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Kashi Vishwanath Temple In Hindi काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी शहर में स्थित है। यह मंदिर पवित्र गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है और यह भारत के पवित्र शिव मंदिरों के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मंदिर के मुख्य देवता को विश्वनाथ या विश्वेश्वर नाम से जाना जाता है जिसका अर्थ है पूरे ब्रह्मांड का शासक (Ruler Of The Universe)। वाराणसी शहर को काशी के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए इस मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर कहा जाता है। यह काफी पुराना और एक भव्य मंदिर है, जो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यही कारण है कि देश के हर कोने से भगवान शिव के भक्त यहां दर्शन पूजन करने के लिए आते हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास – Kashi Vishwanath Temple History In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर की संरचना – Structure Of Kashi Vishwanath Temple In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में रोचक तथ्य – Kashi Vishwanath Temple Facts In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर का महत्व – Importance Of The Kashi Vishwanath Temple In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा का समय – Kashi Vishwanath Temple Puja Details In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा टाइमिंग – Kashi Vishwanath Temple Pooja Timings In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर जाने का अच्छा समय – Best Time To Visit Kashi Vishwanath Temple In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple In Hindi

  1. बस द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple By Bus In Hindi
  2. ट्रेन से काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple By Train In Hindi
  3. हवाई जहाज से काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple By Air In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास कहां रुकें – Where To Stay Near Kashi Vishwanath Temple In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर की लोकेशन का मैप – Kashi Vishwanath Temple Location

काशी विश्वनाथ मंदिर की फोटो गैलरी – Kashi Vishwanath Temple Images

1. काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास – Kashi Vishwanath Temple History In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास - Kashi Vishwanath Temple History In Hindi

विश्वनाथ मंदिर के भवन का निर्माण किस वर्ष किया गया, यह अभी तक अज्ञात है। लेकिन इस मंदिर का उल्लेख प्राचीन लिपियों और मिथकों में किया गया है। माना जाता है कि दूसरी ईस्वी में मंदिर को कई आक्रमणकारियों ने नष्ट किया था जिसे बाद में एक गुजराती व्यापारी द्वारा बनवाया गया। 15 वीं एवं 16 वीं शताब्दी में अकबर के शासनकाल के दौरान मंदिर को नष्ट कर दिया गया था। तब अकबर के ससुर राजा मान सिंह ने मंदिर का निर्माण कराया था। लेकिन हिंदुओं ने इस मंदिर का बहिष्कार किया क्योंकि राजा ने एक मुस्लिम परिवार में अपने पुत्री की शादी की थी। 17 वीं शताब्दी में मंदिर को औरंगजेब ने नष्ट कर दिया और एक मस्जिद बनवाया। मस्जिद के ठीक पीछे प्राचीन मंदिर के अवशेष देखे जा सकते हैं। वर्तमान संरचना का निर्माण 1780 में इंदौर के मराठा शासक अहिल्या बाई होल्कर द्वारा एक निकटवर्ती स्थल पर किया गया था। 1983 से मंदिर का प्रबंधन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है।

2. काशी विश्वनाथ मंदिर की संरचना – Structure Of Kashi Vishwanath Temple In Hindi

मूल पवित्र कुआँ-ज्ञानवापी मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के बीच में स्थित है।

मंदिर परिसर में छोटे मंदिरों की एक श्रृंखला है, जो नदी के पास विश्वनाथ गली नामक एक छोटी सी गली में स्थित है। तीर्थस्थल पर मुख्य देवता का लिंग 60 सेमी लंबा है और एक चांदी की वेदी में रखी गई 90 सेमी की परिधि है। मुख्य मंदिर चतुर्भुज है और अन्य देवताओं के मंदिरों से घिरा हुआ है। परिसर में कालभैरव, धंदापानी, अविमुक्तेश्वरा, विष्णु, विनायक, सनिष्करा, विरुपाक्ष और विरुपाक्ष गौरी के लिए छोटे मंदिर हैं। मंदिर में एक छोटा कुआँ है जिसे ज्ञान वापी (ज्ञान कुआँ) कहा जाता है। ज्ञान वापी मुख्य मंदिर के उत्तर में स्थित है और माना जाता है कि आक्रमण के समय ज्योतिर्लिंग की रक्षा के लिए मुख्य पुजारी कुएं में छिपे हुए थे। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर के मुख्य पुजारी ने ज्योतिर्लिंग को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए शिव लिंग के साथ कुएं में छलांग लगा दी।

मंदिर की संरचना के अनुसार, एक सभा गृह या संगम हॉल है, जो आंतरिक गर्भगृह में जाता है। पूज्यनीय ज्योतिर्लिंग एक गहरे भूरे रंग का पत्थर है जो कि मंदिर में एक चांदी के मंच पर रखा गया है। मंदिर की संरचना तीन भागों से बनी है। सबसे पहले भगवान विश्वनाथ या महादेव के मंदिर पर एक शिखर है। दूसरा स्वर्ण गुंबद है और तीसरा भगवान विश्वनाथ के ऊपर एक ध्वज और एक त्रिशूल है।

काशी विश्वनाथ मंदिर में हर दिन लगभग 3,000 दर्शन के लिए आते है। कुछ अवसरों पर यह संख्या 1,000,000 और इससे भी अधिक हो जाती जाती है। मंदिर के बारे में उल्लेखनीय 15.5 मीटर ऊंचा सोने का शिखर और सोने का गुंबद है। यहां शुद्ध सोने से बने तीन गुंबद हैं।

3. काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में रोचक तथ्य – Kashi Vishwanath Temple Facts In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में रोचक तथ्य - Kashi Vishwanath Temple Facts In Hindi

  • काशी विश्वनाथ मंदिर को स्वर्ण मंदिर या सोने का मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर के ऊपर सोने के गुंबद लगे हुए हैं। इस मंदिर के लिए सोना पंजाब के सिख महाराजा रणजीत सिंह ने दान दिया था।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर के अंदर शिव, विश्वेश्वर या विश्वनाथ का ज्योतिर्लिंग है। विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग का भारत के आध्यात्मिक इतिहास में बहुत ही विशिष्ट और अद्वितीय महत्व है।
  • आदि शंकराचार्य, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, बामाख्यापा, गोस्वामी तुलसीदास, स्वामी दयानंद सरस्वती, सत्य साईं बाबा और गुरुनानक सहित कई प्रमुख संत इस स्थल पर आये हैं।
  • पवित्र नदी गंगा में नहाकर पूरे विधिविधान से विश्वनाथ मंदिर में पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • माना जाता है कि हर शिवभक्त अपने जीवन में काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए जरूर आता है।
  • विश्वनाथ मंदिर के अंदर एक गर्भगृह है जो काले पत्थर से बना एक मंडप और शिवलिंग को समेटे हुए है। यह चांदी की चौकोर वेदी में स्थापित है।मंदिर परिसर में कालभैरव, भगवान विष्णु और विरूपाक्ष गौरी के छोटे छोटे मंदिर हैं।
  • ऐसा माना जाता है कि पृथ्वी के निर्माण के समय सूर्य की पहली किरण काशी यानी वाराणसी पर पड़ी। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं मंदिर में कुछ समय के लिए रुके थे और वे इस शहर के संरक्षक हैं।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर के कारण वाराणसी को बाबा भोले की नगरी या शिव नगरी कहा जाता है।

4. काशी विश्वनाथ मंदिर का महत्व – Importance Of The Kashi Vishwanath Temple In Hindi

पवित्र गंगा के तट पर स्थित, वाराणसी को हिंदू शहरों में सबसे पवित्र माना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर को हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण पूजा स्थलों में से एक के रूप में जाना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर के अंदर शिव, विश्वेश्वर या विश्वनाथ का ज्योतिर्लिंग है। विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग का भारत के आध्यात्मिक इतिहास में बहुत ही विशिष्ट और अद्वितीय महत्व है।

आदि गुरु शंकराचार्य, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, बामाखापा, गोस्वामी तुलसीदास, स्वामी दयानंद सरस्वती, सत्य साईं बाबा और गुरुनानक सहित कई प्रमुख संतों ने इस काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किये है। काशी विश्वनाथ मंदिर की यात्रा और गंगा नदी में स्नान कई तरीकों में से एक है जो मोक्ष (मुक्ति) के मार्ग पर ले जाता है। इस प्रकार, दुनिया भर के हिंदू भक्त अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार काशी विश्वनाथ मंदिर के इस स्थान पर आने की कोशिश करते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर की अपार लोकप्रियता और पवित्रता के कारण, भारत भर में सैकड़ों मंदिरों को एक ही स्थापत्य शैली में बनाया गया है। कई किंवदंतियों में कहा गया है कि सच्चा भक्त शिव की पूजा से मृत्यु और सौराष्ट्र से मुक्ति प्राप्त करता है, मृत्यु पर शिव के भक्तों को उनके दूतों द्वारा सीधे कैलाश पर्वत पर उनके निवास पर ले जाया जाता है और यम को नहीं। एक प्रचलित धारणा है कि शिव स्वयं मोक्ष के मंत्र को विश्वनाथ मंदिर में स्वाभाविक रूप से मरने वाले लोगों के कान में डालते हैं।

और पढ़े: वाराणसी के 10 प्रमुख मंदिर

5. काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा का समय – Kashi Vishwanath Temple Puja Details In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा का समय - Kashi Vishwanath Temple Puja Details In Hindi

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्री काशी विश्वनाथ की 5 आरतियाँ हैं:

  • मंगला आरती: – 3.00 – 4.00 (सुबह)।
  • भोग आरती: – 11.15 से 12.20 (दिन)।
  • संध्या आरती: – 7.00 से 8.15 (शाम)।
  • शृंगार आरती: – 9.00 से 10.15 (रात)।
  • शयन आरती: – 10.30-11.00 (रात्रि)।

सुरक्षा व्यवस्था  के लिए मंदिर के अंदर किसी भी प्रकार के सेल फोन, कैमरा, धातु की बक्कल के साथ बेल्ट, सिगरेट, लाइटर आदि ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

6. काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा टाइमिंग – Kashi Vishwanath Temple Pooja Timings In Hindi

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर भोर में ढाई बजे खुलता है। मंदिर खुलने के बाद सुबह तीन से चार बजे के बीच मंगला आरती होती है। यह बहुत विशेष प्रकार की आरती है, जिसमें शामिल होने के लिए शुल्क लगता है। इसके बाद सुबह चार बजे से ग्यारह बजे तक मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है। 11:15 से 12:20 के बीच भोगी आरती होती है और मंदिर के देवालय का फाटक बंद कर दिया जाता है। इसके बाद दो बजे के बाद मंदिर फिर से खुलता है। सात बजे से सवा आठ बजे तक सप्त ऋषि या सांध्य आरती होती है, नौ बजे से सवा दस बजे तक श्रृंगार आरती होती है और साढ़े दस बजे से 11 बजे के बीच शयन आरती होती है। रात ग्यारह बजे मंदिर बंद हो जाता है।

7. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने का अच्छा समय – Best Time To Visit Kashi Vishwanath Temple In Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर जाने का अच्छा समय - Best Time To Visit Kashi Vishwanath Temple In Hindi

अगर आप वाराणसी सिर्फ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन करने के लिए जाना चाहते हैं तो आप साल के किसी भी महीने में जा सकते हैं। लेकिन यदि आप काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा वाराणसी के अन्य पर्यटन स्थल देखना चाहते हैं तो वाराणसी जाने का सबसे अच्छा समय नवंबर से फरवरी के बीच होता है। बरसात के समय में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाट और सीढ़ियां डूब जाती हैं जिसके कारण आप वहां का मनमोहक दृश्य नहीं देख पाएंगे। इसके अलावा वाराणसी में मार्च से लेकर सितंबर माह तक गर्मी और उमस भी खूब होती है। इसलिए काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए जाने का उत्तम समय नवंबर से फरवरी के बीच है।

8. काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple In Hindi

चूंकि काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी के मुख्य शहर में स्थित है इसलिए यहां बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह शहर भारत के अन्य शहरों या राज्यों से विभिन्न सड़क मार्ग, रेल मार्ग और हवाई मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसलिए काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले पर्यटकों को यात्रा करना बेहद आसान होता है।

8.1 बस द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple By Bus In Hindi

कई राज्यों से सरकारी और निजी परिवहन बसें वाराणसी आती हैं। इसके अलावा भारत के टियर 1 और टियर 2 शहरों से भी बसें वाराणसी पहुंचती है। इन बसों से वाराणसी स्थित कैंट बस अड्डे पर पहुंचने के बाद आप लाहोरी टोला स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के लिए टैक्सी, ऑटो रिक्शा या भी कैब बुक कर सकते हैं। इस मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहुंचने के बाद आपको बेहद संकरी गलियों से पैदल चलकर मुख्य मंदिर तक पहुंचना पड़ेगा। इस संकरी गली को विश्वनाथ गली के नाम से जाना जाता है।

8.2 ट्रेन से काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple By Train In Hindi

वाराणसी में कई रेलवे स्टेशन हैं। वाराणसी सिटी स्टेशन मंदिर से केवल 2 किलोमीटर दूर है, जबकि वाराणसी जंक्शन लगभग 6 किलोमीटर दूर है। मंडुआडीह स्टेशन से विश्वनाथ मंदिर 4 किलोमीटर है। वाराणसी के ये सभी स्टेशन भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशन से जुड़े हुए हैं, जहां आप ट्रेन से पहुंच सकते हैं। इसके बाद टैक्सी या ऑटो रिक्शा से विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं।

8.3 हवाई जहाज से काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Kashi Vishwanath Temple By Air In Hindi

लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा वाराणसी का मुख्य एयरपोर्ट है जो विश्वनाथ मंदिर से 25 किलोमीटर दूर बाबतपुर में स्थित है। यह हवाई अड्डा दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। ज्यादातर टूरिस्ट दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़कर वाराणसी पहुंचते हैं। हवाई अड्डा के बाहर से आप टैक्सी, ऑटो रिक्शा या फिर कैब लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं।

9. काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास कहां रुकें – Where To Stay Near Kashi Vishwanath Temple In Hindi

जैसा कि हम बता चुके हैं कि काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी शहर के बीच में स्थित है इसलिए यहां श्रद्धालुओं और यात्रियों को रुकने के लिए हर तरह की सुविधा उपलब्ध है। आप मंदिर के आसपास श्री राम इंटरनेशनल, के श्री गेस्ट हाउस, होटल लारा इंडिया, काशी अन्नपूर्णा पेइंग गेस्ट हाउस, होटल सम्मान, होटल केशरी अतिथि भवन, उमा गंगा पेइंग गेस्ट हाउस जैसे होटलों में रुक सकते हैं। इसके अलावा भी मंदिर के आसपास कई अन्य होटल स्थित हैं जहां आप अपने बजट और सुविधा के अनुसार रुक सकते हैं। यहां कि खास बात यह है कि इन होटलों में भारत के विभिन्न राज्यों के फूड मिलते हैं इसलिए भारत के विभिन्न कोने से आने वाले यात्रियों को यहां किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है।

और पढ़े: बनारस घूमने की जानकारी और 12 दर्शनीय स्थल

10. काशी विश्वनाथ मंदिर की लोकेशन का मैप – Kashi Vishwanath Temple Location

11. काशी विश्वनाथ मंदिर की फोटो गैलरी – Kashi Vishwanath Temple Images

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