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Kalatop Khajjiar Sanctuary In Hindi कलातोप खजियार अभयारण्य को कलातोप वन्यजीव अभयारण्य भी कहा जाता है जो हिमाचल प्रदेश के चंबल जिले में स्थित है और डलहौजी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। कलातोप नाम का अर्थ ‘काली टोपी’ है, जो संभवतः अभयारण्य में सबसे ऊंची पहाड़ी पर घने काले वन को बताता है। कलातोप वनस्पति और जीवों में काफी समृद्ध है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी तरफ बेहद आकर्षित करती है। कलातोप वन्यजीव अभ्यारण्य पर्यटकों के आकर्षण के प्रमुख स्थानों में से एक है। यह एक प्राकृतिक आवास है जो रावी नहीं के साथ आश्चर्यजनक सुंदरता को प्रदर्शित करता है।

यह अभ्यारण्य उन लोगों के लिए एक अच्छी जगह है जो अपने परिवार और दोस्तों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं। अगर आप अपनी यात्रा को और भी ज्यादा खास बनाना चाहते हैं तो यहाँ हरियाली के बीच पिकनिक भी मना सकते हैं। जब भी आप डलहौजी के पर्यटन स्थलों की सैर करने के लिए जाएँ तो इस अभ्यारण्य को अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर रखें। जो भी पर्यटक कलातोप वन्यजीव अभ्यारण्य की यात्रा करता है उसको अपनी यह यात्रा जीवन भर याद रहती है।

1. कलातोप खजियार अभयारण्य में वनस्पति और जीव – Flora And Fauna At Kalatop Khajjiar Sanctuary In Hindi

कलातोप खजियार अभयारण्य में वनस्पति और जीव

कलातोप खजियार अभयारण्य में विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों और जीवों की विशाल विविधता पाई जाती है। अभ्यारण्य में पाए जाने वाले जीवों में काले भालू, हिमालयन ब्लैक मार्टन, जंगली बिल्लियाँ, हिरण, भौंकने वाले गोरल, तेंदुए, सीरो (बकरी-जैसे / मृग-जैसे स्तनपायी) आदि के नाम शामिल हैं। यह अभ्यारण्य पक्षी विज्ञानी के लिए स्वर्ग के सामान है। यहाँ पर एवियरी प्रजाति कई पक्षी जैसे यूरेशियन ज्यू, चेस्टनट बिल्ड थ्रश, तीतर, हिमालयन मोनाल , ब्लैकबर्ड, ग्रे-हेडेड कैनरी आदि पाए जाते हैं।

और पढ़े: डलहौजी के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल

2. कलातोप खजियार अभयारण्य घूमने के साथ क्या क्या कर सकते है – Things To Do At Kalatop Khajjiar Sanctuary In Hindi

2.1 ट्रेकिंग – Trekking In Hindi

ट्रेकिंग

बहुत सारे पर्यटक डलहौजी से कलातोप वन्यजीव अभयारण्य तक ट्रैकिंग करना पसंद करते हैं। अगर आप भी ट्रेकिंग करना चाहते हैं तो आरामदायक जूते पहने जिससे अपनी यात्रा मजेदार और सुखद हो।

2.2 सूर्यास्त का दृश्य – Sunset Viewpoint In Hindi

अभयारण्य के शीर्ष पर गूढ़ सूर्यास्त के दृश्य और लुभावनी पीर पंजाल श्रृंखला के दृश्य को देखना पर्यटकों को बेहद आनंदित करता है।

2.3 एडवेंचर पार्क – Adventure Park In Hindi

एडवेंचर पार्क

Image Credit: Vinita Chaudhary

आपको बता दें कि कलातोप खजियार अभयारण्य के अंदर एक छोटा सा एडवेंचर पार्क है, जो बच्चों के लिए कुछ मजेदार समय बिताने और खेलने के लिए एक अच्छी जगह है।

2.4 स्थानीय स्नैक्स – Local Snacks In Hindi

वन्यजीव अभयारण्य के अंदर स्थित एक छोटी सी कैंटीन है जहाँ पर आप कुछ स्थानीय स्नैक्स और चाय का आनंद लें सकते हैं। इस कैंटीन में पकोड़े, चाय और मैगी उपलब्ध है।

2.5 फारेस्ट गेस्टहाउस – Forest Guesthouse In Hindi

फारेस्ट गेस्टहाउस

Image Credit: Chandan Gupta

कलातोप खजियार अभयारण्य में परिसर के अंदर एक छोटा सा गेस्टहाउस है। जहाँ पर रुकना आपके लिए बेहद यादगार साबित हो सकता है। आपको बता दें कि बॉलीवुड फिल्म लुटेरा की शूटिंग में इस जगह को दिखाया गया है। अगर आप अपनी यात्रा के दौरान इस गेस्ट हाउस में रुकना चाहते हैं तो कम से कम 10 दिन पहले इसे बुक कर दें।

3. कलातोप खजियार अभयारण्य में घूमने के लिए टिप्स – Tips For Visiting Kalatop Khajjiar Sanctuary In Hindi

  • इस क्षेत्र में यात्रा करते समय भालू से सावधान रहें।
  • आपको विश्राम गृह और वाहन प्रवेश करने के लिए यहाँ के जिला वन अधिकारी, चंबा से अनुमति लेना होगी।
  • यदि आप यहाँ आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर करना चाहते हैं तो डलहौजी से टैक्सी किराए पर लेकर जा सकते हैं।
  • रात के समय अपने साथ दूरबीन ले जाएं।

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4. कलातोप खजियार अभयारण्य घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Kalatop Khajjiar Sanctuary In Hindi

कलातोप खजियार अभयारण्य घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

कलातोप खजियार अभयारण्य की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय मार्च से मई तक के ग्रीष्मकालीन महीने होने हैं। मानसून के महीनों में इस अभ्यारण्य की यात्रा करने में असहजता हो सकती है। सितंबर के बाद से यहाँ का मौसम बेहद सुखद होता है और प्रकृति की सुंदरता को देखना का सबसे अच्छा समय होता है।

5. कलातोप खजियार अभयारण्य के आसपास प्रमुख पर्यटन और आकर्षण स्थल – Places To Visit Near Kalatop Khajjiar Sanctuary In Hindi

कलातोप खजियार अभयारण्य डलहौजी का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो शहर 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अगर आप इस अभयारण्य के अलावा डलहौजी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर करना चाहते हैं तो यहाँ दी गई जानकारी को जरुर पढ़ें।

5.1 चामुंडा देवी मंदिर – Chamunda Devi Temple In Hindi

चामुंडा देवी मंदिर

चामुंडा देवी मंदिर देवी काली को समर्पित एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर देवी अंबिका ने मुंडा और चंदा नाम के राक्षसों का वध किया था। इस मंदिर में देवी को एक लाल कपड़े में लपेटकर रखा जाता है, यहां आने वाले पर्यटकों को देवी की मूर्ति को छूने नहीं दिया जाता। इस क्षेत्र में पर्यटकों को कई सुंदर दृश्य भी देखने को मिलते हैं।

और पढ़े: चामुंडा देवी मंदिर का इतिहास और कहानी

5.2 पंचपुला – Panchpula In Hindi

पंचपुला

पंचपुला हरे देवदार के पेड़ों के आवरण से घिरा एक झरना है जो डलहौजी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। पंचपुला वो जगह है जहां पर पाँच धाराएँ एक साथ आती हैं। पंचपुला की मुख्य धारा डलहौजी के आसपास की विभिन्न जगहों में पानी की पूर्ति करती है। यह जगह ट्रेकिंग और अपने खूबसूरत दृश्यों की वजह से जानी जाती है। पंचपुला के पास एक महान क्रांतिकारी सरदार अजीत सिंह (शहीद भगत सिंह के चाचा) की याद में एक समाधि (स्मारक) बनाई गई है, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली थी। मॉनसून के मौसम में इस जगह के प्राचीन पानी का सबसे अच्छा आनंद लिया जाता है, जब पानी गिरता तो यहां का वातावरण पर्यटकों को आनंदित कर देता है।

5.3 रॉक गार्डन – Rock Garden In Hindi

रॉक गार्डन

Image Credit: Amit Sharma

रॉक गार्डन डलहौजी में एक सुंदर उद्यान और एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल है। इस पार्क में पर्यटक आराम करने के अलावा, इस क्षेत्र में उपलब्ध कई साहसिक खेलों का भी मजा ले सकते हैं, जिनमें ज़िप लाइनिंग आदि शामिल हैं।

5.4 डैनकुंड पीक – Dainkund Peak In Hindi

डैनकुंड पीक

Image Credit: Soummo Bose

डैनकुंड पीक जिसे सिंगिंग हिल के नाम से भी जाना जाता है जो डलहौजी में समुद्र तल से 2755 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। आपको बता दें कि यह डलहौज़ी में सबसे ऊँचा स्थान होने के कारण यहाँ से घाटियों और पहाड़ों के अद्भुत दृश्यों को देखा जा सकता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए शांत जगह स्वर्ग के सामान है। डलहौजी क्षेत्र में स्थित डैनकुंड सचमुच देखने लायक जगह है, जो अपनी खूबसूरत बर्फ से ढकी चोटियों और हरे-भरे वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। डैनकुंड पीक हर साल भारी संख्या में देश भर से पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती है।

और पढ़े: डैनकुंड हिल घूमने की जानकारी और पर्यटन स्थल

5.5 खजियार – Khajjiar In Hindi

खजियार

खजियार डलहौजी के पास स्थित एक छोटा सा शहर है जिसको ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ या ‘भारत का स्विटज़रलैंड’ के नाम से भी जाना जाता है। इस स्थान की खूबसूरती हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। 6,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित खजियार अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सुरम्य परिदृश्य की वजह से डलहौजी के पास घूमने की सबसे अच्छी जगहों में से एक हैं। खजियार एक छोटी झील के साथ एक पठार है जो पर्यटकों की सबसे पसंदिता जगहों में से एक है। इस जगह होने वाले साहसिक खेल ज़ोरबिंग, ट्रेकिंग आदि पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं।

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5.6 बकरोटा हिल्स – Bakrota Hills( Barapattar Hills) In Hindi

बकरोटा हिल्स

Image Credit: Anirban Sarkar

बकरोटा हिल्स जिसे अपर बकरोटा के नाम से भी जाना जाता है, यह डलहौज़ी का सबसे ऊँचा इलाका है और यह बकरोटा वॉक नाम की एक सड़क का सर्किल है, जो खजियार की ओर जाती है। भले ही इस जगह पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बहुत कुछ नहीं है लेकिन यहाँ टहलना और चारों तरफ के आकर्षक दृश्यों को देखना पर्यटकों की आँखों को बेहद आनंद देता है। आपको बता दें कि यह क्षेत्र चारों तरफ से देवदार के पेड़ों और हरी-भरी पहाड़ियों से घिरा हुआ है।

5.7 सच पास – Sach Pass In Hindi

सच पास

Image Credit: Tushar Rajput

सच दर्रा एक पहाड़ी दर्रा जो पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊपर 4500 मीटर की ऊँचाई से होकर जाता है और डलहौजी को चंबा और पांगी घाटियों से जोड़ता है। आपको बता दें कि डलहौजी से 150 किलोमीटर की दूरी पर यह मार्ग यह उत्तर भारत में पार करने के लिए सबसे कठिन मार्गों में से एक है। जो लोग एडवेंचर को पसंद करते हैं तो अक्सर सच पास (जब यह खुला होता है) का दौरा करते हैं और यहाँ से बाइक या कार चलाने का रोमांचक अनुभव लेते हैं। अगर आप इस मार्ग यात्रा करें तो जरा भी जोखिम न लें और अपने साथ एक अनुभवी ड्राईवर को लेकर जाएं। यह चंबा या पांगी घाटी तक पहुँचने के लिए लोगों का पसंदिता रास्ता है और डलहौजी से ट्रेकिंग के लिए एक प्रसिद्ध बिंदु है।

5.8 सुभाष बावली – Subhash Baoli In Hindi

सुभाष बावली

सुभाष बावली डलहौजी में गांधी चौक से 1 किमी दूर स्थित एक ऐसे जगह है जिसका नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा गया। सुभाष बावली एको अपने खूबसूरत प्रकृतिक दृश्यों, दूर-दूर तक फैले बर्फ के पहाड़ों दृश्यों और सुंदरता के लिए जाना जाता है। सुभाष बावली वो जगह है जहाँ पर सुभाष चंद्र बोस 1937 में स्‍वास्‍थ्‍य की खराबी के चलते आये थे और वो इस जगह पर 7 महीने तक रहे थे। इस जगह पर रह कर वे बिलकुल ठीक हो गए थे।आपको बता दें कि यहाँ पर एक खूबसूरत झरना भी है जो हिमनदी धारा में बहता है।

5.9 गंजी पहाड़ी – Ganji Pahari In Hindi

गंजी पहाड़ी

Image Credit: Shaji V.K.

गंजी पहाड़ी पठानकोट रोड पर डलहौजी शहर से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक सुंदर पहाड़ी है। इस पहाड़ का नाम गंजी पहाड़ी इसकी खास विशेषता से लिया गया था क्योंकि इस पहाड़ी पर वनस्पतियों की पूर्ण अनुपस्थिति है। गंजी का मतलब होता है गंजापन। डलहौजी के पास स्थित होने की वजह से यह पहाड़ी एक पसंदीदा पिकनिक स्थल स्थल है। सर्दियों के दौरान यह इलाका मोटी बर्फ से ढक जाता है जो मनोरम द्रिह्या प्रस्तुत करता है।

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6. कलातोप खजियार अभयारण्य तक कैसे पहुँचे – How To Reach Kalatop Khajjiar Sanctuary In Hindi

कलातोप खजियार अभयारण्य के पास सबसे महत्वपूर्ण हिल स्टेशन और रिसॉर्ट शहर है, जो 8 किलोमीटर की दूरी पर है। आप डलहौजी से टैक्सी किराए पर ले सकते हैं और करेलुन्नु सड़क की ओर या वन क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए चंबा / खजियार मार्ग पर जा सकते हैं। बता दें कि अभ्यारण्य के अंदर पार्किंग सुविधा भी मौजूद है। प्रवेश द्वार से पार्किंग तक की सड़क संकीर्ण और टूटी हुई है। बहुत से पर्यटक इस सड़क पर पैदल जाना ही पसंद करते हैं।

6.1 हवाई जहाज से कलातोप खजियार अभयारण्य कैसे पहुंचे – How To Reach Kalatop Khajjiar Sanctuary By Air In Hindi

हवाई जहाज से कलातोप खजियार अभयारण्य कैसे पहुंचे

हवाई जहाज से डलहौजी पहुंचने के लिए कांगड़ा में गग्गल हवाई अड्डा इसका सबसे निकटतम घरेलू हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा शहर से 13 किमी दूर है और यहां से डलहौजी हिल स्टेशन तक पहुंचने के लिए टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं। इसके अलावा आप अन्य हवाई अड्डे चंडीगढ़ (255 किमी), अमृतसर (208 किमी) और जम्मू (200 किमी) के लिए भी उड़ान ले सकते हैं।

6.2 रेलगाड़ी से कलातोप खजियार अभयारण्य कैसे पहुँचे – How To Reach Kalatop Khajjiar Sanctuary By Train In Hindi

रेलगाड़ी से कलातोप खजियार अभयारण्य कैसे पहुँचे

डलहौजी का सबसे निकटतम रेल स्टेशन पठानकोट है। जो इस पहाड़ी शहर से 80 किमी दूर स्थित है और भारत के विभिन्न शहरों, जैसे दिल्ली, मुंबई और अमृतसर से कई ट्रेनों के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। पठानकोट रेलवे स्टेशन से डलहौजी पहुंचने के लिए आपको बाहर से टैक्सियाँ मिल जायेंगी।

6.3 सड़क मार्ग से कलातोप खजियार अभयारण्य कैसे पहुंचे – How To Reach Kalatop Khajjiar Sanctuary By Road In Hindi

सड़क मार्ग से कलातोप खजियार अभयारण्य कैसे पहुंचे

डलहौजी सड़क मार्ग की मदद से आसपास के प्रमुख शहरों और जगहों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। राज्य बस सेवा और लक्जरी कोच डलहौजी को आसपास की सभी प्रमुख जगहों और शहरों से जोड़ते हैं। दिल्ली से डलहौजी के लिए रात भर लक्जरी बसें भी उपलब्ध हैं। इस मार्ग पर टैक्सी और निजी वाहन भी मिल जाते हैं।

और पढ़े: बीर बिलिंग में पैराग्लाइडिंग की जानकारी

7. कलातोप खजियार अभयारण्य का नक्शा – Kalatop Khajjiar Sanctuary Map

8. कलातोप खजियार अभयारण्य की फोटो गैलरी – Kalatop Khajjiar Sanctuary Images

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A walk in the woods… 💗💗💗

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