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Christ The Redeemer In Hindi, क्राइस्ट द रिडीमर ब्राज़ील में जीसस क्राइस्ट की एक आर्ट डेको मूर्ति है जिसको पोलिश-फ्रांसीसी मूर्तिकार पॉल लैंडरोस्की द्वारा बनाई गई है। क्राइस्ट द रिडीमर दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। इस मूर्ति को फ्रांसीसी इंजीनियर अल्बर्ट कैक्वॉट की मदद से इसको ब्राजील के इंजीनियर हेइटर दा सिल्वा कोस्टा द्वारा बनाया गया है। इस मूर्ति चेहरा रोमानियाई कलाकार घोरघे लिओनिडा बनाया गया था। इस प्रतिमा की लम्बाई 30 मीटर (98 फीट) लंबी है जिसमें 8-मीटर (26 फीट) पेडेस्टल शामिल नहीं है और इस मूर्ति की बाहें 28 मीटर चौड़ी हैं। इस मूर्ति की स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी की उंचाई की दो तिहाई है।
यह मूर्ति 635 मीट्रिक टन बजनी है और यह यह रियो के शहर में तिजुका फॉरेस्ट नेशनल पार्क में 700-मीटर (2,300 फीट) ऊँचे कोरकोवाडो पर्वत के शिखर पर स्थित है। यह मूर्ति दुनिया भारत में इसाई धर्म का प्रतीक मानी जाती है इसके साथ ही यह रियो डी जनेरियो और ब्राजील दोनों के लिए एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गई। यह मूर्ति प्रबलित कंक्रीट और सोपस्टोन से बनी हुई है और इसका निर्माण 1922 और 1931 के बीच किया गया है। अगर आप क्राइस्ट द रिडीमर के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल में जरुर पढ़ें, इसमें हम आपको क्राइस्ट द रिडीमर के बारे पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

  1. क्राइस्ट द रिडीमर का इतिहास- Christ The Redeemer History In Hindi
  2. क्राइस्ट द रिडीमर के दिलचस्प तथ्य- Interesting Christ The Redeemer Facts In Hindi
  3. क्राइस्ट द रिडीमर की लोकेशन का मैप – Christ The Redeemer Location
  4. क्राइस्ट द रिडीमर की फोटो गैलरी – Christ The Redeemer Images

1. क्राइस्ट द रिडीमर का इतिहास- History Of Christ The Redeemer In Hindi

क्राइस्ट द रिडीमर का इतिहास- History Of Christ The Redeemer In Hindi

रियो में ईसा मसीह की विशाल प्रतिमा को डिजाइन करने का पहला विचार 1850 के दशक में आया था, जब वह के एक स्थानीय पुजारी माउंट कोर्कोवाडो के ऊपर एक ईसाई स्मारक को बनाने के विचार लेकर आए थे। उन्होंने इसके लिए (तत्कालीन सम्राट पेड्रो II और ब्राजील की राजकुमारी रीजेंट की बेटी) से अनुरोध किया वो उनकी इस परियोजना के लिए फण्ड दें। लेकिन 1889 में ब्राजील में गणराज्य की घोषणा के बाद इस विचार को खत्म कर दिया गया और एक शिखर के रूप में देश में चर्च को राज्य से अलग कर दिया गया।

इसको प्रथम विश्व युद्ध के बाद तक नहीं बनाया गया था, जब रियो में रोमन कैथोलिक कट्टरपंथी और स्थानीय लोगों के एक समूह ने ब्राजील के समुदाय में धार्मिक विश्वास की कमी के बारे में चिंता करना शुरू कर दिया था। इसके बाद यीशु की एक विशाल प्रतिमा रियो में एक पहाड़ के ऊपर रखने की आशा की गई। इसके बाद यह अनुरोध किया गया कि यीशु की मूर्ति को माउंट कोर्कोवाडो के शिखर पर ताकि इसको रियो में से कहीं से भी और किसी भी जगह से देखा जा सके। इस मूर्ति ने रियो को पुनः ईसाई धर्म प्राप्त करने का तरीका दिखाया।

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2. क्राइस्ट द रिडीमर के दिलचस्प तथ्य- Interesting Christ The Redeemer Facts In Hindi

क्राइस्ट द रिडीमर के दिलचस्प तथ्य- Interesting Christ The Redeemer Facts In Hindi

  • क्राइस्ट द रिडीमर दुनिया की सबसे बड़ी कला डेको प्रतिमा है जिसकी उंचाई 98 फीट (26 फीट पेडस्टल को छोड़कर) और इस मूर्ति के आर्म्स 92 फीट चौड़े हैं।
  • ईशा मसीह की इस मूर्ति का वजन लगभग 635 टन है और यह कोरकोवाडो पर्वत के शीर्ष तिजुका नेशनल फोरस्ट में स्थित है।
  • क्राइस्ट द रिडीमर को रियो डी जनेरियो और ब्राजील का प्रतीक माना जाता है।
  • क्राइस्ट द रिडीमर दुनिया में यीशु की 5 वीं सबसे बड़ी मूर्ति है।
  • इस मूर्ति को बनाने का विचार सबसे पहले कैथोलिक पादरी नाम पेड्रो मारिया बॉस के मन में आया था। लेकिन इसको फंड और अनुमति न मिलने की वजह से मंजूरी नहीं दी थी क्योंकि राजकुमारी इसाबेल को यह विचार पसंद नहीं आया था, जिसके बाद इस अनुरोध को अधिकारिक रूप से 1889 में अस्वीकार कर दिया।
  • 1920 के दशक की इस मूर्ति को बनाने की शुरुआत एक समूह कैथोलिक सर्कल ऑफ़ रियो द्वारा की गई। मूर्ति का निर्माण 1922 में शुरू हुआ और इसे पूरा होने में नौ साल का समय लग गया।
  • बता दें कि क्राइस्ट द रिडीमर बनाने के लिए फण्ड ब्राजील के कैथोलिक समुदाय से आया था।
  • क्राइस्ट द रिडीमर बनाने के कई डिजाइन थे लेकिन जिस डिजाइन को चुना गया था वो यह दिखाता है कि मसीह सभी से प्यार करते हैं और वो अपने आप आने वाले लोगों को गले लगायेंगे।
  • मसीह की मूर्ति को बनाने के लिए जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था वो स्वीडन से लाये गए थे।
  • यह मूर्ति 1931 में बनकर तैयार हुई थी और इसको आधिकारिक तौर पर 12 अक्टूबर 1931 में खोला गया था।
  • साल 1931 में इस मूर्ति की लागत लगभग 250,000 अमेरिकन डॉलर थी, जो आज लगभग मिलियन यूएस डॉलर के बराबर है।
  • इस मूर्ति का निर्माण टुकड़ों में किया गया था और बाद में इसको खड़ा करने के लिए पहाड़ की चोटी पर ले जाया गया था।
  • क्राइस्ट द रिडीमर का निर्माण करने के लिए प्रबलित कंक्रीट और सोप स्टोन का इस्तेमाल किया गया था।
  • क्राइस्ट द रिडीमर का दाहिना हाथ दक्षिण रियो डी जनेरियो की तरफ और बायाँ हाथ उत्तर रियो डी जनेरियो की तरफ है।
  • साल 2008 में विजली गिरने की वजह से मुर्ति की सिर, भौं और उंगलियां क्षतिग्रस्त हो गई थी।
  • मूर्ति के बाहरी पत्थर ने इसको ज्यादा क्षति होने से रोका क्योंकि यह पत्थर मूर्ति के लिए एक इन्सुलेटर के रूप में काम करता था।
  • रियो डी जनेरियो की राज्य सरकार ने बहाली काम शुरू किया और इसके कुछ सोपस्टोन को बदल दिया गया और मूर्ति की बिजली की छड़ों भी रिपेयर किया। बहाली के प्रयासों में इस्तेमाल सभी पत्थर के सामान खदान से लाये गए थे।
  • इस्ट द रिडीमर पर 2010 में एक हाउसपेंटर ने मूर्ति के सिर और दाहिने हाथ पर स्पे पेंट छिड़क दिया था लेकिन बाद में अपराधी की पहचान कर ली गई थी।
  • हर रात में क्राइस्ट द रिडीमरको लगभग 300 ऊर्जा-कुशल(Energy-Efficient ) एलईडी रोशनी के साथ जलाया जाता है। इन लाइट की वजह से मूर्ति को दूर से भी देखा जा सकता है। मूर्ति को हरे और पीले रंग क लाइट रोशन किया गया है।
  • ईशा मसीह मूर्ति की को एक क्रॉस को चित्रित करने के लिए माना जाता है लेकिन इसके बारे में यह भी कहा जाता है कि यह मूर्ति गले लगाने की मुद्रा में है।

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3. क्राइस्ट द रिडीमर की लोकेशन का मैप – Christ The Redeemer Location

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4. क्राइस्ट द रिडीमर की फोटो गैलरी – Christ The Redeemer Images

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