मांडू के प्रसिद्ध पर्यटन और आकर्षण स्थल की जानकारी – Tourist Attractions In Mandav (Mandu) In Hindi

Mandu In Hindi, मांडू मध्य प्रदेश के प्रमुख विरासतीय व पर्यटकीय स्थलों में से एक है। जिसके इतिहास को किसी के परिचय के आवश्यकता नही है जो रानी रूपमती और बादशाह बाज बहादुर के अमर प्रेम का साक्षी है। पहाड़ी पर स्थित मांडू इतिहास में रूचि रखने वालो के लिए मध्य प्रदेश का एक आदर्श पर्यटन स्थल है। इस छोटे से शहर को मध्य भारत का हम्पी भी कहा जाता है। मध्य प्रदेश के अन्य ऐतिहासिक स्थानों की तरह मांडू भी वास्तुशिल्प भव्यता से परिपूर्ण है जो यहां के विभिन्न शासक युगों के प्रभाव को दर्शाता है। मांडू, अपनी समृद्ध और विविध इतिहास के साथ एक महत्वपूर्ण स्थान था। वास्तव में यह शहर मध्य प्रदेश के दिल में छिपा एक खजाना है। यहाँ कि हरियाली, प्राकृतिक सुन्दरता यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र मानी जाती है।

यदि आप मांडू के पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले है या फिर मांडू के बारे और अधिक जानना चाहते है तो हमारे इस लेख को पूरा जरूर पढ़े –

1. मांडू का इतिहास – Mandu History In Hindi

मांडू का इतिहास

एक संस्कृत शिलालेख के अनुसार, मांडू का इतिहास 6 वीं शताब्दी में प्रारंभ होता है जब यह एक किलेबंद शहर था।  10 वीं या 11 वीं शताब्दी में परमार साम्राज्य के शासकों द्वारा मांडू को मांडवगढ़ नाम दिया गया था, वर्ष 1261 में भी परमार की राजधानी धार से मांडू स्थानांतरित की गई थी। बाद में, 1305 में, ख़िलजियों द्वारा परमार पर कब्जा कर लिया गया था और मालवा के अफगान शासक दिलावर खान ने इसका नाम मांडू से नाम बदलकर शादियाबाद रख दिया था।  (1405-35) मांडू होशान शाह के हाथो में पहुच गया थ  और उसके शासन में मांडू की शानदार इमारतें और संरचनाएँ सामने आईं जो बाद में शहर के प्रमुख पर्यटक आकर्षण बन गए।

हालाँकि, होशन शाह का बेटा, सिंहासन पर अगले उत्तराधिकारी मोहम्मद शाह जहर खाने के कारण, एक साल तक ही मुश्किल से सिंहासन पर बैठा था। मोहम्मद खिलजी ने मालवा (1436-1531) के खिलजी वंश की स्थापना की और अगले 33 वर्षों तक शासन किया। हालांकि, यह उनके शासनकाल के तहत था कि मालवा सल्तनत अपनी सबसे बड़ी ऊंचाई पर पहुंच और अगले 31 वर्षों तक शासन किया। उनके पास एक बड़ा हरम था जो महिलाओं के आवास के लिए बनाया गया था। घियास-उद-दीन को 80 साल की उम्र में उनके बेटे नासिर-उद-दीन द्वारा जहर दिया गया था। फिर  मांडू 1526 में गुजरात के बहादुर शाह के हाथों में चला गया। और बहादुर शाह को 1534 में हुमायूँ ने हराया था, लेकिन हुमायूँ के जाने के साथ, शहर पहले के राजवंश के अधिकारी के हाथों से फिसल गया। बाद में, बाज बहादुर ने 1554 में मांडू शहर को जब्त कर लिया। हालांकि, वह महान सम्राट अकबर के आगमन से भी डर गया था। फिर मांडू के इतिहास ने 1732 में मराठों को धीरे-धीरे पारित होने के रूप में एक मोड़ ले लिया। इस समय राजधानी शहर धार को फिर से सौंप दिया गया था।

देश के इस हिस्से में मुसलमानों के लंबे शासनकाल के कारण, मांडू के निर्माण में कई इस्लामी वास्तुशिल्प नमूने हैं जिन्हें नष्ट हिंदू मंदिरों के पत्थर का उपयोग करके बनाया गया था।

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2. मांडू पर्यटन में घूमने लायक खुबसूरत जगह – Best Places To Visit In Mandu In Hindi

मांडू, अपनी समृद्ध और विविध इतिहास के साथ एक महत्वपूर्ण स्थान है जो अपने महलो, किलो, मकबरों के साथ-साथ अन्य पर्यटक स्थलों के लिए मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल माना जाता है तो यहाँ हम आपको उन्ही प्रसिद्ध  स्थलों के बारे में बताने जा रहे है –

2.1 मांडू का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जहाज महल – Mandu Ka Prasidh Paryatan Sthal Jahaaj Mahal In Hindi

मांडू का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जहाज महल

जहाज महल मांडू के सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थलों में से एक माना जाता है दो कृत्रिम झीलों के बीच स्थित यह महल पानी में तैरते हुए जहाज के रूप में दिखाई देता है। जिसका निर्माण 15 वीं शताब्दी में सुल्तान गियास-उद-दिन-खलजी द्वारा द्वारा करबाया गया था। जो सुल्तान के लिए एक हरम के रूप में सेवा करता था। इसे 1832 में लेटिटिया एलिजाबेथ लैंडन द्वारा द वाटर पैलेस फिशर के ड्राइंग रूम स्क्रैप बुक में काव्य चित्रण के साथ दिखाया गया है।

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2.2 मांडू का आकर्षण स्थल रूपमती महल – Mandu Ka Aakarshan Sthal Rani Roopmati Mahal In Hindi

मांडू का आकर्षण स्थल रूपमती महल

रूपमती महल रानी रूपमती और बादशाह बाज बहादुर के अमर प्रेम का साक्षी है जो एक बड़े बलुआ पत्थर की संरचना के रूप में बनाया गया था। आज इसे रूपमती के मंडप के रूप में जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि रानी रूपमती नर्मदा नदी की इस कदर दीवानी थी कि वह तब तक पानी भी नहीं पीती थी जब तक वह नर्मदा नदी को नहीं देख लेती।

2.3 मांडू में घूमने लायक ऐतिहासिक स्थल बाज बहादुर का महल – Mandu Mein Ghumne Layak Aetihasik Sthal Baz Bahadur’s Palace In Hindi

मांडू में घूमने लायक ऐतिहासिक स्थल बाज बहादुर का महल

बाज बहादुर महल 16 वीं शताब्दी में बाज बहादुर द्वारा निर्मित किया गया था। जो बड़े हॉल और ऊंचे छतों और बड़े आंगनों के लिए प्रसिद्ध है। जिसमे कला ओर स्थापत्य का अद्भुद नमूना देखने को मिलता है। यह रूपमती के मंडप के नीचे स्थित है और इसे मंडप से देखा जा सकता है।

2.4 मांडू पर्यटन में देखने लायक जगह रेवा कुंड – Mandu Paryatan Me Dekhne Layak Jagah Rewa Kund In Hindi

मांडू पर्यटन में देखने लायक जगह रेवा कुंड

रानी रूपमती के मंडप में पानी की आपूर्ति के उद्देश्य से बाज बहादुर द्वारा रेवा कुंड जलाशय निर्मित करबाया गया था। जो रूपमती मंडप नीचे स्थित है और इसलिए इसे एक वास्तुशिल्प चमत्कार माना जाता है जो मांडू की दर्शनीय झील के रूप में भी  मानी जाती है।

2.5 मांडू के दर्शनीय स्थल दारा खान का मकबरा – Mandu Ke Darshaniya Sthal Darya Khan’s Tomb In Hindi

मांडू के दर्शनीय स्थल दारा खान का मकबरा

दारा खान महमूद खिलजी द्वितीय के दरबार में एक मंत्री थे।  उनका मकबरा एक मस्जिद, एक तालाब, एक सराय और अन्य मकबरो के साथ एक दीवार से घिरे हुए परिसर में स्थित है, जिसमे दारा खान का बिशाल मकबरा परिसर के केंद्र में बलुआ पत्थर से बना हुआ है। और हाथी लेग पैलेस भी दारा खान कॉम्प्लेक्स के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है।

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2.6 मांडू के प्रमुख तीर्थ स्थल श्री मंडवागढ़ तीर्थ – Mandu Ke Pramukh Tirth Sthal Shri Mandavagadh Teerth In Hindi

मांडू के प्रमुख तीर्थ स्थल श्री मंडवागढ़ तीर्थ
Image Credit: Shreyans Jain

श्री मंडवागढ़ तीर्थ भगवान सुपार्श्वनाथ को समर्पित है। इसके अलावा यहाँ भगवान शांतिनाथ के छोटे आकार का एक अच्छा मंदिर है। जहाँ कई मंदिरों और मूर्तियों के अवशेष देखे जा सकते हैं। माना जाता है कि यहाँ लगभग 300 जैन मंदिर थे। 14 वी शताब्दी में निर्मित मंदिर को आकर्षक रूप से निर्मित किया गया है। यहाँ भगवान सुपार्श्वनाथ जी की मूर्ति बहुत पुरानी मानी जाती है जो 91.54 सेमी ऊची है।

2.7 मांडू टूरिज्म में घूमने लायक जगह जामी मस्जिद – Mandu Tourism Me Ghumne Layak Jagha Jami Masjid In Hindi

मांडू टूरिज्म में घूमने लायक जगह जामी मस्जिद

जामी मस्जिद मांडू के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से एक है,जो विशाल लाल पत्थर से निर्मित है जिससे यह कुछ किलोमीटर दूर से भी दिखाई देती है। जो भारत में अफगान वास्तुकला का सबसे अच्छा और सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। सीरिया के दमिश्क में ‘ओमायेद मस्जिद’ से प्रोत्साहित होकर इस मस्जिद को बनबाया गया था। जामी मस्जिद के सामने, अशर्फी पैलेस के खंडहर हैं।  महल के उत्तर-पूर्व में सात मंजिला स्मारक और पास में एक आकर्षक राम मंदिर भी है, जिसे 1769 ईस्वी में महारानी सकरवार बाई पवार ने बनवाया था।

2.8 मंडाव में घूमने के लिए प्राचीन जगह होशांग शाह का मकबरा – Mandav Me Ghumne Ke Liye Prachin Jagah Hoshang Shah Tomb

मंडाव में घूमने के लिए प्राचीन जगह होशांग शाह का मकबरा

होशांग शाह का मकबरा भारत में सबसे पुरानी संगमरमर की इमारत के रूप में माना जाता है। जिसकी वास्तुकला ने शाहजहां को प्रभावित किया था। और कहा जाता है कि शाहजहाँ ने अपने काम करने वालों और उस्ताद हामिद को होशांग शाह के मकबरा का निरीक्षण करने के लिए भेजा था और उससे प्रेरणा लेकर अपने चमत्कार – ताजमहल का निर्माण करवाया। और माना जाता है कि होशांग शाह के मकबरा पर जो अर्धचंद्राकार मुकुट है उसे फारस से लाया गया था।

2.9 मांडू में परिवार के साथ घूमने लायक पर्यटन स्थल हिंडोला महल – Mandu Ke Parivar Ke Sath Ghumne Layak Paryatan Sthal Hindola Mahal In Hindi

मांडू में परिवार के साथं घूमने लायक पर्यटन स्थल हिंडोला महल

हिंडोल महल अब एक टी-आकार की इमारत है जिसका उपयोग दर्शक हॉल या ओपन-एयर थिएटर के रूप में किया जा रहा है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण 1425 में होशंग शाह के शासनकाल के दौरान हुआ था, लेकिन बाद में इसे 15 वीं शताब्दी में ग़यासुद्दीन खिलजी के शासन में बदल दिया गया था। इसकी वास्तुकला की सादगी इसे बाकी स्मारकों से अलग करती है। महल का निर्माण बलुआ पत्थरों से किया गया था, जिनमें भूमिगत स्थित कमरों के साथ जुड़े हुए गर्म और ठंडे पानी की व्यवस्था थी जिसमें नक्काशीदार स्तंभ थे।  जिस कारण मांडू में हिंडोला महल एक बहुत लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण बना हुआ है।

2.10 मांडू की फेमस टूरिस्ट प्लेस चंपा बावली और हम्माम – Mandu Ki Famous Tourist Place Champa Baoli And Hammam In Hindi

मांडू की फेमस टूरिस्ट प्लेस चंपा बावली और हम्माम

चंपा बावली और हम्माम तुर्की स्नान की शैलियों से प्रेरित माना जाता था। यहाँ के पानी की सुगंध चंपा फूल के समान मानी जाती थी। जिस कारण इस स्थान का नाम चंपा बाओली रखा गया था। जिसका निर्माण मुग़ल शासन काल में किया गया था। जो मुग़ल काल कि वास्तुकला का प्रतीक है। तिखानस के रूप में जाना जाने वाले कमरे बाओली से इतनी अच्छी तरह से जुड़े हुए थे कि गर्म तापमान के दौरान भी, इन कमरों को लगातार ठंडा रखा जाता था।

2.11 मांडू का आकर्षण स्थल तवेली महल – Mandu Ka Aakarshan Sthal Taveli Mahal In Hindi

मांडू का आकर्षण स्थल तवेली महल

तवेली महल का निर्माण मुगल बादशाहों के द्वारा उनके शासन काल में एक आश्रय स्थल के रूप में किया गया था  जो जाहज महल के दक्षिण में स्थित है। अब यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के देख रेख में है, जिसमे विभिन्न पुरातात्विक निष्कर्ष देखने को मिलते हैं।

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3. मांडू घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Mandu In Hindi

मांडू घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

मांडू जाने के लिए अक्टूबर-मार्च का समय सबसे अच्छा समय माना जाता है। क्योंकि मध्य प्रदेश के अन्य भागों की तरह मांडू में भी मार्च से मई तक ग्रीष्मकाल में काफी गर्मी होती है। जिस कारण सर्दियों का मोसम मांडू के यात्रा के लिए अधिक सुखद व रोमांचक होता है जो आपकी यात्रा को और भी अनुकूल कर देता है।

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4. मांडू कैसे पंहुचा जाये – How To Reach Mandav In Hindi

मांडू मध्य प्रदेश के कुछ प्रमुख शहरो से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है जहाँ आप मांडू फ्लाइट, ट्रेन बस या कार से यात्रा करके आसानी से पहुच सकते हैं।

4.1 फ्लाइट से मांडू कैसे पहुँचे – How To Reach Mandu By Filght In Hindi

 फ्लाइट से मांडू कैसे पहुँचे

मांडू का अपना खुद का कोई हवाई अड्डा नही है। मांडू का सबसे निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट इंदौर में है जो मांडू से लगभग 59 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित है। यह हवाई अड्डा भारत के प्रमुख शहरों के हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है जहाँ आप किसी भी प्रमुख शहर से फ्लाइट ले कर इंदौर पहुच सकते है। एयरपोर्ट पहुचने के बाद आप टैक्सी, बस या केब से मांडू पहुच सकते हैं।

4.2 सड़क मार्ग से मांडू कैसे जाये – How To Reach Mandu By Road In Hindi

सड़क मार्ग से मांडू कैसे जाये

मांडू सड़क मार्ग से मध्य प्रदेश के कुछ प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं।  इंदौर, भोपाल और रतलाम से अक्सर बसें मांडू जाती हैं। यदि आप मध्य प्रदेश में स्थानीय रूप से यात्रा चाहते है तो आप कार से या टैक्सी किराए पर लेकर मांडू पहुच सकते हैं।

4.3 कैसे जाये मांडू रेल मार्ग से – How To Reach Mandu By Train In Hindi

कैसे जाये मांडू रेल मार्ग से

मांडू का निकटतम रेलवे स्टेशन इंदौर है जो मांडू से  97 किमी की दूर पर है। इंदौर भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों से रेल मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। तो आप ट्रेन से यात्रा करके आसानी से इंदौर पहुच सकते है ओर वहा से टैक्सी या बस से मांडू पहुच सकते हैं।

4.4 मांडू में स्थानीय परिवहन – Local Transport In Mandu In Hindi

मांडू में स्थानीय परिवहन

मांडू के अन्दर सफ़र करना बहुत ही आसन है यहाँ आप मांडू के स्थानीय परिवहन जेसे ऑटो, रिक्शा से घूम सकते है। यहाँ ऑटो ।रिक्शा आपको शहर के लगभग हर हिस्से में आसानी से मिल सकते है।

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इस आर्टिकल में आपने मांडू के प्रमुख पर्यटक स्थल को जाना है आपको हमारा यह लेख केसा लगा हमे कमेंट करके जरूर बतायें।

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5. मांडू मध्य प्रदेश का नक्शा – Mandav Madhya Pradesh Map

6. मांडू की फोटो गैलरी – Mandu Images

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