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Hanumangarh Tourism In Hindi, हनुमानगढ़ भारत के राजस्थान राज्य का एक प्रमुख कस्वा है जिसकों पहले भटनेर के रूप में जाना जाता था। बीकानेर के राजा द्वारा कब्जा करने से पहले इस जगह पर भाटी राजपूत का शासन था। 1805 में बीकानेर के राजा सूरत सिंह ने राजपूतों द्वारा बनाये गए भटनेर के प्राचीन किले पर जीत हासिल कर ली थी, जिसके बाद इसे हनुमानगढ़ के नाम से जाना जाता है। बता दें कि जिस दिन बीकानेर के राजा ने विजय हासिल की थी उस दिन मंगलवार था। इसलिए यहाँ स्थित हनुमान जी की एक मूर्ति के नाम पर इसका नाम हनुमानगढ़ रखा।

अपने मजबूत इतिहास के साथ हनुमानगढ़ अपने कई पर्यटन आकर्षणों के लिए भी जाना जाता है जिसमें भटनेर का किला और श्री गोरख नाथ मंदिर, ब्राह्मणी माता मंदिर जैसे धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। अगर आप हनुमानगढ़ और इसके पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस लेख को जरुर पढ़ें, यहां हम आपको हनुमानगढ़ जाने और इसके पर्यटन स्थलों के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहें हैं।

1. हनुमानगढ़ का इतिहास – Hanumangarh History In Hindi

हनुमानगढ़ का इतिहास

Image Credit: Divyang Sihag

हनुमानगढ़ का इतिहास काफी रोचक है आपको बता दें कि यह जगह इतिहास प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है, क्योंकि हनुमानगढ़ कई ऐतिहासिक स्मारकों का घर है। यहां स्थित भटनेर का किला भारत के सबसे पुराने किलों में से एक माना जाता है। अब इस किले को हनुमानगढ़ किले के नाम से जाना जाता है, जो घग्गर नदी के किनारे स्थित है। भटनेर के किले का निर्माण भाटी राजपूत शासकों द्वारा किया गया था लेकिन 1805 में बीकानेर के राजा सूरत सिंह ने राजपूतों को हरा कर इस किले पर जीत हासिल कर ली थी जिसके बाद इस किले का नाम हनुमानगढ पड़ा। इस किले में कई छोटे भवन जैसे कि भगवान शिव और हनुमान के मंदिर भी स्थित हैं। हनुमानगढ़ आध्यात्मिकता में शहर है जहां पर कई मंदिर स्थित हैं जिनमें श्री गोगी मंदिर, ब्राह्मणी माता मंदिर, सिला माता मंदिर और भद्रकाली मंदिर के नाम शामिल हैं।

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2. हनुमानगढ़ में घूमने लायक में पर्यटन और आकर्षण स्थल – Tourist Spots In Hanumangarh Tourism In Hindi

हनुमानगढ़ भारत का एक ऐतिहासिक स्थल है जो कई किलों, मंदिरों और स्मारकों का घर है। भले ही हनुमानगढ़ काफी छोटा है लेकिन आस-पास के शहरों के पर्यटकों के लिए एक दिन की यात्रा का बहुत अच्छा स्थान है। हनुमानगढ़ में कुछ प्रमुख पर्यटक और ऐतिहासिक आकर्षण हैं जहां की यात्रा आपको एक बार जरुर करना चाहिए।

2.1 हनुमानगढ़ में घूमने के लिए ऐतिहासिक जगह भटनेर का किला – Hanumangarh Me Ghumne Ke Liye Historical Places Bhatner Fort In Hindi

हनुमानगढ़ में घूमने के लिए ऐतिहासिक जगह भटनेर का किला

Image Credit: Akshay Joshi

भटनेर किले को हनुमानगढ़ किले के रूप में जाना जाता है। आपको बता दें कि यह किला हनुमानगढ़ के केंद्र में गग्गर नदी के तट पर स्थित है। अगर आप हनुमानगढ़ की यात्रा करने जा रहें हैं तो इस किले को देखने के लिए जरुर जाना चाहिए। आपको बता दें कि यह किला लगभग 1700 वर्ष से अधिक पुराना है और इसे भारत के सबसे पुराने किलों में से एक माना जाता है।

2.2 हनुमानगढ़ के धार्मिक स्थल सिला माता (सिला पीर मंदिर) – Hanumangarh Ke Dharmik Sthal Sila Peer Temple In Hindi

हनुमानगढ़ के धार्मिक स्थल सिला माता (सिला पीर मंदिर)

Image Credit: Bhupender Joshi

सिला पीर मंदिर हनुमानगढ़ शहर के बस स्टैंड के करीब स्थित एक प्रमुख मंदिर है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इस मंदिर में मूर्ति की पूजा हिंदू, मुस्लिम और सिख करते हैं। यहां मुसलमान लोग सिला पीर के रूप में पूजा करते हैं और हिंदू इसे सिला माता के रूप में पूजते हैं। ऐसा माना जाता है यहां पर जो दूध और जल चढ़ाया जाता है वो सभी तरह के त्वचा रोगों को ठीक करने में सक्षम है। आपको बता दें कि हर गुरुवार के दिन यहां पर एक मेले का आयोजन किया जाता है।

2.3 हनुमानगढ़ में घूमने लायक जगह कालीबंगन पुरातत्व संग्रहालय – Hanumangarh Mein Ghumne Layak Jagah Kalibangan Archaeological Museum In Hindi

हनुमानगढ़ में घूमने लायक जगह कालीबंगन पुरातत्व संग्रहालय

Image Credit: Nitin Pahwa

कालीबंगन पुरातत्व संग्रहालय हनुमानगढ़ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक बहुत अच्छी जगह है। आपको बता दें कि यह संग्रहालय हनुमानगढ़ और सूरतगढ़ जिलों के बीच तहसील पीलीबंगा में स्थित है। इस संग्रहालय की स्थापना साल 1983 में 1961 और 1969 के बीच पुरातत्व स्थल कालीबंगन से उत्खनन की गई सामग्रियों को संग्रहीत करने के लिए की गई थी। इस संग्रहालय में हड़प्पा की कलाकृतियों को भी देखा जा सकता है। अगर आप एक इतिहासप्रेमी हैं तो आपको इस संग्रहालय की यात्रा जरुर करना चाहिए।

2.4 हनुमानगढ़ के दर्शनीय स्थल ब्राह्मणी माता मंदिर – Hanumangarh Ke Darshaniya Sthal Brahmani Mata Temple In Hindi

हनुमानगढ़ के दर्शनीय स्थल ब्राह्मणी माता मंदिर

Image Credit: Bhavani Shankar

ब्राह्मणी माता मंदिर हनुमानगढ़ शहर से लगभग 100 किमी की दूरी पर हनुमानगढ़ – किशनगढ़ मेगा हाईवे पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। आपको बता दें कि यह मंदिर पुराने कल्लोर किले के अवशेषों पर टिका है। हर साल नवरात्री के दौरान यहां पर माता ब्राह्मणी मेले का आयोजन किया जाता है।

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2.5 हनुमानगढ़ के तीर्थ स्थल धूना श्री गोरख नाथजी का मंदिर- Hanumangarh Ke Tirth Sthal Dhuna Shri Gorakh Nath Ji Mandir In Hindi

धूना श्री गोरख नाथजी का मंदिर भगवान शिव के साथ-साथ उनके परिवार, देवी काली, श्री भैरूजी और श्री गोरख नाथजी की धूना को समर्पित है। आपको बता दें कि यह मंदिर गोगामेड़ी के रेलवे स्टेशन से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मत्स्येंद्रनाथ के शिष्य, श्री गोरख नाथ जी एक प्रतिभाशाली योगी थे। इस धार्मिक स्थल पर श्री गोरखा नाथ की धूना या चिमनी देखी जा सकती है। इस मंदिर में ईंटों, चूने, सीमेंट और मोर्टार से बनी देवी काली की एक खड़ी हुई मूर्ति है जो लगभग 3 फीट ऊँची है। इसके अलावा इस मंदिर में श्री भैरूजी की भी मूर्ति है। आपको बता दें कि इन मूर्तियों के पास शिव के पूरे परिवार की मूर्ति विराजमान हैं। यह मंदिर पूरे साल भक्तों के लिए खुला रहता है। अगर आप हनुमानगढ़ की यात्रा करने जा रहें हैं तो आपको इस पवित्र मंदिर के दर्शन करने के लिए भी जाना चाहिए।

2.6 हनुमानगढ़ के पर्यटन स्थल कालीबंगन पुरातात्विक स्थल – Hanumangarh Ke Paryatan Sthal Kalibangan Archaeological Site In Hindi

हनुमानगढ़ के पर्यटन स्थल कालीबंगन पुरातात्विक स्थल

Image Credit: Anupama Rajkumar

कालीबंगन पुरातात्विक स्थल हनुमानगढ़ के करीब एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है। बता दें कि यह साइट प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता का एक हिस्सा है जिसका इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है। इस दिलचस्प साइट पर 3500 ईसा पूर्व – 2500 ईसा पूर्व से पूर्व-हड़प्पा बस्तियां भी हैं जिससे यह साबित होता है कि भारत में हड़प्पा सभ्यता से पहले एक अच्छी तरह से स्थापित जीवन शैली मौजूद थी। कालीबंगन में हुई खुदाई में हड़प्पा की मुहरें, मानवों के कंकाल, तांबे की चूड़ियां, कुए, स्नानगृह, सड़कें और एक किले के अलावा और भी चीजों का पता चला है। अगर आप पुरातत्व और इतिहास में रूचि रखने वाले हैं तो आपको कालीबंगन पुरातात्विक स्थल एक बार जरुर जाना चाहिए।

2.7 हनुमानगढ़ पर्यटन में घूमने की अच्छी जगह माता भद्रकाली का मंदिर – Hanumangarh Tourism Me Ghumne Ki Achi Jagah Mata Bhadrakali Temple In Hindi

हनुमानगढ़ पर्यटन में घूमने की अच्छी जगह माता भद्रकाली का मंदिर

Image Credit: Deepak Kumar Gupta

माता भद्रकाली का मंदिर हनुमानगढ़ शहर से सात किलोमीटर की दूरी पर घग्गर नदी के किनारे पर स्थित एक धार्मिक स्थल है। आपको बता दें यह मंदिर माता भद्रकाली हैं जो देवी दुर्गा के कई अवतारों में से एक है। यह मंदिर हिंदू धर्म का एक प्रमुख मंदिर है, जिसकों बीकानेर के 6 वें शासक, महाराजा राम सिंह ने अकबर की इच्छा को पूरा करने के लिए निर्माण किया और बाद में बीकानेर के राजा, महाराजा धीरी गंगा सिंहजी ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया। इस मंदिर में माता की लाल पत्थर से निर्मित मूर्ति है जो जो 2.6 फीट ऊंचा है और गहनों से ढकी हुई है। यह मंदिर भक्तों के लिए हर दिन खुला रहता है। चैत्र के महीने में 8 वें और 9 वें दिन यहां पर भक्तों की काफी भीड़ हो जाती है। अगर आप हनुमानगढ़ की यात्रा करने जा रहें हैं तो आपको भद्रकाली का मंदिर के दर्शन करने के लिए जरुर जाना चाहिए।

2.8 हनुमानगढ़ के आकर्षण स्थल श्री कबूतार साहिब गुरुद्वारा – Hanumangarh Ke Aakarshan Sthal Shri Kabootar Sahib Gurdwara In Hindi

हनुमानगढ़ के आकर्षण स्थल श्री कबूतार साहिब गुरुद्वारा

Image Credit: Rajdeep Singh Parhar

श्री कबूतार साहिब गुरुद्वारा नोहर शहर में हनुमानगढ़ से लगभग 80 किमी की दूरी पर स्थित है। बता दें कि इस गुरूद्वारे का निर्माण गुरु गोविंद सिंह की ऐतिहासिक यात्रा को मनाने के लिए नवंबर, 1706 के महीने में किया गया था। गुरु गोविंद सिंह सिखों के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक थे। आप अपनी हनुमानगढ़ यात्रा के दौरान इस गुरुद्वारे की यात्रा कर सकते हैं।

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3. हनुमानगढ़ घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Hanumangarh Tourism In Hindi

हनुमानगढ़ घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

Image Credit: Yogesh Sharma

हनुमानगढ़ जाने का सबसे अच्छा सर्दियों का मौसम होता है, क्योंकि गर्मियों के मौसम में राजस्थान में बहुत तेज गर्मी पड़ती है जिसकी वजह से यह मौसम पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए सही नहीं है। फरवरी, मार्च और सितंबर से दिसंबर के महीने हनुमानगढ़ में घूमने के लिए अच्छा समय है।

4. हनुमानगढ़ यात्रा के लिए टिप्स – Hanumangarh Travelling Tips In Hindi

  • हनुमानगढ़ राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र में स्थित जिसकी वजह से यहां पर ग्रीष्मकाल में भीषण गर्मी पड़ती है। इसलिए गर्मी के मौसम में आपको यात्रा से बचना चाहिए।
  • हनुमानगढ़ के लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों के आसपास दलालों से सावधान रहें जो गाइड सेवाएं देकर आपसे ज्यादा पैसे वसूलने की कोशिश कर सकते हैं।
  • हनुमानगढ़ के पर्यटन स्थलों की सैर करने के लिए प्राइवेट टैक्सी या कैब लेना एक अच्छा विकल्प है।

5. हनुमानगढ़ शहर कैसे घूम सकते है – Hanumangarh Tour Itinerary In Hindi

हनुमानगढ़ शहर कैसे घूम सकते है

Image Credit: Aniket Srivastava

हनुमानगढ़ में स्थानीय परिवहन ज्यादातर प्राइवेट वाहनों पर निर्भर है। शहर के अंदर और आसपास घूमने के लिए आप एक निजी टैक्सी या कार किराए पर ले सकते हैं। हनुमानगढ़ के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए विशेष वाहन भी बुक कर सकते हैं।

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6. हनुमानगढ़ कैसे जाये – How To Reach Hanumangarh In Hindi

अगर आप हनुमानगढ़ की यात्रा करने की योजना बना रहें हैं तो बता दें कि देश के कई प्रमुख शहरों से हनुमानगढ़ के लिए आसानी से नियमित ट्रेन प्राप्त कर सकते हैं। देश के अन्य प्रमुख शहरों से हनुमानगढ़ के लिए नियमित बसें हैं।

6.1 हवाई जहाज से हनुमानगढ़ कैसे पहुँचे – How To Reach Hanumangarh By Flight In Hindi

हवाई जहाज से हनुमानगढ़ कैसे पहुँचे

अगर आप हनुमानगढ़ की यात्रा हवाई जहाज से करना चाहते है तो बता दें कि हनुमानगढ़ में अपना कोई हवाई अड्डा नहीं है। इसका निकटतम हवाई अड्डा लुधियाना हवाई अड्डा है। जो 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

6.2 हनुमानगढ़ ट्रेन से कैसे पहुँचे – How To Reach Hanumangarh By Train In Hindi

हनुमानगढ़ ट्रेन से कैसे पहुँचे

अगर आप रेल द्वारा हनुमानगढ़ की यात्रा करना चाहते हैं तो बता दें कि हनुमानगढ़ जंक्शन यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन हैं। हनुमानगढ़ के लिए भारत के कई हिस्सों से दैनिक आधार पर ट्रेन गुजरती हैं।

6.3 हनुमानगढ़ कैसे पहुँचे सड़क मार्ग से – How To Reach Hanumangarh By Road In Hindi

हनुमानगढ़ कैसे पहुँचे सड़क मार्ग से

अगर आप हनुमानगढ़ की यात्रा सड़क मार्ग द्वारा करना चाहते हैं तो बता दें कि हनुमानगढ़ सूरतगढ़, गंगानगर, अबोहर से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है जो इससे क्रमशः 29 किमी, 35 किमी, 37 किमी दूर हैं। इन शहरों से आप हनुमानगढ़ की यात्रा बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं।

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7. हनुमानगढ़ का नक्शा – Hanumangarh Map

8. हनुमानगढ़ की फोटो गैलरी – Hanumangarh Images

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The ancient fort situated on the bank of river ghaggar was built in 253AD by Bhupat, son of king Bhati of Jaisalmer. It is said that after losing the battle against the Sultan of Ghazni, King Bhupat took shelter in the jungle around the Ghaggar River. There he constructed a safe castle for himself which came to be known as Bhatner. The entire fort is built of bricks, covering an area of 52 bighas. It is in the shape of a parallelogram, with a dozen bastions on each side. Painted Grey Ware (circa 1100-800 BC) and Rang-Mahal Ware (1st-3rd century AD) have been found in wells situated along the wall. In the middle of the thirteenth century AD, Sher Shah Suri (Sher Khan), a cousin or nephew of Balban (the sultan of Delhi), was governor in these parts of the country. He is said to have carried out repairs to the forts of Bhatinda and Bhatner.Sher khan's sepulture is still there in bhatner fort. In 1391, Bhatner was wrested by Timur by defeating bhati king Rao Doolchand. A mention has been made in "Tuzuk-e-Timuri"(Autobiography of Timur) about this fort and he stated this fort one of the strongest and secured fort of India.Even Mughal Emperor Akbar described his fortification in his book "Ain-I-Akbari". Subsequently the fort appears to have been held by Bhatis, Johiyas and Chayals until 1527 when it was taken by Rao Jet Singh of Bikaner. After that it came twice under Mughal control as well, in addition to being the possession of the royal families of Chayal and Bikaner. Researchers believe that famous Tarain war fought between Mohammad gouri and Prithviraj chauhan is the present Talwara Jheel area of the district. This fort stands in the path of invasion of India from Central Asia and had acted as a strong barricade against the attack of enemies. Finally in the year of 1805, it was captured by Emperor Soorat Singh of Bikaner and remained with it till the formation of Rajasthan.Since the day of victory was Tuesday (known as day of Hindu God Hanuman), so he named Bhatner as Hanumangarh.

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