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Achalgarh Fort In Hindi, माउंट आबू से 11 किमी की दूरी पर स्थित अचलगढ़ किला राजस्थान के प्रसिद्ध प्राचीन किलो में से एक हैl अचलगढ़ गाँव माउंट आबू में एक सुरम्य गाँव है जो अचलगढ़ किले, अचलेश्वर मंदिर और ऐतिहासिक जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। किले के परिसर में एक प्रसिद्ध शिव मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर और मंदाकिनी झील है।

अचलेश्वर महादेव के केंद्र में एक नंदी जी की एक मूर्ति भी स्थापित है जो 5 धातु  (कांस्य, सोना, जस्ता, तांबा और पीतल) से मिलकर बनी हुई है। अचलगढ़ क़िला घूमने के लिए इतिहास प्रेमियों के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों के लिए भी एक प्रसिद्ध स्थल बना हुआ हैl जहा के कई ऐतिहासिक अवशेष और महान धार्मिक महत्व के पुराने मंदिर पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र बने हुए है

1.अचलगढ़ किले का इतिहास – Achalgarh Fort History In Hindi

अचलगढ़ किले का इतिहास

Image Credit: Alphonse Dhas Antony

अचलगढ़ किला का निर्माण मूल रूप से परमारा वंश के शासनकाल में करबाया गया था, और कुछ समय बाद महाराणा कुंभा ने अचलगढ़ किले को सन 1452 ई में दुश्मनो की हरकतों पर नजर रखने के उद्देश्य से इसका पुनिर्निर्माण करबाया गया था l जो उनके उनके शासनकाल के दौरान बनाए गए 32 किलों में से एक था। और कुछ समय बाद किले के अन्दर 1513 ई एक जैन मंदिर का निर्माण भी किया गया था l

और पढ़े: माउंट आबू घूमने की पूरी जानकारी और 11 खास जगह

2. अचलगढ़ क़िले की वास्तुकला – Achalgarh Fort Architecture In Hindi

अचलगढ़ क़िले की वास्तुकला

Image Credit: Leela Verma

अचलगढ़ किले के पहले द्वार को हनुमानपोल के नाम से जाना जाता है, जो निचले किले के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता था। जिसमे ग्रेनाइट के बड़े ब्लॉकों से बने दो टॉवर शामिल हैं। कुछ चढ़ाई के बाद, किले के दूसरे द्वार चंपापोल को बनाया गया है, जो आंतरिक किले के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

3. अचलगढ़ क़िला माउंट आबू खुलने और बंद होने का समय – Achalgarh Fort Timing In Hindi

अगर आप अचलगढ़ क़िला घूमने का प्लान बना रहे है तो बता दे की  अचलगढ़ क़िला पर्यटकों के घूमने के लिए प्रतिदिन सुबह 10.00  बजे से शाम 5.00 बजे तक खुला रहता हैl

4. माउंट अबू के अचलगढ़ क़िला का प्रवेश शुल्क – Achalgarh Fort Entry Fees In Hindi

अचलगढ़ क़िला घूमने के लिए पर्यटकों से किसी भी प्रकार का शुल्क नही लिया जाता है यह भारतीय और विदेशी सभी प्रकार के पर्यटकों के लिए फ्री हैl

5. अचलगढ़ क़िला की यात्रा के लिए टिप्स – Tips For Traveling To Achalgarh Fort Mount Abu In Hindi

अचलगढ़ क़िला की यात्रा के लिए टिप्स

Image Credit: V. S.

  • अगर आप अचलगढ़ क़िला की यात्रा का प्लान बना रहे है तो आपको बता दे की यहाँ के मंदिरों में खासकर जैन मंदिरों के अंदर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है।
  • अचलगढ़ क़िला की यात्रा के लिए अपने साथ कुछ आरामदायक जूते साथ कर चले क्योंकि यहाँ कुछ मंदिरों में जाने के लिए पैदल चलना पड़ सकता है l
  • यात्रा के दोरान गर्मी से खुद को बचाने के लिए हमेशा छाता और उचित कपडे पहन कर चले l
  • अचलगढ़ क़िला की यात्रा में अपने साथ पानी की बोतल अवश्य साथ ले कर चले।
  • हमें आपको यह बताते हुए खेद है कि अचलगढ़ किला के आसपास के क्षेत्र में गाइड उपलब्ध नहीं हैं। हम आपको अधिक जानकारी और ऐतिहासिक ज्ञान के लिए एक यात्रा पुस्तक खरीदने या वेब सेवाओं का उपयोग करने का सुझाव देंगे l

6. अचलगढ़ क़िले में आप यह कर सकते हैं – Things To Do In Mount Abu Achalgarh Fort In Hindi

अचलगढ़ क़िले में आप यह कर सकते हैं

Image Credit: Vipu Roy

  • यहाँ आप अचलगढ़ क़िला की यात्रा के दोरान राजस्थान के मुख्य आकर्षणों में से एक अचलेश्वर महादेव मंदिर घूम सकते हैंl
  • यहाँ आप पांच धातुओं से निर्मित नंदी जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैंl
  • अचलगढ़ क़िले में आप 500 साल पुराने जैन मंदिर घूम सकते है जो अपनी सुरुचिपूर्ण मूर्तियों और स्फटिक कला के लिए जाने जाते हैंl
  • यहाँ आप अचलगढ़ की चोटी पर स्थित देवी काली माता के मंदिर जा सकते हैंl
  • यहाँ आप अचलेश्वर महादेव मंदिर के ठीक पीछे मंदाकिनी झील की यात्रा भी कर सकते हैंl

7. अचलगढ़ क़िला घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Achalgarh Fort In Hindi

अचलगढ़ क़िला घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

Image Credit: Prem Meena

माउंट आबू राजस्थान राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन है। इसलिए यहाँ आप विंटर(सर्दियों) के साथ-साथ पीक समर (ग्रीष्मकाल) सीजन में भी घूम सकते हैं। यहाँ इस जगह का औसत तापमान 32 डिग्री के आसपास होता है। इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण, मानसून के मौसम के दौरान माउंट आबू में बारिश होती है और इसलिए वर्ष में बर्षा के समय इस जगह की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

और पढ़े: माउंट आबू के टॉड रॉक घूमने की जानकारी 

8. अचलगढ़ क़िला माउंट आबू के आसपास के पर्यटक स्थल – Best Places To Visit Near Achalgarh Fort In Hindi

अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ माउंट आबू में अचलगढ़ किले की यात्रा का प्लान बना रहे है तो हम आपको बता दे की माउंट आबू में अचलगढ़ किले के अलावा भी कई प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है l जिन्हें आप अचलगढ़ किले की यात्रा के दोरान अवश्य घूम सकते है

8.1  दिलवाड़ा जैन मंदिर- Dilwara Jain Temple In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू
दिलवाड़ा जैन मंदिर राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित जैनियों का सबसे लोकप्रिय और सुंदर तीर्थ स्थल है। इस मंदिर का निर्माण 11 वीं और 13 वीं शताब्दी के बीच वास्तुपाल और तेजपाल ने किया था। दिलवाड़ा मंदिर अपनी जटिल नक्काशी और हर से संगमरमर की संरचना होने की वजह से प्रसिद्ध है। यह मंदिर बाहर से बहुत ही साधारण दिखाई देता है लेकिन जब आप इस मंदिर को अंदर से देखेंगे तो इसकी छत, दीवारों, मेहराबों और स्तंभों पर बनी हुई डिजाइनों को देखते ही आकर्षित हो जायेंगे। जैनियों का तीर्थ स्थल होने के साथ ही यह मंदिर एक संगमरमर से बनी एक ऐसी जादुई संरचना है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है।

और पढ़े: दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू की पूरी जानकारी 

8.2 आबू वन्यजीव अभयारण्य – Abu Wildlife Sanctuary In Hindi

आबू वन्यजीव अभयारण्य
माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य एक समृद्ध जैव विविधता वाली ऐसी जगह है जो इसे एक छोटे और अच्छे पर्यटक स्थलों की सूची में शामिल करता है। यह अभयारण्य माउंट आबू पर्वत श्रृंखलाओं की सबसे पुरानी जगहों में से एक है और यहां के कई उत्तम दृश्यों के साथ आपको कई दर्शनीय स्थल भी देखने को मिलते हैं। इस पूरे क्षेत्र को वनस्पतियों और जीवों को संरक्षित करने के लिए एक वन्यजीव अभयारण्य बनाया गया था। यह अभयारण्य एक ऐसी जगह है, जिसमे सदाबहार जंगलों की जीवंत वनस्पति पाई जाती है। अगर आप राजस्थान की यात्रा के समय कुछ अच्छे वन्यजीवों को देखना और प्राकृतिक जगह का अनुभव लेना चाहते हैं तो यह इसके लिए बहुत अच्छा स्थान है।

और पढ़े: माउंट आबू वनजीव अभ्यारण की जानकारी 

8.3 नक्की झील माउंट आबू – Nakki Lake Mount Abu In Hindi

नक्की झील माउंट आबू
माउंट आबू में अरावली पर्वतमाला में स्थित एक नक्की लेक है जिसे स्थानीय रूप से नक्की झील के नाम से भी जाना जाता है। यह झील प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग के सामान मानी जाती है क्योंकि अद्भुत प्राकृतिक द्रश्यों से भरी हुई यह झील वास्तव में माउंट आबू का सबसे प्रमुख आकर्षण है। नक्की लेक भारत की पहली मानव निर्मित झील है जिसकी गहराई लगभग 11,000 मीटर और चौड़ाई एक मील है। माउंट आबू के केंद्र में स्थित यह आकर्षक झील हरे भरे पहाड़ों, पहाड़ों और अजीब आकार की चट्टानों से घिरी हुई है। माउंट आबू की उड़ने वाली हवाएं और सुखदायक तापमान में बोटिंग  करना आपके दिल को खुश कर देगी। बताया जाता है कि नक्की झील में, महात्मा गांधी की राख को 12 फरवरी 1948 को विसर्जित कर दिया गया था और गांधी घाट का निर्माण किया गया था। यह झील प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बेहद लोकप्रिय जगह है।

और पढ़े: नक्की झील घूमने की जानकारी और इतिहास 

8.3 अर्बुदा देवी मंदिर – Arbuda Devi Temple In Hindi

अर्बुदा देवी मंदिर हिल पर्यटन माउंट आबू
अर्बुदा देवी मंदिर को माउंट आबू का सबसे पवित्र तीर्थ बिंदु माना जाता है। इस मंदिर को 51 में से छठा शक्तिपीठ माना जाता है। अर्बुदा देवी को कात्यायनी देवी का अवतार कहा जाता है। नवरात्र के मौके पर माउंट आबू का पर्यटन स्थान एक आध्यात्मिक नगरी के रूप में बदल जाता है। यहाँ पर दूर से लोग अर्बुदा देवी मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं। आपको बता दें कि यह मंदिर एक गुफा के अंदर स्थित है जिसके दर्शन के लिए आपको 365 सीढ़ियां चढ़कर जाना होता है। बताया जाता है कि मंदिर के पास दूध के रंग के पानी से बना पवित्र कुआँ है। यहाँ के स्थाई निवासी इस कुएं को कामधेनु (पवित्र गाय) के रूप में मानते हैं। यह पवित्र कुआँ मंदिर के लिए पानी का मुख्य स्रोत भी है। विशाल ठोस चट्टानों से निर्मित यह मंदिर भारत के चट्टानों पर बने मंदिरों के सर्वश्रेष्ठ नमूनों में से एक है।

और पढ़े: अर्बुदा देवी मंदिर का इतिहास और पौराणिक कथा

8.4 ट्रेवर टैंक – Trevor Tank In Hindi

ट्रेवर टैंक माउंट आबू
माउंट आबू से 5 किमी दूर स्थित ट्रेवर्स टैंक प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहद लोकप्रिय जगह है। इसका नाम एक ट्रेवर नामक एक इंजीनियर के नाम पर रखा गया है जिसने इसे डिजाइन किया था। मगरमच्छ, पक्षी और अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए लोकप्रिय एकांत जंगल में जलाशय बना हुआ है। वर्तमान में यह स्थानीय और यहां हर साल आने वाले पर्यटकों दोनों के लिए एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है। यह जगह आपको प्रकृति का शानदार नजारा दिखाती है।

8.5 गुरु शिखर – Guru Shikhar In Hindi

गुरु शिखर
अगर आप शहर के तेज और व्यस्त जीवन से बोर हो गए है तो गुरु शिखर आपके लिए सबसे अच्छी जगह है। गुरु शिखर अरावली रेंज की सबसे ऊँची चोटी है जो माउंट आबू से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस शिखर की समुद्र तल से ऊँचाई 1722 मीटर है जिसकी वजह से यहाँ से अरावली रेंज और माउंट आबू के हिल स्टेशन का बहुत ही आकर्षक दृश्य देखने को मिलता है। इस जगह पर आबूवेधशाला और गुरु दत्तात्रेय का गुफा मंदिर जो भगवान विष्णु को समर्पित है। ऑब्जर्वेटरी में 1।2 मीटर का इंफ्रारेड टेलीस्कोप है। 15 किलोमीटर की ड्राइव के बाद आपको गुरु शिखर पर जाने के लिए कुछ सीढ़ियां चढ़नी होंगी। अगर आप अक्टूबर और नवंबर के समय इस जगह पर जाते हैं तो यहाँ पर बहुत अधिक बादल और धुंध हो जाती है। यहां आने वाले पर्यटकों को इस समय ऐसा महसूस होता है जैसे वो बादलों की मदद से गुरु शिखर पर जा रहे हैं क्योंकि चारों ओर धुंध दिखाई देती है। यह जगह यहां आने वाले पर्यटकों के मन को आनंदित कर देती है।

और पढ़े: गुरु शिखर का इतिहास और जानकारी

8.6  श्री रघुनाथ मंदिर – Shri Raghunath Temple In Hindi

श्री रघुनाथ मंदिर

Image Credit: Ravinder Batta

भगवान विष्णु के पुनर्जन्म को समर्पित श्री रघुनाथ जी मंदिर निकी झील के तट पर एक 650 साल पुराना मंदिर। जो मुख्य रूप से वैष्णवों द्वारा देखा गया ऐसा मंदिर है जिसे पृथ्वी पर सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। श्री रघुनाथ जी के बारे में माना जाता है कि वे अपने अनुयायियों को सभी प्राकृतिक आपदाओं से बचाते हैं। इसके साथ ही उनके भक्तों का यह भी मानना है कि वे उन्हें जीवन के दर्द और सभी समस्याओं से मुक्त करेंगे। इस मंदिर की दीवारों पर मेवाड़ की स्थापत्य विरासत को शिलालेखों की मदद से देखा जा सकता हैं। इस मंदिर में नाजुक पेंटिंग और नक्काशी भी देखने को मिलती है। श्री रघुनाथ जी की उत्कृष्ट नक्काशीदार मूर्ति माउंट आबू का सबसे मुख्य आकर्षण है।

8.7  गौमुख मंदिर – Gaumukh Temple In Hindi

गुरु शिखर
माउंट आबू में शहर से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित गौमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है। इस मंदिर के दर्शन करने के लिए आपको 700 सीढ़ियों की पवित्र चढ़ाई करके जाना होता है। यह मंदिर अपने आस-पास की घाटी का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। गौमुख मंदिर में पूरे साल पर्यटकों और भक्तों की भीड़ होती है। घने जंगल के बीच स्थित इस मंदिर में गौमुख (गाय काप्मुख) भगवान कृष्ण, भगवान राम और ऋषि वशिष्ठ की मूर्तियों के साथ नंदी की मूर्ति आपका स्वागत करता है। इस मंदिर में संगमरमर के बैल की मूर्ति (मुंह से पानी गिरने वाली) हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान शिव के बैल नंदी को समर्पित है। यहाँ आकर आप प्रकृति की सुंदरता देखने के साथ ट्रेकिंग का भी भरपूर आनंद ले सकते हैं।

8.8  यूनिवर्सल पीस हॉल माउंट आबू – Universal Peace Hall Mount Abu In Hindi

 यूनिवर्सल पीस हॉल
यूनिवर्सल शांति हॉल जो कि ब्रह्म कुमारी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय का मुख्य सभा हॉल है जिसको ओम शांति भवन भी कहा जाता है। इस भवन का निर्माण 1983 में किया गया था। शांति से भरपूर सफेद संरचना के इस हाल में लगभग 5,000 लोग बैठ सकते हैं। इस हाल में किसी भी आयोजन के दौरान 16 बिभिन्न भाषाओं में अनुवाद की सुविधा है। जब से इस हाल को सार्वजनिक पर्यटन स्थल घोषित किया गया है तब से करीब 8,000 से अधिक लोग रोज यहां आते हैं।

8.9  सूर्यास्त बिंदु माउंट आबू – Sunset Point, Mount Abu In Hindi

सूर्यास्त बिंदु –
अगर आप माउंट आबू घूमने के लिए आ रहे हैं तो आपकी यात्रा यहां के सन सेट पॉइंट पर्यटन के खास स्थल के बिना पूरी नहीं होगी। इस जगह पर आपको ऐसा नजारा देखने को मिलता है जो अपने कभी सोचा नहीं होगा। सूर्यास्त के समय बीहड़ अरावली पर्वतमाला के बाहर सूर्य की किरणों दृश्य पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है। इस जगह पूरे साल एक सुखद जलवायु होती है। यह जगह किसी भी प्रकृति प्रेमी के लिए बेहद खास है क्योंकि जब सूर्य डूबता है तो इसकी किरणे लाल और नारंगी रंग के रंगों में अरावली की समृद्ध हरियाली में बहुत खूबसूरत दिखाई देती हैl

और पढ़े: राजस्थान के पहाड़ी किले की घूमने की जानकारी 

9. माउंट आबू में खाने के लिए स्थानीय भोजन – Local Food In Mount Abu In Hindi

माउंट आबू में खाने के लिए स्थानीय भोजन

माउंट आबू एक लोकप्रिय और सरल हिल स्टेशन होने के साथ प्रकृतिक शुद्ध शाकाहरी भोजन मिलने की भी खास जगह है। एक बेहद लोकप्रिय जैन तीर्थ स्थल होने की वजह से यहां पर बड़ी संख्या में शुद्ध-शाकाहारी रेस्तरां हैं, इसलिए यहां पर आपको मांसाहारी भोजन मिलने की उम्मीद काफी कम रखना चाहिए। माउंट आबू में स्थानीय राजस्थानी , पंजाबी और चीनी भोजन आसानी से मिल जाता है। लेकिन आपको पंजाबी और चीनी भोजन शहर के केंद्र के आसपास के रेस्तरां में ही मिल पायेगा। इसलिए आप यहां के स्थानीय भोजन का स्वाद ही चखें तो ज्यादा अच्छा होगा।

और पढ़े: पाली जिले में घुमने लायक टॉप 5 पर्यटन स्थल की जानकारी 

10. अचलगढ़ क़िला माउंट आबू कैसे पंहुचा जाये – How To Reach Achalgarh Fort Mount Abu In Hindi

माउंट आबू से 11 किमी की दूरी पर स्थित अचलगढ़ किला आप हवाई, ट्रेन और सड़क मार्ग से यात्रा करके पहुच सकते हैl

10.1 फ्लाइट से अचलगढ़ क़िला कैसे पहुचे – How To Reach Achalgarh Fort From Flight In Hindi

फ्लाइट से अचलगढ़ क़िला कैसे पहुचे

अगर आप अचलगढ़ किला घूमने के लिए हवाई जहाज से जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि अचलगढ़ किला माउंट आबू से कोई डायरेक्ट एअरपोर्ट जुड़ा नहीं है। इसका निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर राजस्थान में है। उदयपुर हवाई अड्डे से अचलगढ़ किला माउंट आबू 177 किमी की दूरी पर स्थित है l तो आप किसी भी प्रमुख शहर से फ्लाइट से उदयपुर हवाई अड्डा पहुच सकते है और वहा से बस, या टैक्सी किराये पर लेकर अचलगढ़ किला माउंट आबू पहुच सकतें हैl

10.2 ट्रेन से अचलगढ़ क़िला केसे जाये – How To Reach Achalgarh Fort By Train In Hindi

ट्रेन से अचलगढ़ क़िला केसे जाये

अगर आप ट्रेन से सफर करके अचलगढ़ क़िला माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे है तो बता दे की माउंट आबू रेलवे स्टेशन अचलगढ़ क़िला का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन हैl जहा आपको जयपुर और अहमदाबाद से माउंट आबू के लिए कई नियमित ट्रेन मिल जाएँगी। और फिर आप माउंट आबू रेलवे स्टेशन से टैक्सी किराये पर ले कर अचलगढ़ क़िला पहुच सकते हैंl

10.3 सड़क मार्ग से अचलगढ़ क़िला कैसे पहुचे – How To Reach Achalgarh Fort By Road In Hindi

सड़क मार्ग से अचलगढ़ क़िला कैसे पहुचे

अचलगढ़ क़िला माउंट आबू जाने के लिए आपको राज्य परिवहन की बस मिल जाएँगी। जो नियमित समय अंतराल से संचालित की जाती है और अचलगढ़ क़िला माउंट आबू जाने के लिए आप बस के अलवा निजी कार या टैक्सी किराये पर लेकर भी पहुच सकते हैंl

और पढ़े: राजस्थान की 8 सबसे डरावनी और भूतिया जगह 

11.अचलगढ़ क़िला माउंट आबू का नक्शा – Achalgarh Fort Mount Abu Map

12. अचलगढ़ क़िला की फोटो गैलरी – Achalgarh Fort Images

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They stand abandoned and neglected! 😔 The glorious monuments of our past, a part of our rich Indian heritage are forgotten. They need to be conserved, loved and respected! They are a symbol of pride.❤️ Please visit such monuments too when you travel. And I sincerely request you not to destroy or engrave any of your names on these beautiful monuments. Otherwise the day when we will lose our rich heritage is not far. Conserve Heritage! In frame: Achalgarh Fort, Mount Abu #mythoughts #conserve #conserveheritage #heritage #monument #monuments #abandoned #neglected #forgotten #saveheritage #indianheritage #indianmonuments #fort #mountabu #rajasthan #india #photography #photographer #ruins #legacy #pride #travel #traveler #travelphotography #traveldiaries #instaphoto #instatravel #achalgarhfort

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