असम राज्य की पूरी जानकारी – Full information About Assam in Hindi

Assam in Hindi : असम पूर्वोत्तर भारत में ब्रह्मपुत्र और बराक नदी घाटियों के साथ पूर्वी हिमालय के दक्षिण में स्थित एक राज्य है जो 78,438 किमी 2 (30,285 वर्ग मील) के क्षेत्र को कवर करता है। असम का नाम आसमा शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ अब विलुप्त हो चुकी अहोम भाषा में “पीयरलेस” है। यह राज्य अपनी सीमा उत्तर में भूटान और अरुणाचल प्रदेश पूर्व में नागालैंड और मणिपुर; दक्षिण में त्रिपुरा, मिजोरम और बांग्लादेश; जबकि पश्चिम में बांग्लादेश और मेघालय और पश्चिम बंगाल से साझा करता है। असम सबसे जाड्या अपनी चाय और रेशम उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह राज्य एशिया में तेल ड्रिलिंग के लिए पहला स्थल भी था। असम एक सींग वाले भारतीय गैंडों का घर है, जिन्हें काजीरंगा नेशनल पार्क में देखा जा सकता है।

यदि आप असम राज्य की पूरी जानकारी (Full information About Assam in Hindi) प्राप्त करना चाहते है तो इस लेख को पूरा पढ़े जिसमे आप असम का इतिहास, कला संस्कृति, भाषा, जनजातियाँ समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारी ले सकेगें –

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असम से जुड़े से कुछ रोचक तथ्य और महत्वपूर्ण जानकारी – Some interesting and important facts related to Assam in Hindi

असम से जुड़े से कुछ रोचक तथ्य और महत्वपूर्ण जानकारी – Some interesting and important facts related to Assam in Hindi

  • असम की राजधानी दिसपुर है जबकि असम का सबसे बड़ा शहर गुवाहाटी है।
  • बता दे असम का क्षेत्रफल 78,438 किमी² है जो क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से भारत का 17वां सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी सीमा सभी पूर्वोत्तर राज्यों से मिलती है और इसकी अंतर्राष्ट्रीय सीमा भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार से मिलती है।
  • 31.2 मिलियन की आबादी के साथ असम भारत का 15 वां सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है।
  • असमिया राज्य की आधिकारिक और सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जो लगभग 49 प्रतिशत बोली जाती है।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि 2001 तक असम में हिंदुओं की आबादी 64 फीसदी थी, लेकिन बांग्लादेश से लगातार मुस्लिम घुसपैठियों के आने से हिंदू आबादी का अनुपात कम हो गया है और अब असम के 10 जिलों में मुसलमानों का दबदबा है।
  • असम में ब्रह्मपुत्र नदी द्वारा निर्मित माजुली द्वीप विश्व का सबसे बड़ा नदी निर्मित द्वीप है।
  • भारत की सबसे चौड़ी नदी “ब्रह्मपुत्र” भी असम से होकर बहती है जिसके कुछ हिस्सों की चौड़ाई 10 किलोमीटर तक है।
  • भारत में असम में सबसे अधिक जंगली भैंस पाई जाती है। इसके अलावा पक्षियों की अधिकांश प्रजातियां भी इसी राज्य में हैं। असम में लगभग 820 प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं और लगभग 190 प्रजातियाँ स्तनधारियों की हैं।
  • दुनिया का सबसे बड़ा बुनाई गांव “सुअलकुचि” भी असम में स्थित है।
  • भारत का पहला तेल भंडार असम राज्य के डिगबोई में स्थित है। भारत में असम कच्चे तेल का सबसे बड़ा भंडार है।
  • असम भारत में सबसे अच्छा और बड़ा चाय उत्पादक राज्य है। चाय उत्पादन के मामले में असम नंबर 1पर है यह भारत के 55 प्रतिशत और विश्व में 16 प्रतिशत चाय का उत्पादन करता है।
  • असम देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में से एक है।

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असम का इतिहास – History Of Assam in Hindi

असम का इतिहास - History Of Assam in Hindi

असम का इतिहास बहुत प्राचीन है, प्राचीन काल में असम को प्राग्ज्योतिषपुर (जा प्रागज्योतिच) कहा जाता था। असम का वर्णन महाभारत में भी मिलता है महाभारत के अनुसार युद्ध के दौरान प्रागज्योतिषपुर के राजा भगदत्त थे, जिन्होंने श्री कृष्ण के अनुरोध पर महाभारत युद्ध में पांडवों का साथ दिया था। मौर्य काल के दौरान, असम का पश्चिमी भाग मौर्य साम्राज्य का हिस्सा था, जिसे शायद चंद्र गुप्त मौर्य ने जीता था। आजादी के बाद असम एक बड़ा राज्य था जिसकी राजधानी शिलांग थी। संस्कृति के आधार पर विभिन्न राज्यों की मांग पर 1968 में नागालैंड और फिर 1972 में मेघालय और मिजोरम को असम से अलग कर दिया गया। राज्य की राजधानी शिलांग के मेघालय चले जाने के बाद दिसपुर को असम की राजधानी बनाया गया।

असम की आदिवासी जनजातियां और स्थानीय लोग – Tribal tribes and local people of Assam in Hindi

असम की आदिवासी जनजातियां और स्थानीय लोग - Tribal tribes and local people of Assam in Hindi

असम पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ों में बसा हुआ राज्य है जिसमे आज भी विभिन्न आदिवासी जनजातियाँ निवासरत है। 2001 की जनगणना के अनुसार असम की कुल जनसंख्या में 12.4 प्रतिशत आदिवासी जनसंख्या थी जो 2009 में 15.64 प्रतिशत हो गयी थी। असम में जनजातियों को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया है अनुसूचित जनजाति (पहाड़ी) और अनुसूचित जनजाति (मैदानी)। बृहत्तर कचहरी समूह असम का एक प्रमुख हिस्सा है जिसमें 18 प्रमुख जनजातियाँ शामिल हैं।

सुरम्य परिदृश्य और रंगीन रीति-रिवाजों के साथ तालमेल बिठाते हुए, असम के लोग विविधता में एकता का एक आदर्श उदाहरण हैं। राज्य में परंपरा, संस्कृति, पहनावे और जीवन के विदेशी तरीके में उनकी विविधता के भीतर जनजातियों की सबसे बड़ी संख्या है।

असम की स्थानीय भाषा और धर्म – Local language and religion of Assam in Hindi

असमिया राज्य की आधिकारिक और सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, इसके बाद बंगाली है, जो बराक घाटी में आधिकारिक भाषा है और बोडो जो बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में सबसे अधिक बोली जाती है।

यदि हम असम के धार्मिक समुदाय पर नजर डालें तो भारत के अन्य राज्यों की तरह यहाँ भी सबसे अधिक हिंदू, उसके बाद मुसलमान  ईसाई, सिख, और बौद्ध धर्म के लोग निवास कर रहे है।

असम की कला और शिल्प – Arts and Crafts of Assam in Hindi

असम की कला और शिल्प – Arts and Crafts of Assam in Hindi

असम भारत का एक खूबसूरत पहाड़ी राज्य है जो अपनी खूबसूरती और प्राकृतिक परिदृश्यो के साथ साथ अपनी कला और शिल्प के लिए भी जाना जाता है, जो इसकी समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। असम अपनी लकड़ी, बेंत और बांस के शिल्प, मिट्टी के बर्तनों, हथकरघा, आभूषण और रंगीन मुखौटों के लिए प्रसिद्ध है। सबसे प्रसिद्ध शिल्प निस्संदेह बांस और बेंत के उत्पाद हैं, लेकिन लकड़ी के काम जैसे अन्य शिल्प भी बहुत प्रसिद्ध हैं। पूजा की वस्तुओं के साथ-साथ घरेलू सामानों के रूप में धातु शिल्प ने असम को उन लोगों के लिए एक पसंदीदा स्थान बना दिया है जो अपने घरों में देहातीपन का स्पर्श जोड़ना चाहते हैं।

जनजातीय मुखौटे और पारंपरिक चित्रकला शैली लोगों की जीवन शैली के साथ-साथ संपन्न जनजातीय संस्कृति पर बड़े पैमाने पर जनजातीय प्रभाव को दर्शाती है जो अभी भी राज्य का एक अभिन्न अंग है। बुनाई असमिया की पारंपरिक कला है जहां अब भी असम लो महिलाएं हथकरघा उद्योग में कार्य करती है।

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असम की संस्कृति और रीतिरिवाज – Culture and Customs of Assam in Hindi

असम विविध संस्कृतियों से भरा हुआ राज्य है जिसका सांस्कृतिक जीवन कई सांस्कृतिक संस्थानों और धार्मिक केंद्रों की गतिविधियों से जुड़ा हुआ है, जैसे कि सत्रा (एक धार्मिक प्रमुख की सीट जिसे सत्राधिकारी के रूप में जाना जाता है) और नामघर (प्रार्थना कक्ष)। असम राज्य में आदिवासी और गैर आदिवासी दोनों प्रकार जनजातियाँ है जिनके अपनी अपनी संस्कृति और रीतिरिवाज है जो एक दूसरे से काफी भिन्न है। असमिया लोग अपने पूर्वजों द्वारा अपने समुदायों से संबंधित रीति-रिवाजों का सख्ती से पालन करते हैं। ये रीति-रिवाज ऐसी मान्यताएँ हैं जो अतीत में उत्पन्न हुई थीं और तब से पीढ़ी दर पीढ़ी पालन की जाती रही हैं। असम में शादियों, जन्म, मृत्यु और त्योहारों में कई रीति-रिवाज शामिल हैं जिनका पालन सभी को करना चाहिए। असम की कुछ जनजातियाँ मातृसत्तात्मक व्यवस्था जैसे रीति-रिवाजों का पालन करती हैं, जो यह दावा करती हैं कि माँ कबीले का केंद्र है और उसकी संपत्ति उसकी बेटियों को दी जाएगी। यदि पुत्रियाँ नहीं हैं, तो यह उसकी बहन की सबसे छोटी पुत्री को दी जाएगी।

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असम की पारंपरिक वेशभूषा – Traditional Costumes Of Assam in Hindi

असमिया लोग बहुत ही साधारण कपड़े पहनते हैं, और ज्यादातर हाथ से करघा करते हैं। असमिया महिलाएं मोटिफ से भरपूर मेखला चादर या रिहा-मेखला पहनती हैं जबकि असमिया पुरुष धोती-गमोसा पहनते हैं जो उनकी पारंपरिक पोशाक है, इसके ऊपर, वे ‘सेलेंग’ के नाम से जाना जाने वाला एक चादर लपेटते हैं। इनके अलावा पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले वस्त्रों को बीरी, मगरदाना, मातामोनी, कुंडल और लोकपारो कहा जाता है, जबकि महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले वस्त्रों में केरू, करफुल, खारू, आरगथी, नालक, केयूर और नूपुर शामिल हैं।

वेशभूषा के अलावा असमिया महिलाएं द्वारा पहने जाने वाले आभूषण आमतौर पर हाथ से डिजाइन किये और बनाए जाते हैं जो वनस्पतियों और जीवों को दर्शाते हैं। लोग सोने और चांदी से बने आभूषणों की एक सुंदर और अनूठी शैली की किस्मों को को पहनना पसंद करते है जिन्हें आमतौर से माणिक या मीना से सजाया जाता है।

असम में मनाये जाने वाले प्रमुख त्यौहार – Famous Festivals Of Assam in Hindi

असम में मनाये जाने वाले प्रमुख त्यौहार – Famous Festivals Of Assam in Hindi

अन्य सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों की तरह, उत्सव असमिया जीवन का मूल है, और इस राज्य में त्योहारों की कोई कमी नहीं है। असम के सबसे प्रसिद्ध (Famous Festivals Of Assam in Hindi) त्यौहार बिहू, कृषि चक्र से संबंधित है और विभिन्न फसल और रोपण मौसम के अनुरूप वर्ष में तीन बार मनाया जाता है। मोहंग बिहू, काटी बिहू और माघ बिहू ये तीन त्यौहार हैं जो विभिन्न समुदायों द्वारा अपने विशिष्ट तरीके से नृत्य और अनुष्ठानों के साथ मनाए जाते हैं। मां कामाख्या मंदिर में आयोजित अंबुबाची मेला, अली-ऐ-लिगांग और जोनबिल मेला असम के अन्य प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार हैं जिन्हें बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

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असम का फेमस खाना – Famous Food Of Assam In Hindi

असम का फेमस खाना - Famous Food Of Assam In Hindi

असम का भोजन काफी सरल है, यहां पर खाने में ज्यादा मिर्च का इस्तेमाल नहीं किया जाता। रंगीन मसालों या तेल का कम से कम उपयोग करने के बावजूद, यहाँ का भोजन विदेशी स्वाद और ताज़े प्राकृतिक तत्वों से भरपूर है। यहाँ इस्तेमाल होने वाले मसाले जीरा, धनिया, सरसों, अदरक, लहसुन, मेथी और इलायची शामिल हैं। स्थानीय व्यंजन में मुख्य रूप से चावल और मछली बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा असम में आप न्गा-थोंगबा, मछली और अदरक की करी, इरोंगबा, कटहल-गिरी की चटनी, लक्सा के साथ साथ भारतीय, चीनी, मुगलई और महाद्वीपीय फ़ूड का स्वाद भी ले सकते हैं।

असम के प्रमुख पर्यटक स्थल – Famous Tourist Places In Assam in Hindi

असम के प्रमुख पर्यटक स्थल - Famous Tourist Places In Assam in Hindi माजुली

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असम घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Assam In Hindi

असम घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Assam In Hindi

असम जाने के लिए अक्टूबर से अप्रैल सबसे अच्छे महीने हैं। असम ग्रीष्मकाल के दौरान चिलचिलाती गर्मी में पसीना बहाता है, राज्य मानसून के दौरान उच्च वर्षा और आर्द्रता का अनुभव करता है। अक्टूबर से अप्रैल के दौरान दिन में धुप और ठंडी रातों के साथ मौसम सुहावना होता है और बारिश मध्यम होती है।

असम में गर्मियों का मौसम (अप्रैल – जून)

गर्मियों का मौसम पर्यटकों के लिए सबसे लोकप्रिय है क्योंकि इस मौसम में पर्यटक कई गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। इस दौरान तापमान लगभग 30 से 35 डिग्री सेल्यिस है और जलवायु सुखद रहती रहती है।

असम में मानसून का मौसम (जुलाई – सितंबर)

असम में मानसून जुलाई से सितंबर तक रहता है और औसतन 28 से 32 डिग्री सेल्यिस तापमान रहता है।

असम में सर्दियों का मौसम (अक्टूबर – मार्च)

सर्दियों का मौसम असम का सबसे सुखद समय है क्योंकि यहाँ का तापमान बहुत आरामदायक है, यहाँ का तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

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असम कैसे जाये – How To Reach Assam In Hindi

असम जाने के लिए आप फ्लाइट, ट्रेन, बस और अपने निजी साधन में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं।

फ्लाइट से असम कैसे पहुंचे – How To Reach Assam By Flight In Hindi

फ्लाइट से असम कैसे पहुंचे – How To Reach Assam By Flight In Hindi

असम नेशनल और निजी एयरलाइंस के माध्यम से दिल्ली, बैंगलोर, मुंबई और भारत के अन्य प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।  गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे अच्छी पसंद होगी जो कि गुवाहाटी शहर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर हैं। यहां से आपको स्थानीय साधन मिल जाएंगे।

ट्रेन से असम कैसे पहुंचे – How To Reach Assam By Train In Hindi

ट्रेन से असम कैसे पहुंचे – How To Reach Assam By Train In Hindi

आप आसानी से असम की यात्रा कर सकते हैं क्योंकि कलकत्ता, नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर, कोचीन और त्रिवेंद्रम से असम का रेल हब गुवाहाटी जंक्शन देश के अन्य प्रमुख नगरो से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं। इसके अलावा भी गुवाहाटी में अन्य रेलवे स्टेशन कामाख्या जंक्शन, न्यू गुवाहाटी जंक्शन और अजरा रेलवे स्टेशन मौजूद हैं।

सड़क मार्ग से असम केसे पहुचें – How To Reach Assam By Bus In Hindi

सड़क मार्ग से असम केसे पहुचें – How To Reach Assam By Bus In Hindi

आप आसानी से सड़क मार्ग से असम पहुंच सकते हैं। असम राज्य भारत के सभी शहरों से सड़क मार्ग के माध्यम से जुड़ा हुआ हैं। तो आप बस के माध्यम से भी अपनी यात्रा बहुत आसानी से कर सकते हैं।

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इस आर्टिकल में असम राज्य की पूरी जानकारी (Full information About Assam in Hindi) को जाना है आपको हमारा यह लेख केसा लगा हमे कमेंट्स में बताना ना भूलें।

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असम का मेप – Assam Map

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