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Himachal Pradesh Me River Rafting In Hindi, रिवर राफ्टिंग एक ऐसा साहसिक खेल है जो एडवेंचर प्रेमियों को बेहद पसंद आता है। आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है जो अपने खास पर्यटन स्थलों के अलावा रिवर राफ्टिंग के लिए भी काफी लोकप्रिय है। हिमाचल प्रदेश में रिवर राफ्टिंग करने के लिए भी जाना जाता है। जब यहां के पर्वतों की बर्फ पिघलती है तो नदियों का स्तर काफी बढ़ जाता है। अगर आप एक एडवेंचर और प्रकृति प्रेमी हैं तो यहां की नदियों में रिवर राफ्टिंग करना जरुर पसंद करेंगे। हिमाचल प्रदेश की नदियाँ काफी रोमांचक और काफी बहाव वाली हैं, जो रिवर राफ्टिंग के लिए एकदम सही है।

अगर आप हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर है या यात्रा करने की योजना बना रहे हैं और रिवर राफ्टिंग का मजा भी लेना चाहते हैं तो बता दें कि यहां पर रिवर राफ्टिंग के लिए लाहौल में चेनाब, चंबा के पास रावी, शिमला के पास सतलुज और कुल्लू के पास ब्यास चार प्रमुख नदियाँ है, जो हिमाचल प्रदेश निकलती हैं। अगर आप हिमाचल प्रदेश में रिवर राफ्टिंग का मजा लेना चाहते तो इस लेख को जरुर पढ़ें, यहां हम आपको हिमाचल प्रदेश में रिवर राफ्टिंग की बेस्ट जगहों के बारे में बता रहें हैं।

रिवर राफ्टिंग क्या होती है – What Is River Rafting In Hindi

रिवर राफ्टिंग एक साहसिक खेल है जो आजकल बहुत लोकप्रिय होता जा रहा है। इस खेल में मजा करने के साथ आप साहसी भी बनते हैं। बता दे कि वाटर राफ्टिंग में एक छोटी से नाव की मदद से नदियों की लहरों के साथ आगे बढ़ना होता है। रिवर राफ्टिंग करने वाले लोगों को नदी की तेज लहरों के साथ आंगें बढ़ना होता है और इसमें जीतने की खुशी का अनुभव बहुत खास होता है, जिसको हम शब्दों में नहीं बता सकते। जब राफ्टिंग करने वाला पानी के बेग के साथ आगे बढ़ता है तो वो कुछ पल के लिए सब कुछ भूल जाता है।

इस खेल में राफ्टिंग करने वाले पर्यटकों या सैलानी को रबर की नाव का इस्तेमाल करना होता है और जिसमें एक खास तरह का सूट पहना जाता है। इस सूट में हवा से भरे हुए फ्लोट लगे होते हैं, जिसकी वजह से कोई भी पानी में गिरने के बाद अपने आप तैर सकता है।

और पढ़े: भारत में रिवर राफ्टिंग करने की 10 खास जगह 

1. हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास सतलुज में रिवर राफ्टिंग – River Rafting In Shimla In Hindi

हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास सतलुज में रिवर राफ्टिंग

सतलुज नदी भारतीय हिमालय में बहने वाली सबसे चुनौतीपूर्ण नदियों में से एक है। सतलुज नदी पर राफ्टिंग तातापानी के आसपास के क्षेत्र में की जाती है। इस स्थान सल्फर स्प्रिंग्स से अपना नाम मिलता है। यह शिमला से 50 किमी दूर है और यहां पर पर्यटक कार से आसानी से पहुँचा जा सकता है। सतलुज नदी के ठंडे पानी में रिवर राफ्टिंग करना पर्यटकों को एक खास अनुभव प्रदान करता है। सतलुज नदी भारत की सबसे लंबी नदियों में से एक है जहां राफ्टिंग करना बहुत मज़ेदार और रोमांचक साबित हो सकती है। आकर्षक परिदृश्यों के साथ पर्यटक इस गतिविधि के लिए मई और जून के शिमला की यात्रा कर सकते हैं। पर्यटक चब्बा (12 किलोमीटर) से तत्तापानी या सुन्नी (5 किलोमीटर) से तत्तापानी तक रिवर राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं। इसके अलावा अन्य विकल्प के रूप में पंडोवा से तत्तापानी मार्ग को भी शामिल कर सकते हैं।

शिमला घूमने जाने का सही समय – What Is The Best Time To Visit Shimla In Hindi

शिमला साल में ज्यादातर महीनों में सुंदर मौसम होता है। शिमला जाने वाले पर्यटक वर्ष के किसी भी समय शिमला की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन गर्मी / वसंत और सर्दियों के मौसम को शिलांग जाने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। यहां मॉनसून जुलाई में शुरू होता है और सितंबर तक रहता है। वसंत-ग्रीष्म (मार्च से जून) के दौरान शिमला का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है, अगर आप भारत के ज्यादा गर्मी वाली जगह पर रहते हैं तो गर्मियों से बचने के लिए आप शिमला की यात्रा कर सकते हैं। सर्दियां (नवंबर से फरवरी) के दौरान मौसम काफी सुहावना होता है जो बर्फबारी का अनुभव करने और बर्फ से ढके रहने के लिए फेमस है।

और पढ़े: शिमला में घूमने की 15 जगह

2. हिमाचल प्रदेश के चंबा के पास रावी में रिवर राफ्टिंग – River Rafting In Chamba In Hindi

हिमाचल प्रदेश के चंबा के पास रावी में रिवर राफ्टिंग

रिवर राफ्टिंग चंबा के लोकप्रिय खेलों में से एक है, जिसे रावी और साला नदी में किया जा सकता है। पर्यटकों को यह सलाह दी जाती है कि वे जून और अक्टूबर के महीनों के बीच इस जगह की यात्रा करें। चंबा में रिवर राफ्टिंग का मजा लेने के लिए पर्यटक सरकारी या निजी टूर ऑपरेटरों से संपर्क कर सकते हैं।

चंबा घूमने जाने का सबसे अच्छा समय क्या है – What Is The Best Time To Visit Chamba In Hindi

चंबा घूमने जाने का सबसे अच्छा समय क्या है चंबा की यात्रा के लिए मार्च से जून सबसे अच्छा समय है क्योंकि इन महीनों में तापमान कम और सुखद रहता है। चंबा की घाटियों में गर्मी में रात ठंडी होती हैं। अगर आप एक ऑफबीट वेकेशन या हनीमून प्लान कर रहे हैं तो दोबारा मत सोचिए। यहाँ जुलाई मानसून की शुरुआत है और भारी बारिश होने की वजह से यहाँ की यात्रा करने की सलाह नहीं दी जाती। दिसंबर बर्फ प्रेमियों के लिए अच्छा समय है लेकिन इस दौरान यात्रा करते समय गर्म कपड़ें जरुर ले जाएँ, क्योंकि तापमान शून्य स्तर तक कम हो सकता है।

और पढ़े: हिमाचल प्रदेश के चंबा के दर्शनीय स्थल और घूमने की जानकारी 

3. हिमाचल प्रदेश में स्पीति नदी पर रिवर राफ्टिंग – River Rafting Spiti River Himachal Pradesh In Hindi

हिमाचल प्रदेश में स्पीति नदी पर रिवर राफ्टिंग

हिमाचल प्रदेश राज्य में स्पीति नदी में रिवर राफ्टिंग करना आपकी जिंदगी को एक शानदार अनुभव देगा। स्पीति नदी भारत में रिवर राफ्टिंग करने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यहां आप पानी में 6 दिनों तक रह सकते हैं और यहां के स्थानीय गांवों की झलक, बर्फ से ढके ग्लेशियर और वातावरण आपकी राफ्टिंग को बेहद यादगार बना देंगे। राफ्टिंग ट्यूटिंग क्षेत्र से शुरू होती है और पासीघाट को कवर करती है जिसका समापन बिंदु सूमो है। यहां जाने का सबसे अच्छा समय जुलाई और अगस्त के महीनों में है।

स्पीति वैली की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय क्या है – What Is The Best Time To Visit Spiti Valley In Hindi

स्पीति की यात्रा का सबसे अच्छा समय गर्मियों का मौसम होता है। जो लोग अपनी छुट्टियों को आराम से बिताना चाहते हैं उन्हें इस मौसम में स्पीति की यात्रा करना चाहिए। जब पूरे भारत में तेज गर्मी होते हैं उस समय स्पीति का तापमान 0 से 15 डिग्री सेल्सियस तक होता है। मॉनसून के महीनों में स्पीति की यात्रा की यात्रा करने से बचना सबसे अच्छा है क्योंकि लगातार भारी वर्षा, भूस्खलन और फिसलन भरी सड़कें आपकी यात्रा को पूरी तरह से खराब कर सकती हैं। स्पीति में सर्दियाँ काफी तेज होती है। इसलिए यात्रा करने के लिए गर्मियों के मौसम से अच्छा समय और कोई नहीं है।

और पढ़े: स्पीति घाटी घूमने की जानकारी और आकर्षक स्थल 

4. ब्यास नदी कुल्लू मनाली में रिवर राफ्टिंग – Beas River River Rafting In Kullu In Hindi

ब्यास नदी कुल्लू मनाली में रिवर राफ्टिंग

कुल्लू मनाली में ब्यास नदी रिवर राफ्टिंग के लिए भारत की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यहाँ पर रिवर राफ्टिंग पिरडी से शुरू होती है और झुरी पर समाप्त होती है। यहां पर साल में मार्च और जुलाई के महीनों में आप राफ्टिंग के लिए जा सकते हैं। पिरडी से राफ्टिंग मार्ग में बाजौरा, साराबाई, भुंतर और शमशी, मोहाल, रायसोल और कट्रेन शामिल हैं। पिरडी से लेकर बाजौरा मार्ग रैपिड्स रोमांच और सबसे लंबा होने के कारण सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। यह मार्ग 14 किमी का है और इसको पूरा करने में लगभग 1.5 घंटे का समय लगता है। पीरडी से भुंतर तक का मार्ग भी राफ्टिंग के लिए बेहद सुखद है।

कुल्लू और मनाली की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Kullu And Manali In Hindi

मनाली की सुखद जलवायु और सुरम्य परिवेश के कारण इसे पर्वतारोहण, ट्रैकिंग और स्कीइंग का अनुभव लेने के इच्छुक लोगों के लिए एक आदर्श स्थान माना जाता है। वैसे तो आप साल में किसी भी समय कुल्लू मनाली की यात्रा कर सकते हैं लेकिन यहां के सभी पर्यटन स्थलों को पूरे साल नहीं देखा जा सकता है इसलिए आप जिस जगह को देखना चाहते हैं, उसके अनुसार अपनी प्लानिंग कर सकते हैं।

और पढ़े: कुल्लू के टॉप 15 पर्यटन स्थल और उनकी जानकारी

5. लाहौल में चंद्रभागा (चिनाब) में रिवर राफ्टिंग – River Rafting In Chandrabhagga (Chenab) In Lahaul In Hindi

लाहौल में चंद्रभागा (चिनाब) में रिवर राफ्टिंग

लाहौल और स्पीति क्षेत्र साल 2011 में रिवर राफ्टिंग सहित अन्य वाटर स्पोर्ट्स को शुरू किया गया था। कोकसर, लाहौल स्पीति क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग के लिए प्रारंभिक बिंदु है। यह मार्ग टाँडी तक 90 किलोमीटर की दूरी तक जाता है। इसके अलावा यहां एक और अन्य मार्ग है जो कीलोंग-लेह मार्ग पर 70 किमी की दूरी पर दारचा से उदयपुर की ओर जाता है।

लाहौल स्पीति घूमने जाने का अच्छा समय – Best Time To Visit Lahaul Spiti In Hindi

अगर आप लाहौल और स्पीति जाने के बारे में विचार बना रहें हैं तो बता दें कि यहाँ का मौसम का गर्मियों के दौरान मध्यम और सुखद रहता है जो मई में शुरू होता है और अक्टूबर तक रहता है। मानसून के मौसम के दौरान, इन क्षेत्रों में बहुत कम या बिलकुल वर्षा नहीं होती है। मानसून के समय यहाँ का मौसम शुष्क और ऊर्जावान बना रहता है। इस दौरान दिन काफी गर्म होते हैं और रातें बेहद ठंडी होती हैं। सर्दियों के मौसम में नवंबर से लेकर अप्रैल के अंत तक भारी बर्फबारी होती है और तापमान नीचे चला जाता है। इस मौसम में औसत बर्फबारी लगभग 7 फीट होती है।

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