कांचीपुरम में कैलाशनाथ मंदिर के दर्शन की पूरी जानकारी – Kanchi Kailasanathar Temple In Hindi

Kailasanathar Temple In Hindi, कांची कैलासनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जो पश्चिमी सीमा पर तमिलनाडु के कांचीपुरम में वेदवती नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर हिंदू धर्म के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। बता दें कि वैसे तो इस मंदिर में पूरे वर्ष बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि के समय भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि होती है। मंदिर का प्रमुख आकर्षण सोलह शिव लिंगम है जो मुख्य मंदिर में काले ग्रेनाइट से बने हैं। कांची कैलासनाथ मंदिर सुंदर चित्रों और शानदार मूर्तियों से सजा हुआ है जिसकी यह किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।

कांची कैलासनाथ मंदिर तमिलनाडु का एक बेहद प्राचीन मंदिर है और उन मंदिरों में सबसे पुराना है जो 685 ईस्वी और 705 ईस्वी के दौरान बनाए गए थे। इस आकर्षक मंदिर का निर्माण पल्लव शासक राजसिंह द्वारा शुरू किया गया था और उनके पुत्र महेंद्र वर्मा पल्लव ने पूरा किया था। कांची कैलासनाथ मंदिर द्रविड़ शैली की वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, इसे बलुआ पत्थर से तराश कर बनाया गया है। यह मंदिर इतना आकर्षक है कि इसकी स्थापत्य सुंदरता तमिलनाडु के अन्य सभी मंदिरों से अलग है। अगर आप कांची कैलासनाथ मंदिर के बारे में अन्य जानकारी चाहते हैं तो इस लेख को अवश्य पढ़ें। इस लेख के माध्यम से हम आपको मंदिर की धार्मिक यात्रा पर ले जा रहें हैं।

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कांची कैलाशनाथ मंदिर का इतिहास – Kanchi Kailasanathar Temple History In Hindi

कांची कैलाशनाथ मंदिर का इतिहास
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पल्लव वंश ने कांचीपुरम में अपना राज्य स्थापित किया था जिसे कांची या शिव विष्णु कांची के नाम से जाना जाता है। सम्राट नरसिंहवर्मन प्रथम के द्वारा कई मंदिर का निर्माण किया गया था जिसमें से तिरु परमेस्वर विन्नगरम और कांची कैलाशनाथर मंदिर सबसे ज्यादा आकर्षक है। कांची कैलासनाथ मंदिर का निर्माण 685 A.D से 705 A.D के दौरान हुआ था। यह मंदिर नरसिंहवर्मन प्रथम द्वारा दक्षिण भारत में बनाया गया पहला संरचनात्मक मंदिर है, जिसे राजसिम्हा पल्लवेश्वरम् के नाम से भी जाना जाता है। बाद में उनके बेटे महेंद्रवर्मन तृतीय मंदिर के सामने के हिस्से और टॉवर का निर्माण पूरा किया।

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कांचीपुरम में कैलाशनाथ मंदिर की वास्तुकला – Kanchi Kailasanathar Temple Architecture In Hindi

कांचीपुरम में कैलाशनाथ मंदिर की वास्तुकला
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कांची कैलासनाथ मंदिर का निर्माण पारंपरिक द्रविड़ शैली की शैली में किए गया है जो देखने में बेहद आकर्षक है। मंदिर की नींव ग्रेनाइट से बनी है। कैलासनाथ मंदिर की बाहरी संरचना और नक्काशी सभी बलुआ पत्थर से निर्मित है। मंदिर में अड़तालीस छोटे छोटे मंदिर हैं, जो मुख्य मंदिर को घेरने वाली दीवार से लगे हुए हैं। यहां मुख्य मंदिर में देवी पार्वती और भगवान शिव की विभिन्न नृत्य रूपों में नक्काशी की गई है। छोटे मंदिरों के अलावा यहां परिसर में एक मुख्य हॉल, एक प्रवेश द्वार भी देखा जा सकता है जिसे गोपुरम के रूप में जाना जा सकता है। इसके अलावा मंदिर के स्तंभों पर शेरों की मूर्तियाँ देखी जा सकती है जो अपने पैरों पर खड़ी हैं। मुख्य मंदिर या गर्भगृह में काले ग्रेनाइट में बने 16 शिवलिंग हैं।

कैलाशनाथ मंदिर कांचीपुरम में मनाये जाने उत्सव और समारोह – Festivals Celebrations At Kanchi Kailasanathar Temple In Hindi

कैलाशनाथ मंदिर कांचीपुरम में मनाये जाने उत्सव और समारोह
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कांची कैलासनाथ मंदिर में मनाया जाने वाला सबसे लोकप्रिय त्योहार महा शिवरात्रि है, जो हिंदू कैलेंडर के माघ महीने की तेरहवीं रात और चौदहवें दिन को आता है। बता दें कि मंदिर में इस त्यौहार को बहुत ही भव्य तरीके से मनाया है।

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कांची कैलासनाथ मंदिर के दर्शन का समय – Kanchi Kailasanathar Temple Timings In Hindi

कांची कैलाशनाथ मंदिर हफ्ते में सभी दिन सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे और फिर शाम में 4:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक खुला रहता है। आरती प्रतिदिन दो बार होती है एक सुबह के समय और एक दोपहर में।

कैलासनाथ मंदिर कांचीपुरम जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Kailasanathar Temple In Hindi

कैलासनाथ मंदिर कांचीपुरम जाने का सबसे अच्छा समय
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अगर आप कांची कैलासनाथ मंदिर की यात्रा करने की योजना बना रहें हैं तो बता दें कि मंदिर की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय फरवरी और मार्च में होता है। इन महीनों में यहां महा शिवरात्रि उत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान मंदिर को बहुत ही आकर्षक तरीके से सजाया जाता है। महा शिवरात्रि के दौरान मंदिर के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। अक्टूबर से मार्च तक के महीने यहां की यात्रा करने के लिए बेस्ट हैं क्योंकि इस समय मौसम बेहद सुहावना होता है।

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कैलासनाथ मंदिर कांचीपुरम कैसे पहुंचें – How To Reach Kailasanathar Temple Kanchipuram In Hindi

जो भी पर्यटक कैलासनाथ मंदिर की यात्रा करने के लिए जा रहें हैं उनके लिए बता दें कि मंदिर बस स्टेशन से केवल 2.4 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से 2.5 किलोमीटर दूर है। अगर आप इन दोनों स्थान के पास हैं तो मंदिर तक पहुंचने के लिए कैब या ऑटो किराए पर ले सकते हैं।

फ्लाइट से कांचीपुरम कैसे पहुंचे – How To Reach Kanchipuram By Flight In Hindi

फ्लाइट से कांचीपुरम कैसे पहुंचे

कांचीपुरम का निकटतम हवाई अड्डा चेन्नई हवाई अड्डा है। हवाई अड्डे से आप कैलासनाथ मंदिर जाने के लिए आप शहर में कोई भी टैक्सी या कैब किराये से ले सकते हैं।

सड़क मार्ग से कांचीपुरम कैसे जाये – How To Reach Kanchipuram By Road In Hindi

सड़क मार्ग से कांचीपुरम कैसे जाये

अगर आप सड़क मार्ग द्वारा यात्रा करना चाहते हैं, तो बता दें कि दक्षिण भारतीय शहरों से सड़क द्वारा कांचीपुरम आसानी से पहुँचा जा सकता है। इस शहर के लिए बस सेवाएं आसानी से उपलब्ध हैं। मिलनाडु राज्य सरकार द्वारा संचालित परिवहन निगम कांचीपुरम के लिए अधिकांश प्रमुख शहरों से बसें चलाता है।

ट्रेन से कांचीपुरम कैसे पहुंचे – How To Reach Kanchipuram By Train In Hindi

ट्रेन से कांचीपुरम कैसे पहुंचे

जो भी पर्यटक ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं उनके लिए बता दें कि कांचीपुरम में अपना एक रेलवे स्टेशन है और वो दक्षिण भारत के अधिकांश प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां आने के लिए आप चेन्नई से ट्रेन भी ले सकते हैं।

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कैलासनाथ मंदिर कांचीपुरम का नक्शा – Kailasanathar Temple Kanchipuram Map

कैलासनाथ मंदिर की फोटो गैलरी – Kailasanathar Temple Images

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