भीलबाड़ा के बदनोर फोर्ट का इतिहास और घूमने की जानकारी – Badnore Fort Information In Hindi

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Badnore Fort In Hindi, बदनोर फोर्ट भीलबाड़ा में एक छोटी सी पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन किला है जो अपने इतिहास और वास्तुकला के लिए जाना जाता है। भीलवाड़ा का यह किला सात मंजिला हैं और बदनोर किले में मध्यकालीन भारतीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलता है।

अगर आप बदनोर फोर्ट जाने की योजना बना रहें हैं या किले के बारे में अन्य जानकारी चाहते हैं तो इस लेख को जरुर पढ़ें, इस लेख में हम आपको बदनोर दुर्ग के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहें हैं।

1. बदनोर फोर्ट का इतिहास – Badnore Fort History In Hindi

बदनोर फोर्ट का इतिहास
Image Credit: Partha Sarathi Jana

बदनोर किले के इतिहास की बात करें तो बदनापुर (बदना) नामक एक परमार राजा ने 845 ईस्वी में बदनपुरा की स्थापना की जो बाद में बदनोर बन गया। 1439 ई के एक शिलालेख के अनुसार इसे वर्धनपुरा (वर्धनपुर) कहा जाता है। आपको बता दें कि हम्मीर महाकाव्या भी यह अपना नाम दर्ज करता है। यहां स्थित चतुर्भुज विष्णु मंदिर में एक विजय स्तंभ के अनुसार इस किले का निर्माण 1584 में किया गया था। यहां पर द्वारकाधीश और सीता राम जी मंदिर भी स्थित हैं। अंजना यहां के एक धार्मिक स्थल है जहाँ पर गोपाल जी का मंदिर स्थित है। यहां उत्तर में लगभग 2 किलोमीटर पर कुशला माता का मंदिर है।

2. बदनोर किले के खूलने और बंद होने का समय – Badnore Kila Bhilwara Timing In Hindi

बदनोर किले के खूलने और बंद होने का समय
Image Credit: Bhavesh Bhagchandani
  • बदनोर किला सुबहे के 9 बजे से शाम के 5 बजे तक खुला रहता हैं।
  • बदनोर फोर्ट में किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नही लगता हैं।

3. बदनोर फोर्ट घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit In Badnore Fort In Hindi

बदनोर फोर्ट घूमने जाने का सबसे अच्छा समय
Image Credit: Ujwal Patil

आप अगर बदनोर फोर्ट घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि बदनोर फोर्ट जाने के लिए सबसे बेस्ट टाइम अक्टूबर से मार्च महीने तक का माना जाता हैं। मानसून का मौसम भी अच्छा हैं लेकिन बारिश कभी-कभी तेज बारिश के चलते आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं।

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4. बदनोर फोर्ट के पास में घूमने लायक दर्शनीय स्थल – Best Places To Visit Near Badnore Fort In Hindi

भीलबाड़ा के बदनोर किले के पास ऐसे कई आकर्षण स्थल है जहा आप को जरुर जाना चाहिए। तो आइए हम आपको यहां के पर्यटक स्थलों की जानकारी नीचे देते हैं।

4.1 हरणी महादेव मंदिर – Harni Mahadev Temple In Hindi

हरणी महादेव मंदिर
Image Credit: Rahul Dhaker

भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में से एक हरनी महादेव मंदिर राजस्थान के डारक परिवार के पूर्वजों द्वारा स्थापित किया गया एक शिव मंदिर हैं। जोकि शहर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सुरम्य पहाड़ियों से घिरा हुआ यह दर्शनीय स्थल पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध हैं।

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4.2 क्यारा के बालाजी – Kyara Ke Balaji In Hindi

क्यारा के बालाजी
Image Credit: Arpit Tripathi

भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में शुमार क्यारा के बालाजी पवन पुत्र हनुमान जी महाराजा को समर्पित एक आकर्षित मंदिर है। क्यारा के बालाजी के दर्शन करने के लिए आने वाले पर्यटक यहां के अन्य मंदिर बीदा के माताजी मंदिर, पटोला महादेव मंदिर, घाट रानी मंदिर और नीलकंठ महादेव मंदिर जैसे अन्य स्थानों पर भी जा सकते हैं और क्यारा के बालाजी का दर्शन कर सकते हैं।

4.3 मंडल – Mandal Bhilwara In Hindi

मंडल
Image Credit: Rishabh Tailor

भीलवाड़ा की देखने लायक जगह शामिल मंडल भीलवाड़ा शहर से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यहां आप जग्गनाथ कच्छवाहा के किले को देख सकते हैं जोकि बत्तीस खंबन की छतरी के रूप में जाना जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह एक आकर्षित छतरी है जिसमे बलुआ पत्थर के बने 32 स्तम्भ लगे हुए हैं। यह छत्री यहा बने एक विशाल शिवलिंग को घेरती हैं।

4.4 गायत्री शक्ति पीठ – Gayatri Shakti Peeth Bhilwara In Hindi

गायत्री शक्ति पीठ
Image Credit: Sandeep Kumar Dayma

भीलबाड़ा में गायत्री शक्ति पीठ देवी शक्ति या सती जोकि हिंदू धर्म की महिला प्रमुख और शक्ति संप्रदाय के मुख्य देवी के रूप में जानी जाती हैं की पूजा का स्थल हैं। गायत्री शक्ति पीठ भीलवाड़ा शहर में बस स्टैंड के पास ही स्थित है।

4.5 धनौप माता जी मंदिर – Dhanop Mataji Temple In Hindi

धनौप माता जी मंदिर
Image Credit: Chhaganlal Kumawat

भीलबाड़ा का दर्शनीय स्थल धनोप माता जी मंदिर संगरिया से 3 किलोमीटर दूरी पर एक छोटे से गांव में स्थित है। धनोप माता जी मंदिर में आप शीतला माता के दर्शन का लाभ उठा सकते हैं। धनोप माता के मंदिर में रंगीन चमकदार लाल दीवारें और खंभे हैं। खूबसूरत संगमरमर का फर्श और काले पत्थर के रूप में देवी शीतला माता (देवी दुर्गा) की मूर्ति स्थापित है।

4.6 श्री चारभुजा नाथ का मंदिर – Shri Charbhujanath Mandir In Hindi

श्री चारभुजा नाथ का मंदिर

भीलबाड़ा में कई मंदिर स्थापित हैं जो भक्तो और पर्यटकों के लिए एक पवित्र स्थान हैं। इन्ही में से एक श्री चारभुजा नाथ का मंदिर हैं। भीलबाड़ा के राजसमंद में कोटड़ी तहसील में स्थित है। यह मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। श्री चारभुजा नाथ का मंदिर त्रिलोकीनाथ भगवान विष्णु को समर्पित हैं। श्रद्धालु दूर-दूर से भगवान विष्णु के दर्शन करने के लिए मंदिर में पहुंचते हैं।

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4.7 बागोर साहिब गुरुद्वारा – Bagore Sahib Gurudwara In Hindi

बागोर साहिब गुरुद्वारा

भीलबाड़ा का पर्यटक स्थल बागोर साहिब गुरुद्वारा यहां का एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। बागोर साहिब गुरुद्वारा मंडल तहसील के बागोर में स्थित हैं जोकि मंडल शहर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी की यात्रा का गवाह बना हैं।

4.8 चामुंडा माता का मंदिर – Chamunda Mata Mandir In Hindi

चामुंडा माता का मंदिर
Image Credit: Yashwant Kumar Basita

भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में शामिल चामुंडा माता का मंदिर हरनी महादेव की पहाड़ियों पर स्थित एक आकर्षित स्थान है । आप यहां से शहर का पूरा दृश्य देख सकते है। चामुंडा माता का मंदिर भीलवाड़ा शहर से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

4.9 मिनाल वॉटरफॉल – Menal Waterfall In Hindi

मिनाल वॉटरफॉल

भीलबाड़ा में घूमने लायक जगहों में शुमार मिनाल वॉटरफॉल एक खूबसूरत झरना हैं जहां पर्यटक भारी संख्या में आना पसंद करते हैं। यह भीलवाड़ा-कोटा मार्ग पर स्थित हैं और भीलबाड़ा से लगभग 80 किलोमीटर दूरी पर स्थित हैं। इस खूबसूरत झरने का पानी 150 मीटर ऊंचाई से गिरता हैं और जिससे यहां का एक सुंदर दृश्य दिखाई देता है। मीनल वाटरफाल घूमने के लिए राज्य के सभी कोनों से लोग जुलाई से अक्टूबर के महीने में आते हैं।

4.10 गणेश मंदिर – Ganesh Temple Bhilwara In Hindi

गणेश मंदिर
Image Credit: Mahesh Chandak

भीलबाड़ा का दर्शनीय स्थल श्री गणेश मंदिर माता पार्वती और भगवान भोले नाथ के पुत्र श्री गणेश भगवान को समर्पित हैं। गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी को पूरे राजस्थान में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान यहां गणेश उत्सव गणेश मेला भी आयोजित किया जाता है।

4.11  त्रिवेणी चौराहा – Triveni Chauraha In Hindi

भीलवाड़ा में घूमने लायक जगह में त्रिवेणी चौराहा शामिल हैं और यह स्थान पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय स्थान हैं। त्रिवेणी चौराहा से भीलवाड़ा शहर की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। इसके अलावा बडाला और बनास नदियों के साथ मेनाली नदी का संगम बिंदु भी यही पर हैं। नदी तट के किनारे पर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर स्थापित है। मंदिर की खास बात यह हैं कि यह मानसून के मौसम में पानी डूब जाता हैं।

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4.12 बिजोलिया भीलवाड़ा राजस्थान – Bijolia Bhilwara In Hindi

 बिजोलिया भीलवाड़ा राजस्थान
Image Credit: Sudhir Kumar

बिजोलिया शहर भीलवाड़ा में एक जनगणना शहर के रूप में जाना जाता हैं और यहां के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ अथिषा तीर्थक्षेत्र, बिजोलिया किला और मंदाकिनी मंदिर के लिए पूरे भारत वर्ष में प्रसिद्ध है। बूंदी और चित्तौड़गढ़ मार्ग पर स्थित किले में भगवान शिव का एक आकर्षित मंदिर भी है। भगवान शिव के इस मंदिर को हजारे सवारा महादेव मंदिर के रूप में जाना जाता है।

4.13 तिलस्वा महादेव मंदिर – Tilaswa Mahadev Temple In Hindi

तिलस्वा महादेव मंदिर
Image Credit: Vinod Dhaker

भीलवाड़ा के दर्शनीय स्थलों में से एक तिलस्वा महादेव मंदिर बिजोलिया शहर से लगभग 15 किमी की दूरी पर स्थित हैं। यहां स्थित चार मंदिरों में से सबसे प्रमुख मंदिर  सर्वेश्वर (भगवान शिव) को समर्पित है। इन मंदिरों का निर्माण लगभग 10वीं और 11वीं शताब्दी में किया गया था। मंदिर परिसर में एक मठ, एक कुंड और एक तोरण भी है।

4.14 शाहपुरा – Shahpura In Hindi

 शाहपुरा
Image Credit: Deepak Gurjar

भीलबाड़ा में घूमने लायक स्थान में यहां का शाहपुरा शहर भी प्रसिद्ध हैं। शाहपुरा और भीलवाड़ा के बीच की दूरी लगभग 55 किलोमीटर हैं। शाहपुरा में एक पवित्र मंदिर हैं जोकि राम द्वार के नाम से प्रसिद्ध हैं। देश भर के तीर्थयात्री इस तीर्थस्थल पर साल भर आते हैं। फूल डोल के नाम से प्रसिद्ध यहां का वार्षिक मेला फाल्गुन शुक्ल (मार्च-अप्रैल) में पांच दिनों के लिए लगता हैं।

4.15 आसीन्द – Asind In Hindi

 आसीन्द
Image Credit: Abhishek Soni

भीलबाड़ा का दर्शनीय स्थल आसीन्द शहर में अपने आकर्षित मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह बाग राव के सबसे बड़े पुत्र सवाई भोज द्वारा निर्मित किया गया था जोकि खारी नदी के बाएं किनारे पर स्थित है।

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5. भीलबाड़ा में खाने के लिए स्थानीय भोजन – Bhilwara Famous Food In Hindi

भीलबाड़ा में खाने के लिए स्थानीय भोजन

भीलबाड़ा आने वाला प्रत्येक टूरिस्ट यहां की प्रसिद्ध भोजन सामग्री का लुत्फ उठाना चाहेगा तो आइये हम आपको भीलबाड़ा के कुछ प्रसिद्ध फूड की जानकारी देते हैं। भीलवाड़ा शहर अपने मीठे और मसालेदार भोजन के लिए बहुत अधिक प्रसिद्ध है जिसमें भीलवाड़ा का स्थानीय स्वाद के रूप में यहां की गुलाब जामुन अतिप्रिय लगती है। मिनरल रिच एडिटिव्स के साथ संतुलित और पौष्टिक आइसक्रीम के अलावा पके अमरुद का गूदा, दूध, चीनी और एक चुटकी नमक के साथ लाल मिर्च पाउडर से गार्निश किया हुआ कुरकुरी और कुरकुरे वफर एक लाजवाब मीठी और थोड़ी मसालेदार आइसक्रीम है। इसके अलावा दाल बाटी चूरमा, कचौरी, भेलपुरी आदि भी यह यहां की प्रसिद्ध भोजन सामग्री हैं।

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6. बदनोर किला भीलवाड़ा कैसे जाए – How To Reach Badnore Fort Bhilwara In Hindi

बदनोर दुर्ग भीलवाड़ा के आसींद रोड पर भीलवाड़ा से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित। भीलवाड़ा से बदनोर दुर्ग के लिए बसें और टैक्सियाँ मिलती हैं। बदनोर किले के लिए आप अपने वाहन से भी यात्रा कर सकते हैं।

6.1 फ्लाइट से बदनोर फोर्ट कैसे पहुंचे – How To Reach Badnore Fort By Flight In Hindi

फ्लाइट से बदनोर फोर्ट कैसे पहुंचे

फ्लाइट से बदनोर दुर्ग जाने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर में स्थित है, जो भीलवाड़ा से लगभग 165 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यह हवाई अड्डा भारत के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं। हवाई अड्डे से टैक्सी या बस की मदद से कोई भी बदनोर दुर्ग तक आसानी से पहुंच सकता है।

6.2 बदनोर फोर्ट ट्रेन से कैसे पहुंचे – How To Reach Badnore Fort By Train In Hindi

बदनोर फोर्ट ट्रेन से कैसे पहुंचे

अगर आप बदनोर फोर्ट भीलवाड़ा जाने के लिए ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं तो बता दें की बदनोर फोर्ट का निकटतम रेलवे स्टेशन भीलवाड़ा रेल्वे स्टेशन (BHL) और शामपुरा (SMPA) है। यहां दोनों रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख रेल्वे स्टेशनों से अच्छी तरह जुड़े हैं। रेलवे स्टेशन से कैब या टैक्सी की मदद से आप बदनोर किले तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

6.3 कैसे पहुंचे बदनोर फोर्ट भीलवाड़ा बस से – How To Reach Badnore Fort By Bus In Hindi

कैसे पहुंचे बदनोर फोर्ट भीलवाड़ा बस से

बदनोर फोर्ट जाने के लिए पर्यटक सड़क मार्ग द्वारा भी यात्रा कर सकते हैं। भीलवाड़ा सड़क मार्ग से भारत के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। बस और टैक्सी के माध्यम से पर्यटक आसानी से बदनोर फोर्ट की यात्रा कर सकते हैं।

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इस लेख में आपने बदनोर फोर्ट भीलवाड़ा की यात्रा से जुड़ी जानकारी को जाना है आपको हमारा यह लेख केसा लगा हमे कमेंट्स में जरूर बतायें।

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7. बदनोर किला भीलवाड़ा का नक्शा – Badnore Fort Bhilwara Map

8. बदनोर फोर्ट की फोटो गैलरी – Badnore Fort Images

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Featured Image Source: Vibhu Shankar

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