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Bhojpur Temple In Hindi, भोजपुर मंदिर मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन जिले में स्थित हैं और भगवान भोलेनाथ को समर्पित हैं। भोजपुर मंदिर को भोजेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और इस मंदिर को पूर्व का सोमनाथ भी कहा जाता है। भोजपुर अपनी आकर्षित संरचना और इससे जुडी कथाओं, रहस्यों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। भोजपुर मंदिर के बारे में बता दें कि यह मंदिर आज अधुरा हैं और इसका निर्माण कार्य पूरा नही हुआ है। भोजपुर मंदिर में स्थित भगवान शिव की 7 फीट से अधिक ऊँची शिवलिंग स्थापित है। इस शिवलिंग के बारे में कहां जाता है कि भगवान शिव का यह शिवलिंग एक ही पत्थर से बना दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग हैं।

यह मंदिर भारत के मध्य में स्थित मध्य प्रदेश राज्य का प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हैं जोकि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। यदि आप भोजपुर मंदिर के बारे अधिक जानकारी और रोचक तथ्य जानना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को पूरा जरूर पढ़े।

1. भोजपुर मंदिर का इतिहास – Bhojpur Ka Itihas In Hindi

भोजपुर मंदिर का इतिहास

Image Credit: Sachin Wankhede

भोजपुर मंदिर का इतिहास हमें 1055 ईसा पूर्व में ले जाता हैं। भोजपुर मंदिर के निर्माण का श्रेय परमार वंश के राजा भोज को जाता हैं जिन्होंने 11 वीं शताब्दी के दौरान इस मंदिर का निर्माण करबाया था। भोजपुर मंदिर का निर्माण आज भी अधूरा हैं कुछ अज्ञात कारणों से इस मंदिर कार्य बीच में ही छोड़ दिया गया था। माना जाता है कि यह मंदिर एक रात में ही बनना था लेकिन ऐसा हो न सका।

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2. भोजेश्वर मंदिर की संरचना – Bhojpur Temple Architecture In Hindi

भोजेश्वर मंदिर की संरचना

Image Credit: G Deshmukh

भोजेश्वर मंदिर की संरचना बहुत ही अद्भुत है। हालाकि यह मंदिर प्राचीन काल से ही अधूरा बना हुआ है परन्तु इसकी संरचना आज भी पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है। इस मंदिर का शिवलिंग तीन अंगों का उपयोग करके बनाया गया है और इसे एक दूसरे के ऊपर लगाया गया है। शिवलिंग को एक मंच पर रखा गया है जो एक चौकोर आकार में है। एक ही पत्थर से बना यह शिवलिंग पुरातात्विक वास्तुकला का प्रतीक है। मंदिर में प्रवेश द्वार पर अप्सराओं के चित्र उकेरे गए हैं। मंदिर में बने दरवाजे किसी भी मंदिर के सबसे दरवाजे हैं। भोजेश्वर मंदिर के अंदर उमा-महेश्वर, लक्ष्मी-नारायण और राम-सीता के स्तंभ बने हुए हैं। मंदिर के पवित्र गर्भगृह के अंदर गंगा और यमुना की नक्काशी देखी जा सकती हैं।

3. भोजपुर मंदिर की कहानी – Bhojeshwar Temple Story In Hindi

भोजपुर मंदिर से सम्बंधित दो कथाए हमारे सामने आती है। एक प्राचीन कथा के अनुसार माना जाता हैं कि भोजपुर मंदिर का निर्माण पांड्वो ने अपने वनवास के दौरान किया था। जबकि भोजपुर मंदिर से सम्बंधित एक कहानी के अनुसार परमार वंश के राजा भोज ने इस मंदिर का निर्माण 11-12 वीं शताब्दी के दौरान करबाया था।

4. भोजपुर मंदिर में स्थित शिवलिंग – Bhojpur Ki Shivling In Hindi

भोजपुर मंदिर में स्थित शिवलिंग

Image Credit: Akshata Bhurke

  • भोजपुर मंदिर में स्थापित शिवलिंग की ऊंचाई 7.5 फीट हैं।
  • भोजपुर मंदिर (भोपाल) में स्थित भगवान शिव का शिवलिंग एक ही पत्थर से बना विश्व का सबसे बड़ा प्राचीन शिवलिंग हैं।

5. भोजपुर मंदिर के पास से कौन सी नदी प्रवाहित होती हैं – Which River Flows Near The Bhojpur Temple In Hindi

भोजपुर या भोजेश्वर मंदिर के निकट से बेतवा नदी प्रवाहित होती हैं।

6. भोजपुर मंदिर खुलने तथा बंद होने का समय – Bhojeshwar Temple Timings In Hindi

भोजपुर मंदिर खुलने और बंद होने का समय सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है।

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7. भोजपुर मंदिर में प्रवेश शुल्क – Bhojpur Temple Entry Fee In Hindi

भोजपुर मंदिर में प्रवेश शुल्क

Image Credit: Amit Bhagat

भोजपुर मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कोई शुल्क नही देना होता है। भोजपुर मंदिर में प्रवेश शुल्क नही लगता है।

8. भोपाल से भोजपुर मंदिर की दूरी कितनी हैं – Bhopal To Bhojpur Temple Distance In Hindi

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आपके पर्यटन स्थल भोजपुर मंदिर की दूरी लगभग 30 किलोमीटर हैं।

9. भोजपुर मंदिर के बारे में रोचक तथ्य – Bhojpur Temple Facts In Hindi

भोजपुर मंदिर के बारे में रोचक तथ्य

Image Credit: Shikhar Kaka

  • भोजपुर मंदिर के पीछे की तरफ एक ढलान बनाया गया था जिसका उपयोग मंदिर के निर्माण के दौरान पत्थरों को ढोने के लिए किया गया था।
  • दुनिया में कहीं भी इस निर्माण तकनीक का उपयोग नहीं किया गया है। इस तकनीक का उपयोग करके 70 टन के पत्थर को मंदिर में लाया गया।
  • महा शिवरात्रि और मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर विभिन्न स्थानों से कई लोग मेले और त्योहार में भाग लेने के लिए यहां आते हैं।
  • इस मंदिर की छत के रूप में शीर्ष पर एक गुंबद बना हुआ है।

10. भोजपुर मंदिर का रहस्य – Why Is Bhojpur Temple Incomplete In Hindi

भोजपुर मंदिर का रहस्य

Image Credit: Budhaditya Deb

भोजपुर की पहाड़ी पर एक विशाल और दर्शनीय लेकिन एक अधूरा शिव मंदिर बना हुआ है। मंदिर के स्थित विशाल शिवलिंग की वजह से भोजपुर को उत्तर भारत का सोमनाथ भी कहा जाता हैं। यदि हम भोजपुर मंदिर की रहस्य की बात करे तो यह मंदिर अपने आप में कुछ अंजाना-अनसुना-दिलचस्प रहस्य को समेटे हुए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मंदिर का निर्माण अधूरा है जिसे देख कर लगता है जैसे मंदिर का कार्य अचानक से रोक दिया गया हो। मंदिर निर्माण अधूरा क्यों रह गया यह आज भी रहस्य बना हुआ है और इतिहास में भी इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिलती हैं। कहते है भोजपुर मंदिर का कार्य एक रात में होना था लेकिन कार्य पूरा होने से पहले सुबह हो गई और कार्य बंद कर दिया गया। ऐसा भी माना जाता हैं कि इस मंदिर का निर्माण पांडवो ने किया लेकिन मंदिर पूरा होने से पहले सुबह हो गई और पांडव अदृस्य हो गए। इतिहासकार तो यह भी मानते है कि मंदिर का कार्य अधूरा संसाधनों की कमी, प्राकर्तिक आपदा या फिर राजा भोज के निधन के कारण अधूरा रह गया हो। मंदिर के पास से बहती हुई वेतवा नदी के पास माता कुंती द्वारा कर्ण वहा देने की कथा भी सामने आती है। मंदिर के निर्माण के समय जो भी हुआ हो लेकिन आज यह मंदिर अधूरा और एक अनसुलझी पहेली की तरह हर किसी के दिलो दिमाग है।

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11. भोजपुर मंदिर के आसपास में घूमने लायक प्रमुख दर्शनीय और पर्यटन स्थल – Best Places To Visit Near Bhojpur Temple In Hindi

भोजपुर मंदिर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित है जोकि बहुत ऐतिहासिक और धार्मिक मंदिर है। भोजेश्वर मंदिर के आसपास कई ऐसे पर्यटन स्थल है जहां घूम कर आप अपनी यात्रा को बहुत यादगार बना सकते है।

11.1 पार्वती गुफा – Cave Of Parvati In Hindi

पार्वती गुफा

Image Credit: Samresh Jaiswal

भोजपुर मंदिर के ठीक विपरीत वेतवा नदी के सामने वाले घाट पर एक खूबसूरत गुफा हैं जोकि पार्वती गुफा के नाम से जानी जाती हैं। यह स्थान वर्तमान समय में धार्मिक पंडितो के पास हैं। इस गुफा में कई आकर्षित मूर्तियाँ देखने को मिलती हैं और 11 वीं शताब्दी की वास्तुकला की झलक भी देखि जा सकती हैं।

11.2 भोपाल – Bhopal In Hindi

भोपाल

भोजपुर मंदिर के आसपास घूमने की जगह में शामिल भोपाल एक खूबसूरत शहर मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है जोकि मंदिर से लगभग 30 किलो मीटर की दूरी पर स्थित हैं। भोपाल शहर का बड़ा तलाब और छोटा तलाब बहुत ही लोकप्रिय है। भोपाल शहर को झीलों की नगरी भी कहा जाता है। भोपाल शहर राजधानी में स्वच्छता में नबंर वन स्थान पर है। भोपाल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए शहर में शौर्य स्मारक, भारत भवन, बिड़ला मंदिर, वन विहार, वाटर पार्क, डीबी मॉल के अलावा भी कई आकर्षण हैं।

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11.3 होशंगाबाद पर्यटन – Hoshangabad Tourism In Hindi

होशंगाबाद पर्यटन

Image Credit: Sunil Rajak

मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे पर स्थित होशंगाबाद जिला घूमने की एक बहुत अच्छी जगह है जिसमें कई पर्यटन स्थल शामिल है। यह शहर आकर्षण प्राकृतिक दर्शनीय स्थलों और ऐतिहासिक स्मारकों के मिश्रण के साथ आपको एक अलग शांति का अनुभव कराता है। होशंगाबाद बाद के पर्यटक स्थलों में पचमढ़ी का नाम सबसे पहले आता है जो एक प्राचीन हिल स्टेशन है। इसके अलावा भी सेठानी घाट नर्मदा नदी पर बना एक प्राचीन घाट है जिसके पास कई मंदिर हैं।

11.4 भीमबेटका – Bhimbetka In Hindi

भीमबेटका

मध्य प्रदेश में स्थित भीमबेटका रॉक शेल्टर एक पुरातात्विक स्थल है और भोजपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल भारतीय उपमहाद्वीप पर मानव जीवन के शुरुआती निशानों को दिखाता है। इतिहास प्रेमियों के लिए भीमबेटका स्वर्ग के समान है। बता दें कि यहाँ पर 500 से अधिक रॉक शेल्टर और गुफाएं है जिनमें बड़ी संख्या में पेंटिंग हैं। इनमें बने सबसे पुराने चित्रों को 30,000 साल पुराना माना जाता है लेकिन कुछ आंकड़े इन चित्रों को मध्ययुगीन काल का बताते हैं। पर्यटक बहुत अधिक संख्या में भीम बेटका घूमने के लिए जाते हैं।

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11.5 बिजासन माता मंदिर सलकनपुर – Bijasan Mata Temple In Hindi

 बिजासन माता मंदिर सलकनपुर

भोजपुर के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में शामिल बिजासन माता मंदिर सलकनपुर भक्तो के बीच बहुत लौकप्रिय हैं। यह मंदिर माता दुर्गा के बिजासन रूप के लिए प्रसिद्ध है जोकि 800 फीट की उंचाई पर पहाड़ों में जाकर बसा है। सलकनपुर धाम में नवरात्री के समय बहुत भीड़ होती है जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते है। माता के दर्शन की एक झलक के लिए भक्त नवरात्री के अवसर पर दूर-दूर से पैदल चलकर आते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें पिपरिया से सलकनपुर तक पैदल आने वाले भक्तो की लम्बी कतार लगी रहती हैं। यह मंदिर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक अपने भक्तों का स्वागत करता है। भोजपुर मंदिर से सलकनपुर मंदिर की दूरी लगभग 60 किलोमीटर हैं।

और पढ़े: सलकनपुर मंदिर के दर्शन और इतिहास की पूरी जानकारी

12. भोजपुर मंदिर घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Bhojpur Temple In Hindi

भोजपुर मंदिर घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

Image Credit: Shivam Kushwaha

भोजपुर के मंदिर के साथ-साथ यहाँ की शानदार घुफाओं को घूमने के सबसे अच्छा समय सितम्बर से मार्च के महीने के बीच का होता है। महा-शिवरात्रि और मकर संक्रांति के अवसर पर भी पर्यटकों की बहुत अधिक भीड़ यहाँ देखि जाती हैं।

13. भोजपुर के प्रमुख भोजन – Famous Foods Available In Bhojpur In Hindi

भोजपुर के प्रमुख भोजन

भोजपुर मंदिर की यात्रा के दौरान आप दाल बाफला, लस्सी, गन्ने के रस और भोपाली पान (सुपारी) का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा भोपाल के नजदीक होने की वजह से आप भोपाल के कुछ स्वादिष्ट व्यंजन बिरयानी, कबाब, चिकन टिक्का, कोरमा, रोगन जोश और शहर का मीठा, खट्टा और मसालेदार चाट को भी चख सकते हैं।

14. भोजेश्वर मंदिर के आसपास कहाँ रुके – Where To Stay Near Bhojpur Temple In Hindi

भोजेश्वर मंदिर के आसपास कहाँ रुके

भोजपुर के मंदिर के दर्शन के बाद यदि आप यहाँ कुछ समय ओर बिताना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि आप भोपाल और मंडीदीप में लो-बजट से लेकर हाई-बजट तक होटल ले सकते है।

  • होटल शिव शक्ति (Hotel Shiv Shakti)
  • होटल आमेर ग्रीन (Hotel Amer Green)
  • होटल सुदर्शन पैलेस (Hotel Sudarshan Palace)
  • होटल द बेनट्री (Hotel The Bentree)
  • होटल मयूर पैलेस (Hotel Mayur Palace)

और पढ़े: खजुराहो दर्शनीय स्थल, मंदिर और घूमने की जगह 

15. भोजपुर मंदिर भोपाल कैसे पंहुचा जाये – How To Reach Bhojpur Temple Bhopal In Hindi

भोजपुर मंदिर जाने के लिए आप फ्लाइट, ट्रेन और बस में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं।

15.1 फ्लाइट से भोजपुर मंदिर कैसे जाए – How To Reach Bhojpur Temple By Flight In Hindi

फ्लाइट से भोजपुर मंदिर कैसे जाए

भोजपुर मंदिर की यात्रा के लिए यदि आपने हवाई मार्ग का चुनाव किया है तो हम आपको बता दें कि मंदिर के सबसे निकट भोपाल का (Raja Bhoj Airport )राजा भोज हवाई अड्डा हैं। जोकि भोजपुर शिव मंदिर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। हवाई अड्डे से आप भोपाल में चलने वाली रेड बस की सहायता से अपना आगे का सफ़र तय कर सकते हैं।

15.2 ट्रेन से भोजपुर मंदिर कैसे जाए – How To Reach Bhojpur Temple By Train In Hindi

ट्रेन से भोजपुर मंदिर कैसे जाए

भोजपुर मंदिर जाने के लिए यदि आपने रेलवे मार्ग का चुनाव किया हैं तो हम आपको बता दें कि सबसे नजदीक हबीबगंज रेलवे स्टेशन और भोपाल का प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं। स्टेशन से आप यहाँ चलने वाले स्थनीय साधनों की मदद ले सकते हैं।

15.3 भोजपुर मंदिर बस से कैसे जाए – How To Reach Bhojpur Temple By Bus In Hindi

भोजपुर मंदिर बस से कैसे जाए

भोजपुर मंदिर की यात्रा के लिए यदि आपने सड़क मार्ग का चुनाव किया हैं तो हम आपको बता दें कि भोजपुर सड़क मार्ग के माध्यम से अपने आसपास के क्षेत्र से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं। खासकर भोपाल-होशंगाबाद मार्ग से अच्छी तरह से संपर्क में हैं इसलिए आप बस या अपने निजी साधन से भी भोजपुर मंदिर आसानी से पहुँच जाएंगे।

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16. भोजपुर मंदिर भोपाल का नक्शा – Bhojpur Mandir Bhopal Map

17. भोजपुर मंदिर की फोटो गैलरी – Bhojpur Mandir Images

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