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Dilwara Jain Mandir In Hindi दिलवाड़ा जैन मंदिर मंदिर राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित जैनियों का सबसे सबसे सुंदर तीर्थ स्थल है। इस मंदिर का निर्माण 11 वीं और 13 वीं शताब्दी के बीच वास्तुपाल तेजपाल द्वारा किया गया था। यह मंदिर अपनी जटिल नक्काशी और हर कोने से संगमरमर से सजे होने के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर बाहर से बहुत ही सामान्य दिखता है, लेकिन जब आप इस मंदिर को अंदर से देखेंगे तो इसकी छत, दीवारों, मेहराबों और स्तंभों पर बनी हुई डिजाइनों को देखकर हैरान रह जायेंगे। यह सिर्फ जैनियों का तीर्थ स्थल ही नहीं बल्कि एक संगमरमर से बनी एक जादुई संरचना है। जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को बार-बार यहां आने पर मजबूर करती है।

  1. दिलवाड़ा जैन मंदिर कहाँ है – Where Is Dilwara Temple Located In Hindi
  2. दिलवाड़ा जैन मंदिर किसने बनवाया – Dilwara Jain Mandir Kisne Banaya In Hindi
  3. दिलवाड़ा जैन मंदिर का इतिहास – Dilwara Jain Mandir History In Hindi
  4. दिलवाड़ा मंदिरों की वास्तुकला – Dilwara Temples Architecture In Hindi
  5. दिलवाड़ा मंदिरों के पाँच चमत्कार – The Five Marvels Of Dilwara Jain Temple In Hindi
  6. विमल वसाही मंदिर – Vimal Vasahi Temple In Hindi
  7. लूना वसाही मंदिर- Luna Vasahi Temple In Hindi
  8. पित्तलहर मंदिर- Pittalhar Temple In Hindi
  9. पार्श्वनाथ मंदिर- Parshwanatha Temple In Hindi
  10. महावीर स्वामी मंदिर- Mahavir Swami Temple In Hindi
  11. दिलवाड़ा जैन मंदिर खुलने का समय – Dilwara Jain Temple Timings In Hindi
  12. दिलवाड़ा जैन मंदिर के लिए प्रवेश शुल्क – Dilwara Jain Temple Entry Fees in Hindi
  13. दिलवाड़ा मंदिरों की यात्रा के सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Dilwara Temples In Hindi
  14. दिलवाड़ा मंदिरों में कैसे पहुँचे – How To Reach Dilwara Temples In Hindi
  15. हवाई मार्ग से दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू कैसे पहुंचे – How To Reach Dilwara Jain Temple By Air In Hindi
  16. ट्रेन के माध्यम से दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू कैसे पहुंचे – How To Reach Dilwara Jain Temple By Train In Hindi
  17. सड़क मार्ग से दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू कैसे पहुंचे – Dilwara Jain Temple By Train In Hindi
  18. दिलवाड़ा जैन मंदिर का पता – Dilwara Jain Temple Location
  19. दिलवाड़ा जैन मंदिर की फोटो – Dilwara Jain Temple Images

1. दिलवाड़ा जैन मंदिर कहाँ है – Where Is Dilwara Temple Located In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू से लगभग 2½ किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

2. दिलवाड़ा जैन मंदिर किसने बनवाया – Dilwara Jain Mandir Kisne Banaya In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर किसने बनवाया - Dilwara Jain Mandir Kisne Banaya In Hindi

इस जैन मंदिर का निर्माण 11 वीं और 13 वीं शताब्दी ईस्वी में विमल शाह द्वारा करवाया गया था और यह ढोलका के जैन मंत्रियों, वास्तुपाल-तेजपाल द्वारा डिजाइन क्या गया था। यह मंदिर जटिल संगमरमर की नक्काशी के लिए जाने जाते हैं।

3. दिलवाड़ा जैन मंदिर का इतिहास – Dilwara Jain Mandir History In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर के इतिहास के बारे में आपको बता दें कि इस मंदिर का निर्माण चालुक्य वंश द्वारा 11 वीं और 13 वीं शताब्दी ईस्वी में किया गया था। भले ही यह मंदिर बाहर से बहुत सामान्य दिखता है, लेकिन इनके प्रवेश द्वार के असाधारण दरबाजो से इसकी वास्तु श्रेष्ठता के बारे में पता चलता है। इस मंदिर की छत, द्वार, स्तंभ और पैनल में बहुत ही बारीकी से साथ नक्काशीदार सजावट की गई है, जो इसकी वास्तुकला की अद्वितीयता को बताते हैं। इस मंदिर की सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि उस ज़माने में 1200 मीटर की ऊंचाई पर संगमरमर के इतने बड़े ब्लॉकों को ले जाने की कोई सुविधा नहीं थी। तब हाथियों का इस्तेमाल करके उनकी पीठ पर अम्बाजी से माउंट आबू तक संगमरमर ले जाने का काम किया जाता था।

4. दिलवाड़ा मंदिरों की वास्तुकला – Dilwara Temples Architecture In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिरों की वास्तुकला नगर शैली से प्रेरित है और प्राचीन पांडुलिपियों का एक संग्रह है। दिलवाड़ा मंदिरों में एक ही आकार के पांच मंदिर शामिल हैं, और ये सभी एकल मंजिला हैं। सभी मंदिरों में कुल 48 स्तंभ हैं जिनमें विभिन्न नृत्य मुद्राओं में महिलाओं की सुंदर आकृतियाँ हैं। मंदिर का मुख्य आकर्षण ‘रंगा मंडप’ है जो गुंबद के आकार की छत है। इसकी छत के बीच में एक झूमर जैसा ढांचा है, और पत्थर से बनी विद्यादेवी की सोलह मूर्तियाँ हैं, जो ज्ञान की देवी हैं। नक्काशी के अन्य डिजाइनों में कमल, देवता और अमूर्त पैटर्न शामिल हैं।

और पढ़े: खाटू श्याम जी मंदिर जयपुर, राजस्थान – Khatu Shyam Mandir Jaipur, Rajasthan In Hindi

5. दिलवाड़ा मंदिरों के पाँच चमत्कार – The Five Marvels Of Dilwara Jain Temple In Hindi

दिलवाड़ा मंदिरों के पाँच चमत्कार - The Five Marvels Of Dilwara Jain Temple In Hindi

बता दें कि भव्य दिलवाड़ा मंदिर में पाँच समान रूप से मंदिर बने हुए हैं जिनके नाम है विमल वसाही, लूना वसाही, पित्तलहर, पार्श्वनाथ और महावीर स्वामी मंदिर है। यह मंदिर क्रमश: भगवान आदिनाथ, भगवान ऋषभभो, भगवान नेमिनाथ, भगवान महावीर स्वामी और भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित हैं। इन सभी मंदिरों में से हर एक मंदिर में मंडप, गर्भग्रह, एक केंद्रीय कक्ष और अंतरतम गर्भगृह जहाँ भगवान का निवास माना गया है। इन मंदिरों में नवचोकी है जो नौ सजावट वाली छतों का एक समूह है। कुछ अन्य संरचनाओं में किर्थी स्तम्भ और हाथिशला भी है जो अपने जैन मूल्यों और सिद्धांतों को बताता है।

6. विमल वसाही मंदिर – Vimal Vasahi Temple In Hindi

विमल वसाही मंदिर पहले जैन तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण 1021 में गुजरात के सोलंकी महाराजा विमल शाह ने करवाया था। यह मंदिर सभी मंदिरों में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध और पुराना है। इस मंदिर में मंडप, छत और दरवाजे हैं। इस मंदिर की पंखुड़ियों, फूलों, कमलों, भित्ति चित्रों और पौराणिक कथाओं के चित्र बहुत आकर्षित करते हैं। विमल वसाही मंदिर एक खुले प्रांगण में स्थित है जो एक गलियारे से घिरा हुआ है। इस गलियारे में तीर्थंकरों की छोटी-छोटी मूर्तियाँ हैं। गुढ़ मण्डप इस मंदिर का सबसे मुख्य कमरा है, जिसमे भगवान आदिनाथ की मूर्ति विराजमान है। बताया जाता है कि इस मंदिर को बनवाने में ,500 राजमिस्त्री और 1,200 मजदूरों  लगे थे जिसमे 14 साल लग गए थे।

7. लूना वसाही मंदिर- Luna Vasahi Temple In Hindi

लूना वसाही मंदिर का निर्माण 1230 में किया गया था। यह मंदिर 22 वें जैन तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ को समर्पित है। यह मंदिर इस परिसर का दूसरा प्रमुख मंदिर है। इस मंदिर को 1230 में दो पोरवाड भाई वास्तुपाल और तेजपाल द्वारा बनवाया गया था। मंदिर में रंग मंडप एक केंदीय हाल है। जिसमे एक वृत्ताकार रूप में तीर्थंकरों की 72 और जैन भिक्षुओं की 360 आकृतियाँ हैं। लूना वसाही मंदिर में एक हाथीशिला भी है, जिसमे 10 संगमरमर हाथी और एक विशाल काले पत्थर का स्तंभ है, जिसको किर्थी स्तम्भ कहते हैं।

8. पित्तलहर मंदिर- Pittalhar Temple In Hindi

पित्तलहर मंदिर यहां का तीसरा प्रमुख मंदिर है जो जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण भीम सेठ द्वारा किया गया था। इस मंदिर में भगवान आदिनाथ की पांच धातुओं और पीतल से बनी एक विशाल मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर के अंदर भी गर्भगृह, गुड़ मंडप और नवचौकी है।

9. पार्श्वनाथ मंदिर- Parshwanatha Temple In Hindi

पार्श्वनाथ मंदिर- Parshwanatha Temple In Hindi

पार्श्वनाथ मंदिर एक तीन मंजिला इमारत मंदिर है जो सभी मंदिरों की सबसे ऊँची इमारत है। इसे मंडली द्वारा 1459 में 23 वें जैन तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के समर्पण के रूप में बनवाया था। बता दें कि इस मंदिर में चार मुख्य हॉल हैं जिसकी दीवारों पर ग्रे बलुआ पत्थर की नक्काशी है।

10. महावीर स्वामी मंदिर- Mahavir Swami Temple In Hindi

1582 में निर्मित महावीर स्वामी मंदिर 24 वें जैन तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के समर्पण के रूप में बना है। यह मंदिर बाकी मंदिरों की तुलना में काफी छोटा है। यह मंदिर सिरोही के कलाकारों के कई चित्रों को बताता है।

11. दिलवाड़ा जैन मंदिर खुलने का समय – Dilwara Jain Temple Timings In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर जैन भक्तों सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है और अन्य धर्म के लोगो के लिए यह दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा। यहाँ जाने से पहले इस बात का जरुर ध्यान रखे कि इस मंदिर में किसी भी पर्यटक और तीर्थ यात्री को मंदिर परिसर में फोटो खींचने की अनुमति नहीं है।

12. दिलवाड़ा जैन मंदिर के लिए प्रवेश शुल्क – Dilwara Jain Temple Entry Fees in Hindi

अगर आप दिलवाड़ा मंदिर घूमने या दर्शन करने जा रहे हैं तो बता दें कि इन मंदिर में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

13. दिलवाड़ा मंदिरों की यात्रा के सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Dilwara Temples In Hindi

दिलवाड़ा मंदिरों की यात्रा के सबसे अच्छा समय - Best Time To Visit Dilwara Temples In Hindi

अगर आप दिलवाड़ा मंदिरों की यात्रा के लिए जा रहे हैं तो आपको बता दें कि माउंट आबू में पूरे साल अच्छा मौसम रहता है। हालांकि अप्रैल से लेकर जून के महीने गर्म होते हैं। लेकिन मानसून और सर्दियों का मौसम यह जगह घूमने के लिए बहुत अच्छी है। क्योंकि इस जगह न बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है न बहुत ज्यादा बरसात होती है।

और पढ़े: सिटी पैलेस उदयपुर राजस्थान के बारे में जानकारी – City Palace Udaipur In Hindi

14. दिलवाड़ा मंदिरों में कैसे पहुँचे – How To Reach Dilwara Temples In Hindi

माउंट आबू और दिलवाड़ा मंदिर के बीच की दूरी सिर्फ 2.5 किलोमीटर है। यदि आपके पास अपना वाहन है, तो आप आसानी से मंदिर तक या तो देलवाड़ा रोड या तीर्थयात्रा मार्ग से पहुँच सकते हैं। इस मार्ग पर बसें नहीं चलती हैं, हालांकि, टैक्सी या ऑटोरिक्शा यहां उपलब्ध हैं।

15. हवाई मार्ग से दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू कैसे पहुंचे – How To Reach Dilwara Jain Temple By Air In Hindi

अगर आप दिलवाड़ा जैन मंदिर घूमने के लिए हवाई जहाज से जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि माउंट आबू से कोई डायरेक्ट एअरपोर्ट जुड़ा नहीं है। इसका निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर राजस्थान में है। अगर आप किसी और देश से आ रहे हैं तो आपको अहमदाबाद हवाई अड्डा उतरना बेहतर होगा, जो एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इसके अलावा आप दिल्ली, मुंबई, जयपुर से उदयपुर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकते हैं। इसके बाद आप माउंट आबू या दिलवाड़ा जैन मंदिर पहुँचने के लिए टैक्सी या कैब ले सकते हैं।

16. ट्रेन के माध्यम से दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू कैसे पहुंचे – How To Reach Dilwara Jain Temple By Train In Hindi

अगर आप ट्रेन से सफर करना चाहते हैं तो आपको जयपुर और अहमदाबाद से माउंट आबू के लिए कई नियमित ट्रेन मिल जाएँगी। यदि आप जयपुर और अहमदाबाद के अलावा किसी दूसरे शहर से यात्रा कर रहे हैं तो हम आपको यही कहना चाहते हैं कि टैक्सी को प्राथमिकता दें क्योंकि ट्रेन से आने में आपको दिक्कत हो सकती है। आपको ट्रेन से माउंट आबू तक पहुँचने के लिए लंबे मार्ग से जाना होगा।

17. सड़क मार्ग से दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू कैसे पहुंचे – Dilwara Jain Temple By Train In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू जाने के लिए आपको राज्य परिवहन की बस मिल जाएँगी। अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए माउंट आबू पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका दिल्ली से उदयपुर के लिए फ्लाइट पकड़ना है। यहां से माउंट आबू के लिए आपको निजी कार या टैक्सी मिल जाएगी।

और पढ़े: राजस्थान की 8 सबसे डरावनी और भूतिया जगह – Top 8 Haunted Places In Rajasthan In Hindi

18. दिलवाड़ा जैन मंदिर का पता – Dilwara Jain Temple Location

19. दिलवाड़ा जैन मंदिर की फोटो – Dilwara Jain Temple Images

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