहर निस्संदेह एक आकर्षक जगह है। हमें यहाँ के मंदिरों में बुंदेला कला और वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना देखने को मिलता है। यहाँ का इतिहास खुद अपना परिचय देता है, उज्जैन में सबसे बड़े हिंदू मेले – कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। उज्जैन में सबसे बड़े हिंदू मेले – कुंभ मेले को मनाने के लिए भी प्रसिद्ध है और मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के लिए एक आदर्श स्थान है।

उज्जैन के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • महाकालेश्वर मंदिर
  • गोपाल मंदिर
  • चिंतामन गणेश मंदिर
  • क्लॉक टावर
  • इंद्रा गाँधी स्टेचू
  • राम घाट
  • हर्सिधि मंदिर

उज्जैन में आप क्या कर सकते हैं

  • उज्जैन में आप महाकालेश्वर मंदिर जरूर जाये ओर महाकाल के दर्शन करे, आप महाकाल कि भस्म आरती में शामिल हो सकते हैं।
  • यहा आप उज्जैन के प्रसिद्ध मघ मेला घूम सकते है।
  • अगर आप दशहरा के दौरान आते है तो, हरसिद्धि मंदिर जाना आदर्श स्थान है।
  • आप यहाँ के खाने का लुफ्त भी उठा सकते है।

उज्जैन कैसे जाये

उज्जैन पहुचने का सबसे अच्छा तरीका रेल से है क्योंकि उज्जैन रेलवे स्टेशन भारत के सभी प्रमुख रेल हेड्स से जुड़ा है। यहाँ आपको ट्रेनों के अलावा, उड़ानें भी उपलब्ध हैं। निकटतम हवाई अड्डा इंदौर में है, जो उज्जैन से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर है।

उज्जैन आने का सबसे अच्छा समय

उज्जैन आने का सबसे अच्छा समय

अगर आप उज्जैन आने का प्लान बना रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय यहां का मौसम अच्छा रहता व गर्मी भी कम होती है।

और पढ़े: उज्जैन के आध्यात्मिक शहर की यात्रा

6. साँची – Sanchi In Hindi

साँची

साँची मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित मध्य प्रदेश प्रमुख लोकप्रिय स्थलों में से एक है। साँची बौद्ध मठ के रूप में भी जाना जाता है यह शहर अशोक निर्मित सांची स्तूप के लिए प्रसिद्ध है। साँची अपने  समृद्ध इतिहास का दाबा करता है, क्योंकि इस शहर ने विभिन्न शासक राजवंशों को देखा है। यहाँ साँची में हमे विभिन्न साम्राज्यों के अवशेष संग्रह, आध्यात्मिक पर्यटन स्थल देखने को मिलते है। इसलिए मध्य प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन के लिए अच्छा स्थान माना जाता है।

साँची में घूमने के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल

  • साँची स्तूप
  • तोरण (महिराब)
  • मठ (Monasteries)

साँची में आप क्या देख सकते हैं

  • यहाँ आप प्रसिद्ध यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल साँची में शामिल साँची स्तूप देख सकते है।
  • विशेष पुरातत्व संग्रहालय (Archaeological Museum) देखने जा सकते है।
  • यहाँ आप और भी स्तूप जैसे स्तूप 1,स्तूप 2,स्तूप 3, आदि भी घूम सकते है।
  • साँची स्तूप में आप मठ 45 और मठ 47 भी घूम सकते है।

साँची कैसे पहुचे

साँची जाने के लिए सबसे सरल आप ट्रेन से जा सकते है, क्योंकि यहाँ सबसे पास रेलवे स्टेशन विदिशा में है जो साँची से 10 किलोमीटर कि दूरी पर है, और आप भोपाल से बस से यात्रा करके भी साँची पहुच सकते है। लेकिन यहाँ अक्सर भीड़ होती है,तो यदि आप भीड़ से बचना चाहते है, तो टैक्सी किराये से लेकर भी साँची जा सकते है।

साँची घूमने का सबसे अच्छा समय

साँची घूमने का सबसे अच्छा समय

अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ साँची घूमने जाने का प्लान बना रहे है, तो यहां अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा होता है, इस समय आपको यहाँ अच्छा मोसम मिलता है।

और पढ़े: साँची स्तूप घूमने की जानकारी और इसके पर्यटन स्थल 

7. भीमबेठिका गुफाएँ – Bhimbetka Caves In Hindi

भीमबेठिका गुफाएँ

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के भियानपुरा में स्थित भीमबेटका गुफाएँ भारत के प्रागैतिहासिक युग का एक अलग ही रूप प्रदान करती है। भीमबेठिका गुफाएँ प्राकृतिक गैलरी की तरह हैं जो कि प्रागैतिहासिक काल से लेकर मध्यकाल तक के चित्रों को संयोजित करती हैं। यहाँ कि यात्रा करना व गुफाओं को देखना किसी साहसिक कार्य से कम नहीं है यह कला-समृद्ध रॉक आश्रयों, भीमबेटका गढ़ और मिनी स्तूप के अवशेषों को संरक्षित करता है। जो बौद्ध प्रभाव की ओर संकेत करते हैं। यहा कई शिलालेख भी पाए गए हैं, जो एक अनिच्छुक युग के साथ-साथ सुंगा, कुषाण और गुप्त काल के थे। भीमबेटका इतिहास प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान है और वास्तव में मध्य प्रदेश में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है।

भीमबेठिका गुफाएँ के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • गुफाएँ की चित्रकला
  • भोजपुर
  • होशंगाबाद

भीमबेठिका में क्या करे

  • यहाँ आप बाघों और गैंडों को देख सकते है।
  • प्रागैतिहासिक काल की नृत्य करने की आकृति देख सकते है ।
  • यहाँ आप भोजपुर ओर होशंगाबाद भी घूम सकते है।

भीमबेठिका गुफाएं कैसे जाये

भीमबेटका गुफाएं भोपाल से लगभग 46 किलोमीटर दुरी पर स्थित है, भोपाल रेल, वायु और सड़क द्वारा भारत के अन्य प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। भीमबेठिका गुफाओं तक पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका पहले भोपाल पहुंचना है, और फिर वहां से भीमबेटका गुफाओं के लिए टैक्सी किराए पर ले कर जा सकते है।

भीमबेठिका गुफाओं की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय

भीमबेठिका गुफाओं की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय

अगर आप भीमबेठिका जाने का प्लान बना रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

और पढ़े: भीमबेटका की जानकारी इतिहास, पेंटिंग 

8. ग्वालियर – Gwalior In Hindi

ग्वालियर

ग्वालियर को भारत के ऐतिहासिक समृद्धि में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण शहरों में से एक माना गया है। ग्वालियर वास्तुकला में समृद्ध मध्य प्रदेश के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जो हमे बताता है कि यह मध्य प्रदेश में दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए एक शानदार स्थान है। ग्वालियर को भारत के ऐतिहासिक समृद्धि में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण शहरों में से एक माना गया है। वैदिक युग से लेकर विद्रोह के समय तक, ग्वालियर मध्य प्रदेश का एक प्रमुख हिस्सा बना रहा। इस शहर में इनके द्वाराछोड़े गये प्राचीन चिह्न स्मारकों, किलों, महलों के रूप में मिल जाएंगे।

ग्वालियर में पर्यटकों के लिए आकर्षण स्थल

  • मान सिंह पैलेस
  • ग्वालियर फोर्ट
  • जय विलास पैलेस
  • सिंधिया संग्रहालय
  • तानसेन तेली का मंदिर
  • सासबहू मंदिर

ग्वालियर में क्या करे

  • यहाँ एमपी टूरिज्म बस में ग्वालियर दर्शन के लिए जाएं
  • मान सिंह पैलेस
  • मोती महल
  • ग्वालियर किले, और जय विलास पैलेस की यात्रा कर सकते है।
  • राजकीय पुरातत्व संग्रहालय जाएँ
  • यहाँ आप ग्वालियर के और भी प्रसिद्ध किले घूम सकते है।

ग्वालियर कैसे पंहुचा जाये

ग्वालियर पहुचना आपके लिये बहुत ही आसन है, क्योंकि यह शहर ट्रेनों, फ्लाइट और बसों द्वारा सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। तो यहाँ आप अपनी सुविधानुसार ट्रेन, बस, कार किसी से भी यात्रा करके ग्वालियर पहुच सकते है।

ग्वालियर जाने का सबसे अच्छा समय

ग्वालियर जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप ग्वालियर कि यात्रा करने का प्लान बना रहे है तो हम आपको बता दे कि अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है। क्योंकि इस समय यहाँ सर्दिया शुरू होती है तो बो आपकी यात्रा को ओर रोमांचक बना देगी।

और पढ़े: ग्वालियर घूमने की जानकारी और प्रमुख पर्यटन स्थल

9. भोपाल – Bhopal In Hindi

भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल यहाँ के लोकप्रिय दर्शिनीय स्थलों में से एक है, झीलों द्वारा दो भागों में विभाजित, मध्य प्रदेश का यह शहर किसी भी इतिहास के शौकीन के लिए घूमने और इतिहास की चीजों को देखने का एक बड़ा अवसर प्रदान करती है। 11 वीं शताब्दी में भोपाल को भोजपाल के नाम से जाना जाता था, आज का भोपाल इतिहास और शहरी नियोजन का एक आदर्श मिश्रण है।19 वीं शताब्दी के मुस्लिम शासकों का एक समृद्ध प्रभाव भोपाल में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और जिसने निश्चित रूप से इस शहर को एक अलग पहचान प्रदान की है जो सभी को मात देता है।

भोपाल के प्रमुख दर्शिनीय स्थल

भोपाल में आप क्या कर सकते हैं

  • यहाँ आप आदिवासी संग्रहालय जा सकते है।
  • यहाँ भोपाल में एमपी टूरिज्म बोट क्लब पर जा सकते है।
  • यहाँ भोपाल में शाम के समय झीलों के किनारे घूम सकते है।
  • भोपाल-ऑन-व्हील्स टॉय-ट्रेन की सवारी का आनंद ले सकते हैं।

भोपाल कैसे जाएं

अगर आप सोच रहे कि हम भोपाल केसे जाये तो, यहाँ पहुचना बहुत ही आसान है क्योंकि यह शहर ट्रेनों, फ्लाइट और बसों द्वारा सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।

भोपाल जाने का सबसे अच्छा समय

भोपाल जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ भोपाल जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको यहाँ अक्टूबर से मार्च के समय जाना चाहिये, क्योंकि इस समय सर्दियां शुरू होती, जो आपके सफ़र को  ओर मनोरंजक बना देगी।

और पढ़े: भोपाल के प्रमुख दर्शनीय और पर्यटक स्थल 

10. बांधवगढ़ नेशनल पार्क – Bandhavgarh National Park In Hindi

बांधवगढ़ नेशनल पार्क

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भारत में बाघ पर्यटन के लिए सबसे अच्छी जगह है। यह  446 वर्ग किमी में फेला हुआ वन्यजीव अभ्यारण्य एक बड़ी जैव विविधता होने के कारण प्रसिद्ध है। आपको यहाँ बाघों की एक बड़ी संख्या देखने को मिलती है जो मध्य प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाता है। बाघों के अलावा, आपको यहाँ पक्षियों की लगभग 250 प्रजातियां, जलीय जानवरों की 80 प्रजातियां और स्तनधारिय जीवों की 37 प्रजातियां देखने को मिलती है। यदि आप मध्य प्रदेश में घूमने के लिए बांधवगढ़ नेशनल पार्क का चुनाव करते हैं तो आपकी यात्रा रोमांच से भरपूर होगी जहां आपको हर मोड़ पर अलग अलग नज़ारे देखने को मिलेगें।

बांधवगढ़ नेशनल पार्क में पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र

  • टाइगर्स बांधवगढ़ फोर्ट
  • नीलगाय
  • गौर (भारतीय बाइसन या जंगली सांड)

बांधवगढ़ नेशनल पार्क में आप क्या कर सकते हैं

  • यहाँ आप हाथी के सवारी करते हुए घूमने के आनंद उठा सकते है।
  • बांधवगढ़ नेशनल पार्क में जीप सफारी में भी घूम सकते है।

बांधवगढ़ नेशनल पार्क कैसे जाए

अगर आप बांधवगढ़ नेशनल पार्क जाना चाहते है तो यहाँ पहुचने का सबसे अच्छा साधन ट्रेन होगा। यहाँ का निकटतम रेलवे स्टेशन उमरिया ओर कटनी में है परन्तु यहाँ कुछ ट्रेने ही जाती है तो इस मामले में सबसे अच्छा होगा कि आप जबलपूर तक ट्रेन से यात्रा करके जा सकते है क्योंकि यह प्रमुख भारतीय शहरों से कई ट्रेनों के साथ अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है ओर फिर वहां से बांधवगढ़ नेशनल पार्क के लिए टैक्सी किराये पर ले सकते है।

बांधवगढ़ नेशनल पार्क घूमने जाने का सही समय

बांधवगढ़ नेशनल पार्क घूमने जाने का सही समय

अगर आप बांधवगढ़ नेशनल पार्क जाने का सोच रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस समय सर्दियां शुरू हो जाती है तो आपको सभी जीव धूप सेंकते हुए दिख सकते हैं।

11. महेश्वर – Maheshwar In Hindi

महेश्वर

महेश्वर मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के तट पर स्थित, प्रमुख लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है, जिसे अक्सर ‘मध्य भारत के वाराणसी’ के रूप में जाना जाता है, माहेश्वर भगवान शिव जी को समर्पित एक छोटा शहर है। यहाँ यह कहा जाता है कि यह पवित्र नगर कभी हिंदू भक्तों के लिए प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में से एक था, आज भी महेश्वर आध्यात्मिक अनुभव चाहने वालों के लिये प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। आध्यात्मिकता के अलावा, महेश्वर उन लोगों के लिए एक उत्कृष्ट केंद्र है जो अपनी आँखों से कुछ बेहतरीन भारतीय वास्तुकला को देखना चाहते हैं।

महेश्वर के प्रमुख दर्शिनीय स्थल

  • एक मुक्खी दत्ता मंदिर
  • सहस्त्र अर्जुन मंदिर
  • राजराजेस्वर मंदिर
  • महेश्वर प्लेस
  • बाणेश्वर मंदिर
  • काशी विस्वनाथ मंदिर
  • चतुर्भुज नारायण मंदिर
  • अहिल्या बाई की प्रतिमा
  • चिंतामणि गणपति मंदिर
  • पंधारिनाथ मंदिर
  • भवानी माता मंदिर
  • गोबर गणेश मंदिर
  • बाँके बिहार
  • अनंत नारायण मंदिर
  • खेड़ापति पति हनुमान
  • राम ओर कृष्णा मंदिर
  • कालेश्वर
  • ज्वालेस्वर ओर नरसिंह मंदिर

महेश्वर में आप क्या कर सकते है

  • महेश्वर में आप यहाँ के घाट घूम सकते है ओर उनके बारे में जान सकते है।
  • यहाँ आप माहेश्वरी साड़ी व और हाथ से बनी हुई चीजों को खरीद सकते है।

महेश्वर कैसे जाये

महेश्वर इंदौर शहर के काफी करीब है, इसलिए महेश्वर पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका पहले आपको  ट्रेन, बस या फ्लाइट से इंदौर पहुंचना होगा, फिर वहा से आप कैब या लोकल बस से महेश्वर पहुच सकते है।

महेश्वर जाने का सबसे अच्छा समय

महेश्वर जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप महेश्वर जाने का प्लान बना रहे है तो हम आपको यहाँ बता दे कि नवंबर से फरवरी, का समय महेश्वर जानें के लिए सबसे अच्छा माना जाता है यहाँ आप फरवरी के समय शिवरात्रि और पवित्र नदी महौत्सव देख सकते हैं, नवंबर के समय निमाड़ उत्सव का आनंद ले सकते है और यदि आप मई के समय आते है तो अहिल्याबाई होल्कर के जन्मदिन समारोह में शामिल हो सकते है।

12. मांडू – Mandu In Hindi

मांडू

मांडू पहाड़ी पर स्थित, इतिहास में रूचि रखने वालो के लिए मध्य प्रदेश का एक आदर्श पर्यटन स्थल है। इस छोटे से शहर को मध्य भारत का हम्पी भी कहा जाता है। मांडू मध्य प्रदेश के अन्य ऐतिहासिक स्थानों की तरह वास्तुशिल्प भव्यता से परिपूर्ण है जो यहां के विभिन्न शासक युगों के प्रभाव को दर्शाता है। वास्तव में यह शहर मध्य प्रदेश के दिल में छिपा एक खजाना है। यहाँ कि हरियाली, प्राकृतिक सुन्दरता यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होती है। अगर आप मध्य प्रदेश में घूमने आ रहे है तो आपको मांडू जरूर आना चाहिए।

मांडू के प्रमुख लोकप्रिय दर्शनीय स्थल

  • नील कंठ महल
  • रूपमती का मंडप (Rupmati’s Pavilion)
  • बाज बहादुर का महल
  • जहाज महल
  • हिंडोला महल
  • अशरफी महल
  • जामी मस्जिद
  • चम्पा बावड़ी और हम्माम
  • होशंगशाह का मकबरा
  • इको पॉइंट
  • दारा खान का मकबरा

मांडू में यह देख या कर सकते हैं

  • मांडू में आप रेवाकुंड घूम सकते है।
  • यहाँ आप रूपमती पवेलियन से सनसेट (सूर्यास्त) का सुन्दर नजारा देख सकते है।
  • यहाँ आप मांडू के गांवों के प्राकृतिक नज़ारे देख सकते है।

मांडू कैसे जाएं

मांडू इंदौर शहर से केवल 2 घंटे (97.4 km) की दूरी पर है। तो, आपके लिए मांडू जानें का आदर्श तरीका यह होगा कि आप फ्लाइट या ट्रेन से इंदौर पहुंचें और फिर मांडू के लिए एक टैक्सी लेंकर वहां पहुच सकते है।

मांडू जाने का सबसे अच्छा समय

मांडू जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप आपने दोस्तों या परिवार के साथ मांडू जाने का सोच रहे है, तो मांडू जाने के लिए अक्टूबर-मार्च सबसे अच्छा समय है क्योंकि इस अवधि में अच्छे मौसम का अनुभव होता है। मध्य प्रदेश के अन्य भागों की तरह मार्च से मई तक ग्रीष्मकाल में यहां काफी गर्मी होती है। इसलिए, हम आपको सर्दियों के मौसम को मांडू की यात्रा करने की सलाह देते हैं। दूसरी ओर, मांडू में मानसून भी कभी-कभार होने वाली बारिश के साथ सुखद होता है, जो गर्मियों की तुलना में तापमान को कम बनाए रखता है। अगर आप सितंबर में मांडू जाते हैं तो यहाँ की गणेश चतुर्थी  त्यौहार का आनंद ले सकते हैं।

13. भिंड – Bhind In Hindi

भिंड

मध्य प्रदेश के चंबल संभाग में स्थित भिंड मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलो में से एक माना जाता है। भिंड अपनी स्थापत्य सुंदरता के लिए जाना जाता है, और मध्य प्रदेश राज्य के लिए एक और महत्वपूर्ण दर्शिनीय स्थल है। भिंड मंदिरों, ऐतिहासिक संरचनाओं से परिपूर्ण, वास्तुशिल्प नमूने का आनंद लेने के लिए दुनिया भर के इतिहास प्रेमियों को अपनी आकर्षित करता है।

भिंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

  • माता रेणुका मंदिर
  • बरानसो का जैन मंदिर
  • गोहड़ का किला
  • अटेर का किला
  • नारददेव मंदिर

भिंड में क्या क्या कर सकते है

  • यहाँ भिंड में पचनदा घूम सकते है जहा पाहुज नदी, सिंध नदी, क्वारी नदी, चंबल नदी और यमुना नदी का संगम होता है।
  • आप यहाँ के सदर बाजार में खरीददारी कर सकते है।
  • आप यहाँ अटेर के किला भी घूमने जा सकते है।

भिंड कैसे पहुचे

अगर भिंड जाना चाहते है तो सबसे सरल माध्यम आप ट्रेन से यात्रा करके आप भिंड पहुच सकते है, क्योंकि यहां भिंड रेलवे स्टेशन है और यह भारत के कई शहरों से जुड़ा हुआ है।

भिंड घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

अगर भिंड जाने का प्लान बना रहे है तो नवंबर से फरवरी का समय सबसे अच्छा माना जाता है,क्योंकि इस समय यहाँ का मोसम बहुत ही अनुकूल होता है। जिससे आपका सफ़र ओर बेहतर बन सकता है।

14. ओमकारेश्वर – Omkareshwar In Hindi

ओमकारेश्वर

ओमकारेश्वर मध्य प्रदेश के ही नही बल्कि भारत के भी सबसे लोकप्रिय व तीर्थ स्थलों में से एक है। यह नर्मदा नदी व कावेरी नदी के संगम पर बसा हुआ पवित्र नगर है। यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, इसलिए कोई भी इस पवित्र शहर के महत्व का अनुमान लगा सकता है। यहाँ देनिक परेशानियों और हलचल भरी भीड़ से दूर आपको एक अलग ही आध्यात्मिकता की अनुभूति मिलती है। जहा शांति के अलावा और कुछ महसूस नही होता है। ओमकारेश्वर के कई मंदिरों में आप अपने आप को आध्यात्मिकता में ढालने, और यहाँ समय बिताने के लिए बाध्य हो जायेंगें।

ओमकारेश्वर के प्रमुख तीर्थ स्थल

  • सिद्धनाथ मंदिर
  • रणमुक्तेश्वर मंदिर
  • काजल रानी गुफा
  • 24 अवतार
  • श्री ओंकार मांधाता मंदिर
  • पेशावर घाट
  • गोरी सोमनाथ मंदिर
  • केदारेश्वर मंदिर
  • श्री गोविंदा भगवतपद गुफा
  • ममलेश्वर ज्योत्रिलिंग
  • अहिल्या घाट
  • ओमकारेश्वर बांध

ओमकारेश्वर की यात्रा में क्या क्या कर व देख सकते है

  • यहाँ आप ओमकारेश्वर मंदिर घूमने जा सकते है ।
  • ओमकारेश्वर में आप गोमुख घाट पर भी समय बिता सकते है, यहाँ आपको एक अलग ही आनंद कि अनुभूति होगी।
  • यहाँ आप ममलेश्वर मंदिर भी जा सकते है।
  • अगर आपके पास टाइम कि कमी न हो तो ओमकारेश्वर बांध भी देखने जा सकते है।

ओमकारेश्वर कैसे जाएं

अगर आप ओमकारेश्वर जा रहे है तो ट्रेन आपके लिए सबसे सरल साधन है क्योंकि यहाँ नजदीक ही ओमकारेश्वर रेलवे स्टेशन है ओर यदि आप हवाई यात्रा करके यहां आना चाहते है तो इसके लिए आप पहले इंदौर आ सकते है फिर वहा से बस या टैक्सी से ओमकारेश्वर पहुच सकते हैं।

ओमकारेश्वर जाने का सबसे अच्छा समय

ओमकारेश्वर जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप ओमकारेश्वर जाने का प्लान बना रहे है तो सितंबर से मार्च इसके लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

और पढ़े: ओंकारेश्वर पर्यटन स्थल और दर्शनीय स्थल की जानकरी 

15. भोजपुर – Bhojpur In Hindi

भोजपुर

मध्य प्रदेश में बेतवा नदी के तट पर स्थित भोजपुर एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है और कहा जाता है कि यह एक ऐसा शहर है जो कभी पूरा नहीं हो सकता। ऐसा माना जाता है कि इस शहर की स्थापना प्रसिद्ध परमार वंश के शासक राजा भोज ने की थी। भोजपुर कई धरोहरों को संरक्षित करता है जो 11 वीं शताब्दी के हैं। मंदिर, रॉक पेंटिंग, गुफाएं और महल सभी आर्ट के काम से सुशोभित हैं, जो निश्चित रूप से किसी भी इतिहास प्रेमी को लुभा सकते हैं। भोजपुर वास्तव में मध्य प्रदेश के समृद्ध इतिहास के बारे में जानने के लिए मध्य प्रदेश में घूमने की प्रमुख जगहों में से एक है।

भोजपुर के प्रमुख पर्यटनीय स्थल

  • भोजेस्वर मंदिर
  • भोज का शाही महल
  • पार्वती गुफा
  • जैन मंदिर
  • चित्र और खदान

भोजपुर में क्या कर सकते है व कहा घूम सकते है

  • आप यहा भीमबेटका गुफाएं भी घूम सकते है जो भोजपुर से 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
  • अगर आप भोजपुर आये है तो आप यहाँ से सेठानी घाट और होशंगाबाद के किले भी घूम सकते है, जो भोजपुर से लगभग 51 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • आप यहाँ स्थानीय पकवानों जेसे – भुट्टे के कीस, मावा-बाटी, खोपरापाक और मालपुवा का भी लुफ्त उठा सकते है।
  • मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हस्तशिल्प चीजों को भी खरीद सकते हैं।

भोजपुर कैसे पहुचे

भोजपुर पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका सबसे पहले आप को भोपाल पहुंचना है, भोपाल के लिए कई ट्रेनें और बसें हैं और यहां तक कि देश के विभिन्न हिस्सों से फ्लाइट भी नियमित रूप से चलती हैं। फिर वहां से आप टैक्सी से भोजपुर पहुच सकते है, भोपाल से भोजपुर लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर है।

भोजपुर जाने का सबसे अच्छा समय

भोजपुर जाने के लिए सितंबर से मार्च सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस समय सर्दियां शुरू हो जाती है जो आपके सफ़र के लिए अनुकूल होती है।

16. चित्रकूट – Chitrakoot In Hindi

चित्रकूट

चित्रकूट मप्र और उत्तर प्रदेश दोनों में फैला हुआ एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। चित्रकूट को ऐतिहासिक महत्व देने वाला पवित्र शहर माना जाता है। चित्रकूट का जंगल ही था, जहां भगवान राम और सीता ने अपने वनवास के 11वर्षों तक निवास किया था। इस प्रकार, चित्रकूट ने इतिहास प्रेमियों के साथ-साथ कई हिंदू भक्तों का ध्यान आकर्षित किया। यह छोटी सी जगह, किसी भी आकर्षण से कम नहीं है और अगर आपको मध्य प्रदेश में घूमने के लिए कोई जगह चुननी है तो आपको चित्रकूट की यात्रा अवश्य करनी चाहिए।

चित्रकूट के प्रमुख तीर्थ स्थल

  • रागाव प्रयाग घाट
  • कामदगिरी
  • भरत मिलाप मंदिर
  • सती अनुसूया आश्रम
  • जानकी कुंड
  • स्फतिक शिला
  • हनुमान धारा मंदिर
  • लक्ष्मण चौकी
  • भरत कूप
  • प्रमोद वन
  • सरयू धारा
  • शबरी फॉल
  • विरध कुंड
  • काली बराह फॉल
  • राम शैया
  • मयूरध्वज आश्रम

चित्रकूट में क्या क्या कर व देख सकते है

  • धारा मंदिर से चित्रकूट के अद्भुद दृश्य देख सकते है चित्रकूट में राम घाट पर समय बिता सकते है।
  • यहाँ आप कामदगिरी मंदिर भी घूम सकते है।
  • चित्रकूट में आप जानकी कुंड घूम सकते है।
  • यहाँ आप सती अनुसूया आश्रम भी घूम सकते है ।
  • आप यहाँ स्फतिक शिला पर भगवान राम के चरणों के निशान देख सकते है।

चित्रकूट कैसे जाएं

चित्रकूट पहुँचने का सबसे अच्छा तरीका आप ट्रेन से जाना है चित्रकूट का निकटतम रेलवे स्टेशन कर्वी है, जहां कुछ ट्रेनें ही रूकती हैं। तो आप पहले इलाहाबाद जा सकते है जो कि 130kms की दूरी पर स्थित है वहां से आप चित्रकूट की लिए बस ले सकते है।

चित्रकूट घूमने जाने का अच्छा समय

चित्रकूट घूमने जाने का अच्छा समय

अगर आप अपने परिवार के साथ चित्रकूट जाने का प्लान बना रहे है तो अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा माना जाता है।

और पढ़े: चित्रकूट के टॉप 20 आकर्षण स्थल की जानकारी

17. इंदौर – Indore In Hindi

इंदौर

इंदौर मालवा पठार के दक्षिणी किनारे पर स्थित भारत के सबसे आधुनिक शेहरो में एक है। इंदौर मध्य प्रदेश का वाणिज्यिक केंद्र है। इंदौर भारत के सबसे स्वचछ शेहरो में शीर्ष स्थान पर है। हालाँकि यह शहर बहुत अधिक भीड़भाड़ वाला है, लेकिन जब एक पर्यटक की नज़र से देखा जाए तो यह शहर भी दिलचस्प हो सकता है। महलों से लेकर संग्रहालय तक और मंदिरों से लेकर पार्कों तक, इंदौर में आपको यह सब देखने को मिलता है!  इंदौर एक आधुनिक और ऐतिहासिक दुनिया का मिश्रण है।

इंदौर के प्रमुख दर्शिनीय स्थल

  • मुहदी जलप्रपात
  • नेहरु पार्क
  • रजवाड़ा पैलेस
  • लालबाग पैलेस
  • कांच मंदिर
  • केंद्रीय संग्रहालय
  • टाउन हॉल
  • चोखी ढाणी

इंदौर में क्या देख व कर सकते है

  • इंदौर में आप महू (MHOW) (युद्ध का सैन्य मुख्यालय) पर जा सकते है ।
  • अगर आप इंदौर आये है तो आप यहाँ ओमकारेश्वर भी घूमने जा सकते है।
  • पाताल पानी में घूमने जा सकते हैं।

इंदौर कैसे पंहुचा

इंदौर वायु और रेल मार्गों द्वारा भारत के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यूपी और एमपी के कई शहरों से इंदौर के लिए बसें भी है। तो आप बस, ट्रेन या हवाई यात्रा करके आसानी से इंदौर जा सकते है।

इंदौर घूमने जाने का सही समय

इंदौर घूमने जाने का सही समय

अगर आप इंदौर घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो यहां आने का अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय सर्दियाँ शुरू होती है जो इंदोर घूमने के लिए अनुकूल होती हैं।

और पढ़े: इंदौर में घूमने लायक पर्यटन स्थलों की जानकारी 

18. जबलपुर – Jabalpur In Hindi

जबलपुर

जबलपुर नर्मदा नदी के तट पर स्थित, प्राकृतिक सुंदरता और कई पर्यटक आकर्षणों के लिए मध्य प्रदेश के सबसे अच्छे पर्यटक स्थलों में से एक माना जाता है। जबुलपुर शहर ग्रेनाइट और बलुआ पत्थर की पहाड़ियों से घिरा हुआ है, और संगमरमर की चट्टानों और निकटतम राष्ट्रीय उद्यानो के लिए प्रसिद्ध जगह है। तो अगर आप मध्य प्रदेश में कहीं घूमना चाहते है, तो इसके लिए जबुलपुर एक आदर्श स्थान है।

जबलपुर के प्रमुख दर्शनीय पर्यटक स्थल

  • संग्राम सागर लेक
  • मदन महल किला
  • पिसनहारी की मढ़िया और जैन मंदिर
  • भेडाघाट
  • रानी दुर्गावती स्मारक और संग्रहालय
  • धुआंधार जल प्रपात
  • संगमरमर की चट्टाने
  • गुरुद्वारा ग्वारी घाट
  • शिव मंदिर कचनार सिटी
  • बरगी डेम
  • डुमना नेचर रिजर्व पार्क
  • बाजनामठ भैरव बाबा मंदिर

जबलपुर में यह करे

  • जबुलपुर में यहाँ के भेडाघाट में धुआंधार जल प्रपात का सुन्दर नजारा जरूर देख सकते हैं।
  • यहाँ आप मार्बल रॉक्स में नोक विहार का आनंद भी उठा सकते है।
  • यहाँ आप कचनार सिटी में 76 मीटर उची शिव जी कि मूर्ति देख सकते है।
  • जबुलपुर में आप बैलेंसिंग रॉक देखें सकते है।
  • यहाँ आप ग्वारी घाट में आरती में शामिल भी हो सकते है।
  • यहाँ जबुलपुर में आपको यहाँ स्थानीय पकवान जेसे-गाक्कड़ –भरता ,खोये के जलेवी जेसे पकवानों का लुफ्त भी उठाना चाहिए।
  • यहाँ जबुलपुर में आप बरगी डेम भी घूम सकते है।

जबलपुर केसे पहुचे

जबुलपुर ट्रेन, और सड़क मार्ग से लगभग सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।तो आपको जबलपुर पहुंचने का सबसे आसान और सस्ता तरीका आप ट्रेन में यात्रा करके जबलपुर पहुच सकते है।

जबलपुर आने का सबसे अच्छा समय

जबलपुर आने का सबसे अच्छा समय

अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ जबलपुर की  यात्रा का प्लान बना रहे है, तो हम आपको बता दे कि अक्टूबर से मार्च का समय यहाँ आने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। आप यहाँ जून –जुलाई में भी यहाँ आ सकते है क्योंकि इस समय मानसून शुरू होते है जो आपको ओर आकर्षित करेगे।

और पढ़े: जबलपुर पर्यटन स्थल और घूमने की जानकारी

19. कटनी – Katni In Hindi

कटनी

Credit Image: Yogeshwar Verma

कटनी इतिहास प्रेमियों के लिए मध्य प्रदेश के प्रमुख स्थानों में से एक है। देखा जाये तो कटनी सांस्कृतिक विरासत का एक समृद्ध भंडार है, क्योंकि यहां महाकौशल, बुंदेलखंड और बघेलखंड के अवशेष देखे जा सकते हैं। कटनी अपने नाम के पीछे एक दिलचस्प इतिहास समेटे हुए है। और कहा जाता है कि कटनी का नाम कटनी इसीलिए पड़ा क्योंकि यहाँ के बहादुर लोग, विद्रोहियों और लूटेरों के सिर काटते थे, ओर लोगो को डराने के लिए उन्हें लटका दिया जाता था। और इन बहादुर लोगो को पुरस्कृत भी किया जाता था। तो अगर आप मध्य प्रदेश के इतिहास के बारे में जानना चाहते है तो कटनी आपके लिए मध्य प्रदेश की एक शानदार जगह है।

कटनी के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • बहोरीबंद
  • विजयराघवगढ़ का किला
  • रूपनाथ
  • भिलारी
  • झिंझारी

कटनी में क्या कर सकते हैं

  • यहाँ आप बहोरीबंद में जैन तीर्थंकर शांतिनाथ की 12 फीट ऊंची प्रतिमा को देख सकते है।
  • कटनी में आप विजय राघवगढ़ का किला घूम सकते है।
  • यहाँ कटनी में रूपनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते है।

कटनी केसे पहुचे

कटनी में खुद का रेलवे स्टेशन है, इसलिए आपको यहां पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका ट्रेन से होगा। इसके अलावा,आप पहले जबलपुर आ सकते है, से जो कि मध्य प्रदेश का एक प्रमुख केंद्र है। जबलपुर से कटनी आप बस से या ट्रेन से यात्रा करके पहुच सकते है।जबुलपुर से कटनी लगभग 83 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

कटनी जाने का अच्छा समय

अगर आप कटनी जाने का सोच रहे है तो कटनी जाने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय यहाँ सर्दियों का मोसम शुरू होता है जो आपके सफ़र को ओर रोमांचक बना देंगी।

20. छतरपुर – Chhatarpur In Hindi

छतरपुर

Image Credit: Prakash Verma

छतरपुर मध्य प्रदेश के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। छतरपुर अपने विरासत पर्यटनीय स्थलों के लिए प्रसिद्ध है, यह मध्यप्रदेश के शिखर पर वसा हुआ एक खूबसूरत ऐतिहासिक शहर है। यह शांति और सुंदरता पसंद करने वाले पर्यटको के लिए एक आदर्श स्थान हो सकता है। आपको यहाँ कि प्राकृतिक सुन्दरता से अलग ही आनंद कि अनुभूति होगी। अगर आप ऐतिहासिक स्थल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि के बारे में जानना चाहते है तो इसके लिए छतरपुर मध्य प्रदेश की एक आदर्श जगह हो सकती है।

छतरपुर के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल

  • खुजराहो
  • हनुमान टोरिया
  • जटाशंकर
  • पांडव जलप्रपात
  • आदिनाथ मंदिर
  • बम्बर बेनी मंदिर
  • कालिंजर का किला

छतरपुर में क्या कर सकते है

  • यहाँ छतरपुर में आप खुजराहो मंदिर घूमने जा सकते हैं।
  • यहाँ पांडव जलप्रपात का सुन्दर नजारा भी देख सकते हैं।
  • यहाँ कालिंजर का किला भी घूम सकते हैं।

छतरपुर कैसे जाएं

अगर आप छतरपुर जा रहे है, तो आप पहले ट्रेन से खुजराहो जा सकते है, फिर वहा से आप छतरपुर बस या टैक्सी से यात्रा करके आसानी से पहुच सकते हैं।

छतरपुर जाने का सही समय

अगर आप छतरपुर जाने का प्लान बना रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा समय माना जाता है।

21. पचमढ़ी – Pachmarhi In Hindi

पचमढ़ी

पचमढ़ी मध्य प्रदेश ही नही बल्कि भारत के सबसे लोकप्रिय व घूमे जाने वाले हिल्स स्टेशनो में से एक है। यह खूबसूरत की वादियों में खोया हुआ अद्भुद हिल्स स्टेशन है। आपको चिलचिलाती गर्मी से राहत दिलाने के लिए पचमढ़ी सबसे बेस्ट स्थान है। यह खूबसूरत हिल स्टेशन जंगल में गुफा, चित्रों, दृश्यों, झरनों और झीलो के लिए प्रसिद्ध है। पचमढ़ी की खूबसूरती को अशोक और चक्रव्यूह जैसी बॉलीवुड फिल्मो में भी दिखाया गया है। यह एक ऐसा पर्यटन स्थल है, जो पर्यटकों के लिए बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। अगर आप अपनी डेली लाइफ को भूलकर कुछ दिन अपने परिवार या दोस्तों के मध्य प्रदेश में कही घूमना चाहते है तो पचमढ़ी आपके लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है।

पचमढ़ी के लोकप्रिय दर्शनीय पर्यटक स्थल

  • धूपगढ़
  • अप्सरा विहार
  • जटाशंकर
  • पनार पानी
  • पांडव गुफा
  • चोरागढ़ मंदिर
  • रजत प्रपात
  • बड़े महादेव
  • महादेव मंदिर
  • राजेन्द्रगिरी सनसेट पॉइंट
  • प्रियदर्शनी पॉइंट
  • हांड़ी कोह
  • जमुना जल प्रपात
  • महादेव गुफा
  • सतपुड़ा नेशनल पार्क

पचमढ़ी में देखे

  • पचमढ़ी में आप यहां कि झीलो के किनारे घूम सकते है व वहा के सुन्दर नज़ारे का आनंद उठा सकते हैं।
  • यहाँ आप पांडव गुफा भी घूम सकते है, जहा पांडवो ने अपने वनवास का कुछ समय यहाँ बिताया था।
  • आप पचमढ़ी के राजेंद्र गिरी सनसेट पॉइंट से सनसेट का सुन्दर नजारा भी देख सकते है।
  • पचमढ़ी में आप कैथोलिक चर्च भी जा सकते है।
  • यहाँ आप छावनी में ऑर्केस्ट्रा भी सुन सकते है।

पचमढ़ी केसे पहुचे

पचमढ़ी जाने का सबसे अच्छा तरीका पहले आपको ट्रेन से पिपरिया तक पहुंचना है। पिपरिया से पचमढ़ी की दूरी 52 किलोमीटर है, यहां से आप कैब, या बस से यात्रा करके पचमढ़ी पहुच सकते हैं।

पचमढ़ी घूमने जाने का सही समय

पचमढ़ी घूमने जाने का सही समय

यदि आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ पचमढ़ी जाने का प्लान बना रहे है, तो हम आपको बता दे कि अक्टूबर से जून का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

और पढ़े: पचमढ़ी हिल स्टेशन की यात्रा और अन्य जानकारी 

22. पेंच नेशनल पार्क – Pench National Park In Hindi

पेंच नेशनल पार्क

पेंच नेशनल पार्क एक ऐसी जगह जो मध्य प्रदेश पर्यटन के लिए एक गौरवपूर्ण है, पेंच नेशनल पार्क का कुछ हिस्सा मध्य प्रदेश व कुछ हिस्सा महाराष्ट्र में फेला हुआ है। पेंच नेशनल पार्क वनस्पतियों और जीवों का एक समृद्ध भंडार है। यह पार्क कई लुप्त प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय है। 758 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह पार्क सांड, चीतल, सांभर, नीलगाय और तेंदुओं जैसी प्रजातियों का घर है। इस पार्क में कई प्रकार के पक्षी और साप भी पाए जा सकते हैं ओर यही कारण है कि यह मध्य प्रदेश में घूमने व वन्यजीवों को देखने के लिए मध्य प्रदेश का एक आदर्श स्थान है।

पेंच नेशनल पार्क के आकर्षण के केंद्र

  • जंगली सांड
  • सांभर
  • जंगली बिल्ली
  • नीलगाय

पेंच नेशनल पार्क में क्या कर सकते है

पेंच नेशनल पार्क में आप जीप सफारी का आनंद उठा सकते है।

पेंच नेशनल पार्क कैसे जाएं

अगर आप ट्रेन से यात्रा करके पेंच नेशनल पार्क आ रहे है तो आपको पहले जबलपुर आना होगा। यहाँ से पेंच नेशनल पार्क लगभग 192 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित है, आप यहाँ से टैक्सी, कार या बस से पेंच नेशनल पार्क पहुच सकते है।

पेंच नेशनल पार्क जाने का सही समय

पेंच नेशनल पार्क जाने का सही समय

अगर आप पेंच नेशनल पार्क घूमन जाने का प्लान बना रहे है, तो पेंच नेशनल पार्क घूमने के लिए अक्टूबर से जून का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

और पढ़े: पेंच राष्ट्रीय उद्यान घूमने की पूरी जानकारी

23. रीवा – Rewa In Hindi

 रीवा

Image Credit: Er.Pankaj Dwivedi

रीवा मध्य प्रदेश का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण स्थान है। रीवा अपने संग्रहालय, झरने ओर ऐतिहासिक गांवों के लिए जाना जाता है, रीवा मध्य प्रदेश में प्रकृति प्रेमी पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थान है। रीवा कई पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो गया है। किले और महल इस जगह को, पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनाते हैं। तो यदि आप मध्य प्रदेश में कही घूमना चाहते है तो आपको सूचनात्मक यात्रा की गारंटी दी जा सकती है, क्योंकि यह शहर अपनी गति से चलता है।

रीवा के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • बघेल संग्रहालय
  • रीवा का किला
  • पिली कोठी
  • गोविन्दगढ़ किला
  • वेंकट भवन
  • रानी तालाब
  • अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय
  • भैरव बाबा की प्रतिमा
  • रायपुर करचुलियन
  • केवटी जलप्रपात
  • पुरवा जलप्रपात

रीवा में आप क्या कर सकते हैं

  • रीवा में आप केवटी जलप्रपात घूमने जा सकते हैं।
  • यहाँ रीवा ओर गोविन्दगढ़ किला भी घूम सकते हैं।
  • रीवा में आप वेंकट भवन भी घूम सकते हैं।

रीवा केसे पहुचे

रीवा भारत के कई शहरों के साथ रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आपके लिए रीवा पहुँचने का सबसे अच्छा तरीका नई दिल्ली, जबलपुर और भोपाल से ट्रेन से रीवा पंहुचा जा सकता है।

रीवा जाने का सही समय

अगर आप रीवा घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय रीवा जाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

24. विदिशा – Vidisha In Hindi

विदिशा

मध्य प्रदेश में स्थित विदिशा एक शानदार ऐतिहासिक स्थलो में से एक है। विदिशा के वास्तु वेदों के किले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विदिशा इतिहास प्रेमियों के लिए बहुत सारी चीजें प्रस्तुत करता है। विदिशा में मिले अवशेषों से मध्य प्रदेश के समृद्ध अतीत की स्पष्ट तस्वीरे देखने को मिलती है। सच में विदिशा मध्य प्रदेश की एक ऐतिहासिक जगह है, तो आप मध्य प्रदेश में कही घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो विदिशा आपके घूमने के लिए एक अच्छी जगह हो सकती है।

विदिशा के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • सोला-कांबी मंदिर
  • दशावतार मंदिर
  • खंबा बाबा
  • गिरधारी मंदिर
  • ग़दरमल मंदिर

विदिशा में आप क्या कर सकते हैं

  • विदिशा में आप बीजामंडल घूम सकते हैं ।
  • यहाँ विदिशा में आप परमार शासकों द्वारा बनाए गए मंदिर घूम सकते हैं।
  • यहाँ आप साँची स्तूप देख सकते हैं।
  • ओर आप यहाँ बेतवा नदी के किनारे समय बिता सकते हैं।

विदिशा कैसे जाएं

विदिशा पहुंचने के लिए ट्रेन, कार या बस सबसे अच्छा तरीका है। विदिशा भारत के प्रमुख शहरो से ट्रेन ओर बस के मार्गो से जुड़ा हुआ है।

विदिशा जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप विदिशा की यात्रा का प्लान बना रहे है तो विदिशा जाने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा समय माना जाता है। क्योंकि इस समय यहाँ सर्दियां शुरू होती है।

25. शिवपुरी – Shivpuri In Hindi

शिवपुरी

मध्य प्रदेश का एक प्राचीन शहर शिवपुरी मध्य प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटक स्थलों में से एक है। शिवपुरी मध्य प्रदेश के समृद्ध इतिहास के बारे में बताता है। यहाँ शिवपुरी में किलों, महलों और छत्रियों (सेनोटाफ्स) सहित कई प्राचीन इमारतें बनी हुई हैं। शिवपुरी कभी ग्वालियर के सिंधिया शासकों की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। यह शिवपुरी शहर राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और झरनों के लिए भी प्रसिद्ध है। आपके परिवार या दोस्तों के साथ मध्य प्रदेश में घूमने के लिए शिवपुरी एक आदर्श जगह हो सकती है।

शिवपुरी के लोकप्रिय दर्शनीय पर्यटक स्थल

  • माधव नेशनल पार्क
  • सोन चिड़िया पक्षी अभयारण्य
  • भूरा खो जलप्रपात
  • भादिया कुंड
  • नरवर किला
  • माधव विलास महल
  • महुआ शिवा मंदिर
  • सखा सागर झील
  • तात्या टोपे स्मारक

शिवपुरी के आप क्या कर सकते हैं

  • शिवपुरी में आप भूरा खो जलप्रपात और भादिया कुंड में पिकनिक मना सकते हैं।
  • यहाँ शिवपुरी में आप माधव नेशनल पार्क घूमने जा सकते हैं।
  • शिवपुरी में आप सोन चिड़िया पक्षी अभयारण्य में पक्षियों को देख सकते हैं।

शिवपुरी केसे पहुचें

शिवपुरी भारत के कई शहरों से रेल और सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। तो शिवपुरी पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका ट्रेन से होगा। ओर आप बस या कार से यात्रा करके भी शिवपुरी पहुच सकते हैं।

शिवपुरी घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

शिवपुरी घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप शिवपुरी की यात्रा करने का सोच रहे हैं, तो हम आपको बता दे कि अक्टूबर से मार्च का समय शिवपुरी आने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। क्योंकि इस समय यहाँ सर्दियां शुरू होती है। जो आपके सफ़र को ओर रोमांचक बना देती है।

26. देवगढ़ – Deogarh In Hindi

देवगढ़

Image Credit: Shanu Vish

ललितपुर की पहाड़ियों की श्रेणी में स्थित, मध्य प्रदेश का यह एक सुंदर गाँव देवगढ़ मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। इस प्यारी सी जगह से होकर बहने वाली बेतवा नदी इस गाँव की सुंदरता को और बढ़ाती है। देवगढ़ कभी एक किलेबंद शहर था, और देवगढ़ जैन वास्तुकला को देखने के लिए मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण स्थान था। हालाँकि अब कुछ यहाँ खंडहर हो चुके है। तो अगर आप मध्य प्रदेश में घूमने का सोच रहे है तो देवगढ़ आपके घूमने के लिए अच्छी जगह है।

देवगढ़ के प्रमुख दर्शनीय पर्यटक स्थल

  • देवगढ़ का किला
  • चंदेरी
  • माताटीला डैम
  • दशावतार मंदिर
  • किर्तिगिरिदुर्ग किला
  • जैन मंदिर
  • राजघाट
  • सिद्धि की गुफा

देवगढ़ में आप क्या कर सकते हैं

  • देवगढ़ में आप दशावतार मंदिर और शांतिनाथ मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।
  • यहाँ आप देवगढ़ के माताटीला डेम के किनारे पिकनिक माना सकते हैं।
  • देवगढ़ में आप चंदेरी साड़ीयां खरीद सकते हैं।

देवगढ़ कैसे जाएं

देवगढ़ पहुंचने के लिए सबसे सुविधाजनक मार्ग पहले आपको ट्रेन से ललितपुर पहुंचना है। ललितपुर से देवगढ़ की दुरी केवल 23 किलोमीटर की दूरी पर है। तो फिर आप ललितपुर से देवगढ़ कैब या बस से जा सकते हैं।

देवगढ़ आने का सबसे अच्छा समय

देवगढ़ आने का सबसे अच्छा समय

Image Credit: Nutan Bisare

अगर आप देवगढ़ जाने का प्लान बना रहे है तो सितंबर से मई देवगढ़ आने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। यहाँ आप इस समय जैन मेला ओर गजरथ महोत्स्व में शामिल हो सकते हैं।

27. श्योपुर – Sheopur In Hindi

 श्योपुर

Image Credit: Jeetu Bana

मध्य प्रदेश में स्थित श्योपुर जिला लकड़ी की नक्काशी के समृद्ध कौशल के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाये तो श्योपुर को मध्य प्रदेश का शिल्प का केंद्र भी कहा जा सकता है। श्योपुर में लकड़ी के काम के अलावा, (कुनो) वन्यजीव अभयारण्य श्योपुर का मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तो यदि आप मध्य प्रदेश में घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो आप श्योपुर घूम सकते है।यह एक छोटी सी जगह वास्तव में आकर्षक है और आपको यहाँ मध्य प्रदेश  के लोगों की जीवनशैली देखने को मिलती है।

श्योपुर के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • कुनो वन्यजीव अभयारण्य
  • काकेटा जलाशय
  • मानपुर का किला
  • बड़ोदा किला
  • श्योपुर का किला
  • सहरिया संग्रहालय

श्योपुर में आप क्या कर सकते हैं

  • श्योपुर में आप लकड़ी से बनी हुई वस्तु खरीद सकते हैं।
  • यहाँ श्योपुर में कुनो वन्यजीव अभयारण्य का दौरा कर सकते हैं।

श्योपुर केसे पहुचें

श्योपुर जाने के लिए पहले आप शिवपुरी तक ट्रेन से जा सकते है।जहा से श्योपुर 120 किलोमीटर कि दूरी पर है,तो आप फिर शिवपुरी से बस या टैक्सी से यात्रा करके श्योपुर पहुच सकते हैं।

श्योपुर जाने का सबसे अच्छा समय

श्योपुर जाने का सबसे अच्छा समय

Image Credit: Himanshu Suman

अगर आप श्योपुर घुमने जाने का सोच रहे है तो अक्टूबर से मार्च श्योपुर घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय  माना जाता है।

28. चंदेरी – Chanderi In Hindi

चंदेरी

चंदेरी मध्य प्रदेश का एक प्रमुख ऐतिहासिक शहरो में से एक है, जहाँ की हर सड़कें आपको इतिहास से मिलती जुलती देखने को मिलती है। चंदेरी का इतिहास मिथकों और लोककथाओं से निकाला जाता है क्योंकि यहां कोई लिखित प्रमाण नहीं पाया जा सकता था। आज, चंदेरी प्राचीन सांसद की याद दिलाता है, जहां गुर्जर-प्रतिहार जेसे चंदेरी के प्रसिद्ध शासक हुआ करते थे।

चंदेरी के प्रमुख  पर्यटक स्थल

  • कोशक महल
  • चंदेरी महल
  • शहजादी का रौज़ा
  • रामनगर पैलेस और संग्रहालय
  • पुराना मदरसा
  • कटी घाटी द्वार
  • बेहती मठ
  • नानुआन रॉक पेंटिंग
  • ईदगाह
  • जामा मस्जिद
  • खंडारगिरि मंदिर
  • बड़ा महल दरवाजा
  • सिंहपुर पैलेस
  • जगेश्वरी मंदिर
  • कीर्ति दुर्ग
  • निज़ामुद्दीन फॅमिली
  • निजाम-उद-दीन के परिवार का मकबरा
  • चंद्रप्रभु मंदिर

चंदेरी में आप क्या कर सकते हैं

  • चंदेरी में कोशक महल घूम सकते हैं।
  • यहाँ चंदेरी में आप रामनगर पैलेस और संग्रहालय भी घूम सकते हैं।
  • चंदेरी में आप नानुआन रॉक पेंटिंग भी देख सकते हैं।

चंदेरी केसे पहुचें

चंदेरी पहुंचने का सबसे अच्छा साधन आप सबसे पहले ललितपुर तक ट्रेन से जा सकते हैं जहा से चंदेरी लगभग 36 किलोमीटर कि दुरी पर स्थित है, फिर ललितपुर से टैक्सी या बस से यात्रा करके चंदेरी पहुच सकते हैं।

चंदेरी जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप चंदेरी परिवार या दोस्तों के साथ घूमने जाने का प्लान बना रहे है, तो अक्टूबर से मार्च चंदेरी घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

और पढ़े: चंदेरी शहर घूमने की जानकारी और रोचक तथ्य 

29. मंदसौर – Mandsaur In Hindi

मंदसौर

मंदसौर को मध्य प्रदेश का एक समृद्ध पुरातात्विक स्थल माना जता है, जो मध्य प्रदेश राज्य को ऐतिहासिक खजाने में जोड़ता है। मंदसौर को प्रसिद्ध बनाने वाले पशुपतिनाथ जी का मंदिर यही नदी के तट पर स्थित है जो मंदसौर को और अधिक लोकप्रिय बनाता है। कहा जाता है की मंदसौर के पशुपतिनाथ जी की मूर्ति नेपाल के अत्यधिक प्रसिद्ध पशुपतिनाथ जी की मूर्ति के समान है। ओर मंदसौर उच्च गुणवत्ता की अफीम के उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है। अगर आप मध्य प्रदेश में कही घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो आप मंदसौर जा सकते है क्योंकि मंदसौर के इतिहास और आधुनिकीकरण के मिश्रण ने मंदसौर को घूमने लायक जगह बना दिया है। यहां पशुपतिनाथ जी के  मंदिर का साक्षी होना, मध्य प्रदेश में एक ऐसी चीज है जो आपको अवश्य करनी चाहिए।

मंदसौर के प्रमुख दर्शनीय स्थल

  • पशुपतिनाथ मंदिर
  • गाँधी सागर डेम
  • नलचा माता मंदिर
  • मंदसौर का किला

मंदसौर में आप क्या कर सकते हैं

  • मंदसौर में आप भगवान पशुपतिनाथ मंदिर घूमने जा सकते हैं।
  • आप यहाँ मंदसौर में गाँधी सागर डेम भी घूमने जा सकते हैं।

मंदसौर केसे पहुचें

मंदसौर बस ओर ट्रेन मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है तो बस या ट्रेन किसी से भी यात्रा करके मंदसौर पहुच सकतें है।

मंदसौर घूमने जाने के अच्छा समय

अगर आप मध्य प्रदेश में मंदसौर घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय मंदसौर घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

30. पाली – Pali In Hindi

पाली

Image Credit: Sandip Prajapati

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित पाली शहर अपनी पुरातात्विक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध लोकप्रिय स्थान है, जो जैन धर्म के उत्कर्ष युग से जुड़ा हुआ है। पाली में आपको कई हिंदू और जैन मंदिर देखने को मिल सकते हैं, और इस धीमे-धीमे शहर में आप पूरी शांति के साथ आनंद ले सकते हैं। अगर आप मध्य प्रदेश कही घूमने जाने का सोच रहे है तो मध्य प्रदेश के छोटे से शहर पाली घूमने व यहाँ की जीवन शैली देखने का एक अच्छा अवसर है।

पाली के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • सोजत सिटी
  • सोमनाथ महादेव मंदिर
  • सूर्य नारायण मंदिर
  • बंगुर संग्रहालय
  • माँ बिरासिनी देवी मंदिर

पाली में आप क्या कर सकते हैं

  • पाली में सोमनाथ महादेव मंदिर घूमने जा सकते हैं।
  • आप पाली में सोजत सिटी भी घूम सकते हैं।

पाली कैसे जाएं

पाली जाने के लिए आप पहले बस या ट्रेन से यात्रा करके जबुलपुर आ सकते है ,फिर यहाँ बस या टैक्सी से यात्रा करके पाली पहुच सकते हैं।

पाली जाने के लिए सबसे अच्छा समय

अगर आप पाली घूमने जाने का प्लान बना रहे है, तो अक्टूबर से मार्च का समय पाली घूमने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

31. टीकमगढ़ – Tikamgarh In Hindi

टीकमगढ़

ओरछा के दक्षिण में स्थित टीकमगढ़ अपने राजसी किलों ओर समृद्ध वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के प्रमुख स्थलों में जाना जाता है। टीकमगढ़ कभी ओरछा राज्य का हिस्सा था और माना जाता है कि इसे बुंदेला शासक रुद्र प्रताप सिंह ने खोजा था। अगर आपके पास समय कि कमी है ओर मध्यप्रदेश में घूमने चाहते है तो इसके लिए टीकमगढ़ एक आदर्श जगह हो सकती है। ओरछा और झाँसी के लोग वीकेंड पर भी टीकमगढ़ घूमने जा सकते हैं।

टीकमगढ़ प्रमुख पर्यटक स्थल

  • लक्ष्मी नारायण मंदिर
  • रानी महल
  • सुंदर महल
  • जानकी मंदिर
  • राज प्रवीण महल
  • दाऊजी की हवेली
  • गढ़कुंडार का किला
  • महेंद्र सागर

टीकमगढ़ में आप क्या कर सकते हैं

  • टीकमगढ़ में आप गढ़कुंडार का किला घूम सकते हैं।
  • यहाँ टीकमगढ़ में आप लक्ष्मी नारायण मंदिर से सनसेट का सुन्दर नजारा देख सकते हैं।
  • टीकमगढ़ में जानकी मंदिर घूम सकते हैं
  • टीकमगढ़ में आप महेंद्र सागर के पास समय बितायें।

टीकमगढ़ कैसे जाएं

ललितपुर टीकमगढ़ का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है, जो टीकमगढ़ से लगभग 46 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तो टीकमगढ़ पहुँचने का सबसे अच्छा तरीका पहले आप ट्रेन से यात्रा करके ललितपुर पहुचे ,फिर आप वहा से बस, टैक्सी से सफ़र करके टीकमगढ़ पहुच सकते हैं

टीकमगढ़ जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप टीकमगढ़ कि यात्रा का प्लान कर रहे है तो हम आपको बता दे कि अक्टूबर से मार्च का समय टीकमगढ़ घूमने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

32. बुरहानपुर – Burhanpur In Hindi

बुरहानपुर

ताप्ती नदी के तट पर स्थित, बुरहानपुर मध्य प्रदेश में अपने समृद्ध अतीत के लिए जाना जाता है। इस मध्य आकार के शहर का नाम शेख बुरहान-उद-दीन के नाम पर रखा गया है और इसे बोहरा मुस्लिमों के साथ-साथ सिखों के लिए भी तीर्थ के रूप में भी जाना जाता है। बुरहानपुर एक जगह के रूप में भी लोकप्रिय है जहाँ रानी मुमताज के शरीर को ताजमहल में शिफ्ट करने से पहले रखा गया था। चूंकि बुरहानपुर मुग़ल साम्राज्य का एक अभिन्न अंग था, इसलिए इसमें बड़ी संख्या में छोटे- छोटे स्मारक हैं, जो बुरहानपुर को मध्य प्रदेश में घूमने के लिए और आकर्षित बनाती है।

बुरहानपुर के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • बादशाही किला
  • दरगाह-ए-हकीमी
  • कुंडी भंडारा
  • असीरगढ़ का किला
  • बहराम शाह मकबरा
  • जामा मस्जिद

बुरहानपुर में आप क्या कर सकते हैं

  • बुरहानपुर में आप बादशाही किला घूम सकते हैं।
  • बुरहानपुर में आप ताप्ती नदी के किनारे समय बिता सकते हैं
  • यहाँ आप दरगाह-ए-हकीमी गार्डन भी घूमने जा सकते हैं।

बुरहानपुर केसे पहुचें

बुरहानपुर का अपना खुद का रेलवे स्टेशन है, इसलिए ट्रेन से बुरहानपुर  पहुँचने का सबसे अच्छा और सुविधाजनक तरीका है।

बुरहानपुर जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप बुरहानपुर कि यात्रा करने का सोच रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय बुरहानपुर कि यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

33. बड़वानी – Barwani In Hindi

बड़वानी

नर्मदा नदी के बाएं किनारे पर स्थापित, बड़वानी मध्य प्रदेश में देखने के लिए एक और शानदार जगहो में से एक है। बड़वानी शहर सतपुड़ा और विंध्याचल के जंगल से घिरी हुई मनमोहनीय जगह है, जो अपने जैन मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध मानी जाती है। अगर आप मध्य में प्रदेश में कही घूमना चाहते है। तो बड़वानी आपके लिए मध्य प्रदेश कि एक शानदार जगह हो सकती है, जहा आपको यहाँ कि हरियाली, पहाड़िया बहुत ही आकर्षक व सुखद महसूस होगी।

बड़वानी के प्रमुख पर्यटक स्थल

  • बीजासन माता का मंदिर
  • चुल गिरि (बावनगजा )
  • नागलबाड़ी

बड़वानी में आप क्या कर सकते हैं

  • बड़वानी में आप बीजासन मंदिर माता के दर्शन करने जा सकतें हैं।
  • यहाँ आप चुल गिरि (बावनगजा) में दुनिया की सबसे ऊंची आदिनाथ जी की मूर्ति देख सकतें हैं।

बड़वानी केसे पहुचें

बड़वानी पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका आप इंदौर तक ट्रेन,बस या फ्लाइट से पहुच सकतें है जहा से बड़वानी लगभग 155 किलोमीटर की दूरी पर है।तो फिर आप वहा से बस से यात्रा करके बड़वानी पहुच सकते हैं। इंदौर से बड़वानी के लिए नियमित रूप से बसे चलती है जिससे आप आसनी से बड़वानी पहुच सकते हैं।

बड़वानी घूमने जाने का अच्छा समय

अगर आप बड़वानी जाने का प्लान बना रहे है, तो अक्टूबर से मार्च का समय बड़वानी घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

34. अमरकंटक – Amarkantak In Hindi

अमरकंटक

विंध्य और सतपुड़ा के जंगलों के मिलन बिंदु पर स्थित अमरकंटक मध्य प्रदेश के प्रमुख दर्शनीय जगहों में से एक है। अमरकंटक एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल भी है। अमरकंटक से होकर गुजरने वाली दो नदियाँ नर्मदा नदी और सोन नदी दो अलग-अलग दिशाओं में बहती हैं, जो इस स्थान को पर्यटको के लिए ओर अधिक आकर्षक बनाती हैं। एक पवित्र तालाब, झरने और बुलंद पहाड़ियों के साथ प्रसिद्ध यह छोटा शहर मध्य प्रदेश में परिवार या दोस्तों के साथ छुट्टियां मानने के लिए एक आदर्श स्थान है।

अमरकंटक के प्रमुख प्रमुख पर्यटक स्थल

  • नर्मदा उदगम
  • सोनमुडा
  • दूधधारा जलप्रपात
  • माँई की बगिया
  • धुनी पानी
  • भृगु कमंडल
  • अमरकंटक मंदिर
  • कबीर चबूतरा
  • केशव नारायण मंदिर
  • त्रिमुखी मंदिर
  • सर्वोदय जैन मंदिर

अमरकंटक में आप क्या कर सकते हैं

  • अमरकंटक में नर्मदा आरती और कुंड आरती में शामिल हो सकते हैं।
  • यहाँ आप धुनी पानी में गर्म पानी के झरने पर जा सकते हैं।
  • अमरकंटक में सोनमुडा में भी घूम सकते हैं।

अमरकंटक कैसे जाएं

अमरकंटक जाने के लिये ट्रेन से पहले आप पेंड्रा रोड जा सकते है जहा से अमरकंटक 17 किलोमीटर है। या आप अनूपपुर भी जा सकते है,जहा से अमरकंटक 48 किलोमीटर कि दूरी पर है। आप इन दोनों जगहों से किसी भी स्थान से बस से यात्रा करके अमरकंटक पहुच सकते है।

अमरकंटक जाने का सबसे अच्छा समय

यदि आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ अमरकंटक जाने का प्लान बना रहे है, तो हम आपको बता दे कि अक्टूबर से मार्च का समय अमरकंटक घूमने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

35. इटारसी – Itarsi In Hindi

 इटारसी

इटारसी भारत के सबसे प्रमुख रेलवे जंक्शनो के लिए पूरे भारत में जाना जाता है। जो पश्चिम से पूर्व के मार्गों और उत्तर से पूर्व के मार्गों के लिए केंद्रीय क्रॉसिंग के रूप में जाना जाता है, इटारसी मध्य प्रदेश में एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। यह शहर हथकरघा कपड़ों, कला और शिल्प उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इटारसी व्यापारिक केंद्र के साथ-साथ चर्चों, मंदिरों और एक वन्यजीव रिजर्व जैसे आकर्षक स्थलों के लिए भी जाना जाता है। तो यदि मध्य प्रदेश में घूमने का प्लान बना रहे है तो इटारसी आपके लिए एक आदर्श जगह हो सकती है।

इटारसी के प्रमुख  पर्यटक स्थल

  • तवा जलाशय
  • बोरी वन्यजीव अभयारण्य
  • इवेंजेलिकल लूथरन चर्च
  • बूढी माता मंदिर
  • हुसैनी मस्जिद

इटारसी में आप क्या कर सकते हैं

  • इटारसी में बोरी वन्यजीव अभयारण्य घूम सकते हैं।
  • यहाँ इटारसी तवा डेम भी घूम सकते हैं।
  • इटारसी में आप होशंगाबाद का किला भी घूम सकते हैं

इटारसी कैसे जाएं

इटारसी पहुंचने का सबसे सुविधाजनक तरीका ट्रेन है। इटारसी का रेलवे स्टेशन भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। तो आप ट्रेन से यात्रा करके आसानी से इटारसी पहुच सकते हैं।

इटारसी जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप मध्य प्रदेश में इटारसी घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो अक्टूबर से मार्च का समय इटारसी घूमने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।

भारत में मध्य प्रदेश की यह जादुई भूमि वास्तव में प्रेरणादायक है और यदि आप एक इतिहास के शौकीन हैं या बस एक ऐसे यात्री हैं  जो एक अलग भारत को देखना पसंद करता है, तो यह भारत का केंद्रीय राज्य मध्य प्रदेश आपके घूमने के लिए आदर्श जगह है।

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