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Lathmar Holi In Barsana In Hindi, होली हिंदू धर्म का एक बहुत ही प्रमुख रंगों का त्यौहार है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। वैसे तो यह त्यौहार पूरे भारत में बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है लेकिन उत्तर प्रदेश के मथुरा-जिले के नंदगाँव और बरसाना कस्बों में होली का यह त्यौहार बहुत ही अजीबोगरीब तरीके से मनाया जाता है। बता दें कि बरसाना मथुरा से लगभग 42 किलोमीटर और नंदगाँव 51 किलोमीटर दूर स्थित हैं और यह दोनों होली के दौरान उत्सव के लिए बेहद लोकप्रिय हैं। बरसाना में लट्ठमार होली फाल्गुन मास की नवमी को बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। इस ख़ास मौके पर कई मंदिरों की पूजा करने के बाद नंदगाँव के पुरुष बरसाना होली खेलने जाते हैं और बरसाना महिलाएं नदगांव होली खेलने आती हैं।

1. क्यों मनाई जाती है लठमार होली- Why Is Lathmar Holi Celebrated?

क्यों मनाई जाती है लठमार होली- Why Is Lathmar Holi Celebrated?

पौराणिक कथा के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि नंदगाँव के भगवान कृष्ण होली के दौरान बरसाना में राधा के शहर गए थे। भगवान कृष्ण को ‘गोपियों’ के साथ मित्रता के लिए भी जाना जाता था, और उन्होंने इस दिन राधा के चेहरे पर रंग लगाया। तब राधा जी की दोस्त और वहां की महिलाओं ने भगवान कृष्ण को बंधी बना लिया था और उन पर बास और डंडे मारकर बरसाना से निकाल दिया था। इस कथा के अनुसार होली के मौके पर हर साल भगवान कृष्ण के जीवन की इस घटना को लेकर मनोरंजन के रूप में लठामार होली मनाई जाती है। हर साल नंदगाँव के पुरुष बरसाना शहर में जाते हैं और वहाँ की महिलाएँ उनको उसी तरह लाठी और रंगों से खेलते हुए बाहर निकालती हैं।

2. कैसे मनाई जाती है लठमार होली- How Is Lathmar Holi Celebrated in Hindi

बरसाना में लठमार होली एक हफ्ते तक चलती है, जिसमें पुरुष और महिलाएँ रंगों गीतों, नृत्यों और निश्चित रूप से लठमार खेल में लिप्त होते हैं। नंदगाँव से बरसाना आने वाले पुरुष महिलाओं को गाने गाकर और उन्हें उकसाते हैं। महिलाएं गोपियों का काम करती हैं और मस्ती की धुन में पुरुषों पर लाठी बरसाती हैं। बरसाना की महिलाओं के हाथों लाठी खाने वाले बदकिस्मत पुरुषों को महिलाओं के कपड़े पहनना और सार्वजनिक रूप से नृत्य करना होता है। इस लठमार होली में चोंट लगने से बचने के लिए पुरुषों सुरक्षात्मक गियर पहने हुए आते हैं। इस लठमार होली में रंग सभी लोगों के उत्साह को बढाता है और इस खेल में शामिल होने वाले लोग श्रीकृष्ण और उनकी राधा को ‘श्री कृष्ण’ और ‘श्री राधे’ बोलते हुए याद करते हैं। इसके बाद अगले दिन बरसाना की महिलाएं नंदगाँव आती हैं और यह उत्सव जारी रहता है। इस होली के त्योहार को और खास बनाने के लिए दूध और कुछ जड़ी-बूटियों से बनी ‘ठंडाई’ नामक पेय भी पिया जाता है।

3. लठमार होली 2019 की तारीख – Lathmar Holi Barsana 2019 Date in Hindi

लठमार होली 2019 की तारीख - Lathmar Holi Barsana 2019 Date in Hindi

इस साल लठामार होली 15 मार्च 2019 को बरसाना में और 16 मार्च 2019 को नंदगाँव में होगी।

4. बरसाना में लठमार होली- Lathmar Holi In Barsana 2019 in Hindi

यह उत्सव बरसाना में राधा रानी मंदिर में होता है। बता दें की यह मंदिर राधा को समर्पित एकमात्र मंदिर है।

5. वृंदावन में होली – Holi At Vrindavan in Hindi

वृंदावन बांके बिहारी मंदिर में यह खास होली का त्यौहार एक सप्ताह तक जारी रहता है जिसमें फूलों से बने रंग और गुलाल का इस्तेमाल किया जाता है। इस पवित्र त्यौहार पर बिहारीजी की मूर्ति को सफेद कपड़े पहने भक्तों द्वारा होली खेलने के लिए लाया जाता है। इसके बाद लोग पानी और रंगों के इस खेल में खो जाते हैं और संगीत के साथ नृत्य करते हैं।

6. बरसाना मथुरा का खाना – Food Of Mathura

बरसाना मथुरा का खाना - Food Of Mathura

आपको बता दें कि शहर के सबसे खास भोजन इसकी मिठाइयाँ और दुग्ध उत्पाद हैं। इसके अलावा यहां के पेडे यहां सबसे मुख्य है। इसके अलावा आपको मथुरा में खाने के लिए कचौरी, जलेबी, चाट, पानीपुरी, समोसा, ढोकला, आलू टिक्की और लस्सी भी मिल जाएगी। अगर आप भर पेट भोजन करना चाहते हैं तो स्वादिष्ट उत्तर भारतीय थाली ले सकते हैं।

और पढ़े: वृंदावन धाम के बारे में पूरी जानकारी

7. बरसाना कैसे पहुंचे – How To Reach Barsana in Hindi

अगर आप होली के मौके पर बरसाना की लठमार होली को देखना चाहते है तो आपको बता दें कि नंदगांव का निकटतम रेलवे स्टेशन मथुरा है जो 12Kms की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा आप हवाई जहाज और सड़क माध्यम से मथुरा पहुँच सकते हैं।

7.1 बरसाना मथुरा तक वायु मार्ग से कैसे पहुँचे- How To Reach Barsana Mathura By Air in Hindi

बरसाना मथुरा तक वायु मार्ग से कैसे पहुँचे- How To Reach Barsana Mathura By Air in Hindi

अगर आप हवाई या वायु मार्ग से नंदगांव जाने का विचार बना रहे हैं तो आपको बता दें कि मथुरा के सबसे पास का हवाई अड्डा आगरा में है। लेकिन आगरा के लिए देश भर के प्रमुख शहरों से कम ही उड़ाने संचालित होती है। आगरा से मथुरा की दूरी करीब करीब 58 किलोमीटर है। मथुरा का निकट दिल्ली में स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जिसके लिए आप देश के किसी भी शहर से फ्लाइट ले सकते हैं। इसके बाद दिल्ली से मथुरा तक आप किसी भी बस, टैक्सी या ट्रेन से पहुंच सकते हैं

7.2 रेल मार्ग से मथुरा कैसे पहुँचे- How To Reach Barsana Mathura By Rail In Hindi

अगर आप ट्रेन से नंदगाँव या बरसाना जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मथुरा जंक्शन के लिए टिकट लेना होगा, जो देश के कई प्रमुख और बड़े शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। मथुरा जाने के लिए आप दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ और कोलकाता से ट्रेन की मदद से यात्रा कर सकते हैं।

7.3 सड़क मार्ग से बरसाना कैसे पहुँचे- How To Reach Barsana Mathura By Carin Hindi

मथुरा जाने के अपने कार या किसी निजी वाहन से सड़क मार्ग यात्रा करते करना एक अच्छा विकल्प है। अगर आपके पास अपना निजी वहां है तो आप आराम से मथुरा की यात्रा कर सकते हैं। क्योंकि मथुरा में सड़कों का एक अच्छा नेटवर्क है जो इसके दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, आगरा, इंदौर, भोपाल, मुरादाबाद, कोलकाता जैसे शहरों से जोड़ता है। मथुरा जाने वाले पर्यटक आगरा, अलवर, जयपुर, उदयपुर, अजमेर, चंडीगढ़, लखनऊ, अलीगढ़, ग्वालियर, जबलपुर, कानपुर, मेरठ, हरिद्वार जैसे शहरों से अपनी  कार से सड़क मार्ग द्वारा जा सकते हैं।

7.4 बस से बरसाना कैसे पहुँचे- How To Reach Barsana Mathura By Bus In Hindi

बस से मथुरा के लिए यात्रा करना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, बता दें कि आप देश के कई प्रमुख शहरों से मथुरा के लिए सीधी बसों का लाभ उठा सकते हैं।

और पढ़े: मथुरा के 10 दर्शनीय स्थल और घूमने की जानकारी

8. लठमार होली बरसाना की लोकेशन का मैप – Lathmar Holi Barsana Location

9. लठमार होली की फोटो गैलरी – – Lathmar Holi Images

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