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Information About Sikkim In Hindi, सिक्किम भारत का एक बहुत ही खूबसूरत और एक छोटा राज्य है जो अपने पौधों, जानवरों, नदियों, पहाड़ों, झीलों और झरनों के लिए जाना-जाता है। सिक्किम भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जहाँ की चोटियाँ, पवित्र झीलें, प्राचीन मठ, आर्किड नर्सरी और आश्चर्यजनक ट्रेकिंग मार्ग सिक्किम को छुट्टी बनाने के लिए परफेक्ट प्लेस बनाते हैं। सिक्किम भारत का सबसे आकर्षक राज्य है जो अपनी उत्कृष्ट प्राकृतिक सुन्दरता साधनों, भव्य पहाड़ों, सुंदर झरनों और कुछ अद्भुत परिदृश्यों से भरपूर है। अगर आप एक प्रकृति प्रेमी हैं और सौंदर्य बोध से परिपूर्ण हैं तो यह राज्य आपके घूमने के लिए एक बहुत ही अच्छी जगह है। इस लेख में हम आपको सिक्किम के इतिहास, संस्कृति और यहां घूमने की जानकारी दे रहे हैं। अगर आप सिक्किम की यात्रा करना चाहते हैं तो इसे जरुर पढ़ें।

1. सिक्किम का इतिहास- Sikkim History In Hindi

सिक्किम का इतिहास- Sikkim History In Hindi

सिक्किम का इतिहास उस समय में ले जाता है जब लेप्चा इस राज्य के मूल निवासी हुआ करते थे। यह बताया जाता है कि 9 वीं शताब्दी में बौद्ध संत गुरु रिनपोछे देश से गुजरे थे और उन्होंने बौद्ध धर्म को इस राज्य में पेश किया था। लेकिन यहां बौद्ध धर्म ने अपने विशिष्ट सिक्किमी रूप चार शताब्दियों बाद लिया जब तीन तिब्बती भिक्षु, सुधारवादी गेलुकप के उदय से असंतुष्ट होकर पश्चिमी-सिक्किम में योकसुम चले गए थे। सदियों तक यह क्षेत्र नेपाली और ब्रिटिश से हारता रहा था। 1947 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के बाद सिक्किम एक स्वतंत्र देश बना रहा। आजादी के 28 साल बाद 26 अप्रैल 1975 में सिक्किम को भारत का 22 वां राज्य बना दिया गया।

2. सिक्किम की पारंपरिक वेशभूषा- Sikkim Ka Pehnawa In Hindi

सिक्किम की पारंपरिक वेशभूषा- Sikkim Ka Pehnawa In Hindi

सिक्किम भारत का एक ऐसा राज्य है जिसका पारंपरिक पोशाक उपन्यास भारत के दूसरे राज्यों से बिलकुल अलग है। बता दें कि सिक्किम में लेप्चा, भूटिया और नेपाली तीन समुदाय हैं, जिनमे से सभी का पहनावा अलग-अलग तरह का है। लेप्चा समुदाय की महिलाओं के लिए पारंपरिक पोशाक डुमवम, टैगो(एक ढीला ब्लाउज), न्याम्रेक या बेल्ट और तारो है। लेप्चा महिलाएं नामचोक, लयक, ग्यार जैसे पारंपरिक आभूषणों से खुद को सजाती हैं। भूटिया समुदाय की महिलाएं खो या बाखू, हंजु, रेशमी कपड़े, कुशन, शंबो और शबचू एक पूरी आस्तीन का ब्लाउज पहनती हैं। सोना इस समुदाय के लिए बहुत खास होता है। और आभूषण के अधिकांश सामान शुद्ध सोने से बने होते हैं।

अगर नेपाली महिलाओं की बात करें, तो वे फरिया पहनना पसंद करती हैं, और चौबंदी चोलो (ढीले ब्लाउज )के साथ साड़ी पहनती हैं। थारो चोलो इस समुदाय की महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले एक तरह का ब्लाउज है। लेप्चा पुरुषों की पारंपरिक वेशभूषा को थोको-दम कहते हैं जिसमें एक सफेद पजामा, येंथेट और शंबो शामिल हैं। भूटिया की पारंपरिक पोशाक एक खो या बाखू है। भूटिया समुदाय के पुरुष जया जया, येन्हत्से, केरा और शंबो भी पहनते हैं। सिक्किम के नेपाली पुरुष संस्कृति और परंपरा का पालन करते हैं। वे शौरवल, दउरा, आसकोट और पटुक पहनते हैं।

3. सिक्किम में एडवेंचर्स – Adventures In Sikkim In Hindi

सिक्किम में एडवेंचर्स - Adventures In Sikkim In Hindi

सिक्किम एक ऐसा राज्य है जो अपनी प्राकृतिक सुन्दरता और अनोखी संस्कृति के दृश्यों के साथ आपको विभिन्न प्रकार के रोमांचकारी एडवेंचर भी प्रदान करता है। यह पर्यटन स्थल ट्रेक प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है और यहां का गोइचला ट्रेक सबसे अच्छा है। अगर आप इस ट्रैक की यात्रा करते हैं तो इसमें आपको घने जंगलों और सुरम्य घास के मैदानों के माध्यम से होकर चलना होता। यहां की तीस्ता नदी में रिवर राफ्टिंग एक और साहसिक गतिविधि है जो निश्चित रूप से आपकी यात्रा को यादगार बना देगी।

त्सोंगमो झील के पास याक की सवारी करना आपको उत्साह से भर देगा। यह याक ऊनी कपड़ों से ढंके होते हैं और उनके गले में घंटियाँ और तार लटकाए जाते हैं। बता दें कि सिक्किम में गंगटोक से रंगपो तक का बाइकिंग मार्ग शायद सबसे सबसे लंबा पर्वतीय बाइकिंग मार्ग है। इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोग यहां की हरियाली के साथ सुंदर परिदृश्य को ऊंचे पहाड़ों से देख सकते हैं। गंगटोक में केबल कार की सवारी को आपको अपनी लिस्ट में जरुर शामिल करना चाहिए क्योंकि यह आपको शहर की उंचाई से शानदार दृश्यों को देखने का अवसर देता है।

4. सिक्किम का भूगोल- Geography Of Sikkim In Hindi

भारत का खूबसूरत राज्य सिक्किम पूर्वी हिमालय में स्थित है जो पूर्व में भूटान, पश्चिम में नेपाल, उत्तर में तिब्बत और दक्षिण में पश्चिम बंगाल से अपनी सीमाओं को साझा करता है। विश्व की तीसरी सबसे उंचीचोटी कंचनजंगा नेपाल-सिक्किम सीमा पर स्थित है। तीस्ता सिक्किम की सबसे बड़ी नहीं है और रंगीत भी यहां की एक प्रमुख नदी है। सिक्किम की पूर्व, पश्चिमी और उत्तरी सीमाएं हिमालय के पर्वतों से घिरी हुई हैं। अगर आप सिक्किम सर्दियों के मौसम में जाते हैं तो यहां पर बर्फ से ढके पहाड़ों देख पाएंगे। गर्मियों के मौसम में यात्रा करने वाले लोग यहाँ की हरियाली और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद भी ले सकते हैं। सिक्किम में हॉट स्प्रिंग्स भी हैं जो अपने औषधीय मूल्यों के लिए जानी जाती है।

5. सिक्किम के प्रमुख त्यौहार- Festivals Of Sikkim In Hindi

सिक्किम के प्रमुख त्यौहार- Festivals Of Sikkim In Hindi

सिक्किम भारत का एक ऐसा राज्य है जहां के लोग यहां के स्थानीय त्योहारों को बहुत ही उल्लास और धूम-धाम के साथ मनाते हैं। आइये आपको सिक्किम के कुछ खास त्योहारों के बारे में जानकारी देते हैं।

5.1 लॉसंग फेस्टिवल- Losoong Festival

लॉसंग फेस्टिवल सिक्किम का एक प्रमुख त्यौहार है जो सफल के अंत में और साल के दसवें महीने के अंत में तिब्बती कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान लोग अच्छी फसल और आने वाले साल में अच्छी संभावनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं।

5.2 लोसार महोत्सव-Losar Festival

लोसार महोत्सव फरवरी के महीने में तिब्बती नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। इस उत्सव में याक नृत्य बेहद लोकप्रिय है और इसमें जुलूस भी निकाला जाता है।

5.3 ल्हाब ढेचेन फेस्टिवल- Lhabab Dheuchen Festival

ल्हाब ढेचेन फेस्टिवल भगवान बुद्ध की स्वर्गवासी माता की शिक्षा के बारे उनके वंश का प्रतिनिधित्व करता है। बौद्ध धर्म के लोग सिक्किम में इस उत्सव को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं।

5.4 डांस फेस्टिवल- Pang Lhabsol

डांस फेस्टिवल सिक्किम में खास उत्सवों में से एक हैं जिसको दिसंबर के महीने में मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान भिक्षुओं द्वारा किया गया नृत्य बुरी ताकतों के विनाश को चित्रित करता है। इस उत्सव के दौरान वे सिक्किम में शांति और समृद्धि की कामना भी करते हैं।

5.5 पंग ल्हबसोल- Pang Lhabsol

पंग ल्हबसोल सिक्किम का एक बहुत ही लोकप्रिय त्यौहार है जिसको भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते हैं। इस त्यौहार पर लोग भगवान से देश और सिक्किम के लिए प्रार्थना करते हैं।

और पढ़े: गंगटोक में घूमने की 15 खास जगह

6. सिक्किम के कला रूप- Art Forms Of Sikkim In Hindi

सिक्किम के कला रूप- Art Forms Of Sikkim In Hindi

सिक्किम की कलाकृतियां काफी प्रसिद्ध हैं जिन्हें देखने के बाद आपको खरीदने का बहुत मन करेगा, क्योंकि यह दिखने में बेहद खूबसूरत और आकर्षक होती है। आइये आपको सिक्किम की कुछ कलाकृतियों के बारे में बताते हैं।

6.1 कालीन बुनाई- Carpet Weaving

यह भूटिया सामुदायिक के बुनाई की एक कला है जिसमें जूट और अन्य बीहड़ सामग्री का उपयोग करके अच्छी क्वालिटी के आसनों को बनाया जाता है।

6.2 वुड कार्विंग- Wood Carving

वुड कार्विंग सिक्किम राज्य के लोगों की एक प्रतीकात्मक कला है, जिसमें लकड़ी की नक्काशी से विभिन्न डिजाइनों के फर्नीचर बनाए जाते हैं।

6.3 थांगका पेंटिंग- Thangka Paintings

इस राज्य का प्रमुख आकर्षण है। थांगका पेंटिंगसूती कैनवास से बने होते हैं जिसमें बौद्ध परंपरा के पुजारियों और भिक्षुओं के चित्र बने होते हैं।

इसके अलावा सिक्किम के अन्य हस्तशिल्पों में सिक्किम शॉल, जैकेट, बैग और ऊनी कंबल शामिल हैं।

7. सिक्किम का खाना – Local Food And Cuisine Of Sikkim In Hindi

सिक्किम एक ऐसा राज्य है जहां पर आपको नेपाल, भूटान, तिब्बत और भारत के कई अवयवों, शैलियों और तत्वों से मिलता-जुलता भोजन मिलता है। इस राज्य में मिलने वाले व्यंजन अपनी चारों ओर की संस्कृतियों और धर्मों से प्रेरित है।

8. सिक्किम की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय- Best Time To Visit Sikkim In Hindi

सिक्किम की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय- Best Time To Visit Sikkim In Hindi

सिक्किम जाने का सबसे अच्छा समय मई से लेकर सितंबर के महीने का होता है। इन महीनों के दौरान यहां का अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच होता है। इन महीनों में उत्तरी सिक्किम का मौसम ठंडा रहता है। जुलाई और सितंबर के महीनों में यहां हल्की बारिश होती है। सर्दियों में यहां का तापमान उप-शून्य तक गिरने वाला होता है जो आपको यात्रा को कठिन बना सकता है इसलिए हम आपको सिक्किम की यात्रा करने की सलाह नहीं देते। अगर आप सिक्किम यात्रा की योजना बना रहे हैं तो अप्रैल और मई के महीने यहां की यात्रा के लिए सबसे अच्छे हैं।

9. सिक्किम कैसे पहुँचे – How To Reach Sikkim In Hindi

अगर आप सिक्किम जाने की योजन बना रहे हैं तो पहले आपको यह तय करना होगा कि आप परिवहन के किस माध्यम से सिक्किम की यात्रा करना चाहते हैं, नीचे हमने सिक्किम जाने की कुछ खास जानकारी दी है जो आपकी यात्रा को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

9.1 हवाई जहाज से सिक्किम कैसे पहुंचे How To Reach Sikkim By Air In Hindi

सिक्किम में पहला हवाई अड्डा पाक्योंग हवाई अड्डा जिसको साल 2018 में शुरू किया गया है, इस हवाई अड्डे की वाज से राज्य का भारत के दूसरे राज्यों से संपर्क बढ़ा है। सिक्किम भारतीयों और वैश्विक यात्रियों के लिए पर्यटन का एक प्रिय स्थल है। यहाँ पर भारत का 100 वां और सबसे ऊँचा हवाई अड्डा बनाया गया है। बता दें कि पाक्योंग हवाई अड्डा गंगटोक से 35 किलोमीटर पर पाक्योंग नाम के एक गाँव में स्थित है। इस हवाई अड्डे के लिए आप इसजेट द्वारा कोलकाता और गुवाहाटी उड़ान ले सकते हैं जो साल 2018 में शुरू की गई हैं।

हालांकि अभी यह हवाई अड्डा देश के दूसरे शहरों के अच्छी तरह नहीं जुड़ा है। इसके अलावा सिक्किम का निकटतम हवाई अड्डा बागडोगरा में है जो सिक्किम की राजधानी गंगटोक से करीब 124 किमी की दूरी पर स्थित है। हवाई अड्डे से आगे की यात्रा आप सार्वजनिक और निजी परिवहन के दोनों तरीकों से कर सकते हैं।

9.2 ट्रेन से सिक्किम कैसे पहुँचे- How To Reach Sikkim By Train In Hindi

अगर आप सिक्किम के लिए रेल से यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं तो बता दें कि सिक्किम में कोई उचित रेल नेटवर्क है। न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) इसका प्रमुख निकटतम रेलवे स्टेशन है जो सिलीगुड़ी से लगभग 6-7 किलोमीटर और गंगटोक से 130 किमी की दूरी पर स्थित है। बहुत कम ट्रेन सिलीगुड़ी से होकर गुजरती है। आपको सिलीगुड़ी या न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आगे की यात्रा सड़क मार्ग से से करनी होगी।

9.3 सड़क मार्ग से सिक्किम कैसे पहुँचे- How To Reach Sikkim By Road In Hindi

सड़क मार्ग से सिक्किम कैसे पहुँचे- How To Reach Sikkim By Road In Hindi

अगर सड़क मार्ग से सिक्किम के लिए जा रहे है तो बता दें कि सिलीगुड़ी इसका प्रमुख द्वार है। 31A राष्ट्रीय राजमार्ग गंगटोक को सिलीगुड़ी से जोड़ता है। सड़क मार्ग सिक्किम के लिए जाना आपके लिए बहुत खास साबित हो सकता है क्योंकि तीस्ता नदी के किनारे हरे भरे जंगल और दूसरी तरफ पूर्वी हिमालय श्रृंखला के नजारे आपकी यात्रा को बेहद यादगार बनाते हैं।

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10. सिक्किम की लोकेशन का मैप – Sikkim Location

11. सिक्किम की फोटो गैलरी – Sikkim Images

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