जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल और भारत के प्रसिद्ध जैन मंदिर – Famous Jain Temples of India In Hindi

Famous Jain Temples of India In Hindi, भारत कई संस्कृतियों का देश है, जो अपने समृद्ध इतिहास, प्रकृति और विश्वविख्यात मंदिरों के लिए जाता है। बता दे भारत देश हिन्दू मंदिरों के साथ-साथ जैन मंदिरों के लिए भी लोकप्रिय है। जैन धर्म के अनुयायियों के प्रमुख तीर्थ स्थल,  जैन मंदिर भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रचुर मात्रा में मौजूद है। भारत में कई सुंदर जैन मंदिर हैं जो पूरे देश में इस धर्म के व्यापक अस्तित्व को चिह्नित करते हैं, और जैन अनुयायीयों के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण के केंद्र बने हुए है। और प्रत्येक बर्ष हजारों श्रद्धालुयों को अपनी और आकर्षित करते हैं।

तो आज हम यहाँ अपने लेख में भारत के लोकप्रिय और प्रसिद्ध जैन मंदिरों की सूची पेश करने जा रहे हैं, जो वास्तव में देखने लायक हैं।

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गोमतेश्वर मंदिर, कर्नाटक – Gomateshwara Temple Karnataka In Hindi

गोमतेश्वर मंदिर, कर्नाटक - Gomateshwara Temple Karnataka In Hindi

गोमतेश्वर मंदिर कर्नाटक के हासन जिले के श्रवणबेलगोला में स्थित भारत के सबसे प्राचीन जैन मंदिरों में से एक है। बता दे गोमतेश्वर मंदिर को श्रवणबेलगोला मंदिर या बाहुबली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में  मुख्य देवता प्रथम जैन तीर्थंकर की 17 मीटर ऊँची मूर्ति स्थापित है जो दुनिया में सबसे बड़ी अखंड मूर्ति है। गोमतेश्वर मंदिर 10 वीं शताब्दी में गंगा वंश के राजा राजमल्ल के जनरल चामुंडराय द्वारा बनबाया गया था। प्रतिमा के आधार पर माना जाता है की शिलालेख तमिल और कन्नड़ में लिखे गए हैं। गोमतेश्वर मंदिर में महामस्तकाभिषेक 12 वर्षों में एक बार मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है, जहाँ प्रतिमा को दूध, केसर, घी और दही से स्नान कराया जाता है। जिस दौरान बड़ी संख्या में जैन अनुयायीयों और पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है।

दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू – Dilwara Jain Temple Mount Abu In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू - Dilwara Jain Temple Mount Abu In Hindi

दिलवाड़ा जैन मंदिर मंदिर राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित जैनियों का सबसे सबसे सुंदर तीर्थ स्थल है। इस मंदिर का निर्माण 11 वीं और 13 वीं शताब्दी के बीच वास्तुपाल तेजपाल द्वारा किया गया था। यह मंदिर अपनी जटिल नक्काशी और हर कोने से संगमरमर से सजे होने के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर बाहर से बहुत ही सामान्य दिखता है, लेकिन जब आप इस मंदिर को अंदर से देखेंगे तो इसकी छत, दीवारों, मेहराबों और स्तंभों पर बनी हुई डिजाइनों को देखकर हैरान रह जायेंगे। यह सिर्फ जैनियों का तीर्थ स्थल ही नहीं बल्कि एक संगमरमर से बनी एक जादुई संरचना है। जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को बार-बार यहां आने पर मजबूर करती है।

और पढ़े : माउंट आबू के दिलवाड़ा जैन मंदिर घूमने की पूरी जानकारी 

रणकपुर जैन मंदिर राजस्थान – Ranakpur Jain Temple Rajasthan In Hindi

रणकपुर जैन मंदिर राजस्थान - Ranakpur Jain Temple Rajasthan In Hindi          

भारत के सबसे प्रसिद्ध जैन मंदिरों में से एक रणकपुर जैन मंदिर राजस्थान राज्य में सादरी शहर के निकट स्थित हैं। 4,500 वर्ग गज के क्षेत्र में फैला हुआ और 29 हॉलों से युक्त, रणकपुर जैन मंदिर, जैन धर्म के पांच सबसे महत्वपूर्ण प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। जिसे चतुर्मुख धारणा विहार के रूप में भी जाना जाता है, जोकि जैन धर्म के प्रमुख तीर्थकर ऋषभनाथ को समर्पित है। रणकपुर जैन मंदिर का निर्माण 5 वीं शताब्दी में राजपूत सम्राट राणा कुंभा के शासनकाल के दौरान किया गया था। और आपको बता दे मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रतिष्ठित है, जो दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का बना हुआ है।

और पढ़े : रणकपुर जैन मंदिर के बारे में जानकारी और इसके दर्शनीय स्थल 

सोनागिरी मंदिर मध्य प्रदेश – Sonagiri Temple, Madhya Pradesh In Hindi

सोनागिरी मंदिर मध्य प्रदेश - Sonagiri Temple, Madhya Pradesh In Hindi

मध्यप्रदेश के छोटे से शहर सोनागिरी में स्थित सोनागिरी मंदिर भारत में जैनियों के सबसे लोकप्रिय तीर्थस्थलों में से एक हैं। “सोनागिरी” का अर्थ है “गोल्डन पीक।” यह मंदिर इसीलिए भी अद्वितीय है, क्योंकि माना जाता है,की यह बही जगह है, जहाँ नंगनाग कुमार ने अपने पंद्रह लाख अनुयायियों के साथ मोक्ष प्राप्त किया था। आपको बता दे मंदिर राजसी पर्वत शत्रुंजय के शिखर पर स्थित है, जहाँ भगवान चंद्रप्रभु की 11 फीट ऊँची प्रतिमा मंदिर का प्रमुख आकर्षण केंद्र है। मुख्य मंदिर के साथ यहां लगभग 900 मंदिरों का एक समूह हैं, जिसमे प्रत्येक मंदिर अपनी सुंदरता और भव्यता में एक दूसरे से बढ़कर साबित होते है। सुंदर चित्र और मूर्तियाँ, जटिल नक्काशी, प्रभावशाली भित्ति चित्र और आभूषण की मूर्तियाँ इन मंदिरों के अद्वितीय आकर्षण हैं। जो बड़ी संख्यां में जैन अनुयायीयों और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

सोनी जी की नसियां अजमेर – Soniji Ki Nasiyan Ajmer In Hindi

सोनी जी की नसियां अजमेर - Soniji Ki Nasiyan Ajmer In Hindi

सोनी जी की नसियां अजमेर शहर में पृथ्वीराज मार्ग पर स्थित एक प्रसिद्ध जैन मंदिर है। जो सोनी जी की नसियां ​​के रूप में लोकप्रिय और राजस्थान में सबसे अच्छे जैन मंदिरों में से एक है। जो अजमेर में यात्रा करने के लिए शीर्ष स्थानों में से एक है। अजमेर का दर्शनीय स्थल सोनी जी की नसियां का नाम सिद्धकूट चैत्यालय है और इसे ‘लाल मंदिर’ के रूप में भी जाना जाता है, जो जैन धर्म के पहले तीर्थकर को समर्पित हैं। सोनी जी की नसियां मंदिर का मुख्य आकर्षण मुख्य कक्ष है जिसे स्वर्ण नगरी या सोने के शहर के नाम से भी जाना जाता हैं। जो जैन धर्म के संस्करण में ब्रह्माण्ड की सबसे आश्चर्यजनक वास्तुकला कृतियों में से एक है। सोनी जी की नसियां अजमेर के लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है, जहा तीर्थयात्रियो की लम्बी कतारें देखी जा जाती है।

और पढ़े : सोनी जी की नसियां दिगम्बर जैन मंदिर के दर्शन की जानकारी 

 पुलियारमाला जैन मंदिर केरल – Puliyarmala Jain Temple Kerla In Hindi

पुलियारमाला जैन मंदिर केरल - Puliyarmala Jain Temple Kerla In Hindi
Image Credit : Arun_Mathew

केरल के वायनाड जिले में स्थित पुलियारमाला जैन मंदिर भारत के सबसे लोकप्रिय जैन मंदिरों में से एक है, जो जैन अनुयायीयों के लिए प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में कार्य करता है। पुलियारमाला जैन मंदिर अनंतनाथ स्वामी को समर्पित है जो एक तीर्थंकर थे और इसीलिए इस मंदिर को “अनंतनाथ स्वामी मंदिर” के नाम से भी जाना जाता है। पुलियारमाला जैन मंदिर केरल के सबसे पुराने जैन मंदिरों में से एक है, जिसे 13 वीं शताब्दी में बनाया गया था। और इसमें जैन वास्तुकला की महारत को दर्शाया गया है, मंदिर के दरवाजों और स्तूप पर सुंदर नक्काशी की गई है, जबकि मंदिर का आंतरिक भाग शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से अंकित है।

कुलपाकजी मंदिर आंध्रप्रदेश – Kulpakji Temple Andra Pradesh In Hindi

कुलपाकजी मंदिर आंध्रप्रदेश - Kulpakji Temple Andra Pradesh In Hindi
Image Credit : Prashant_Shah_

तेलंगाना के नलगोंडा जिले के एक छोटे से गाँव, कोलानुपका में स्थित कुलपाकजी मंदिर, भगवान ऋषभ,भगवान नेमिनाथ,और भगवान महावीर तीनो को समर्पित प्रसिद्ध जैन मंदिर है। जिसे कोनलुपका जैन मंदिर के रूप में भी जाना जाता है, जिसमे महावीर स्वामी की 130 सेंटीमीटर लंबी मुख्य मूर्ति स्थापित है। लगभग 2,000 साल पुराना कुलपाकजी मंदिर दक्षिण भारत के श्वेताम्बर जैनियों का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जो प्रत्येक बर्ष कई हजारों जैन अनुयायीयों और पर्यटकों की मेजबानी करता है। और आपको बता दे आंध्र प्रदेश में यह क्षेत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ 1125 ई. वी में बीस से अधिक जैन शिलालेख पाए गए थे।

नारेली जैन टेम्पल अजमेर – Nareli Jain Temple Ajmer In Hindi

नारेली जैन टेम्पल अजमेर - Nareli Jain Temple Ajmer In Hindi

अजमेर से लगभग 7 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित नारेली जैन मंदिर दिगंबर जैनों का एक पवित्र तीर्थ स्थल है। संगमरमर के पत्थर से बना नारेली जैन मंदिर अपनी सुंदर वास्तुकला और जटिल पत्थर की नक्काशी के लिए पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है जो पारंपरिक और समकालीन दोनों रूप प्रस्तुत करता है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर से बना है और चारों ओर सुंदर आकार के बगीचों से सुसज्जित है।और यह स्थानीय लोगो के अनुसार इच्छाओं को पूरा करने और जीवन में समृद्धि लाने के लिए जाना जाता है। मुख्य मंदिर में पहली मंजिल पर गुरु आदिनाथ जी की 22 फीट ऊंची विशाल मूर्ति है, जिसमें ऊपर की पहाड़ियों पर अन्य तीर्थंकर के 24 लघु मंदिर हैं। नारेली जैन मंदिर वास्तुकला और शहर क्षेत्र से दूर पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता के शौकीन पर्यटकों के लिए यह भारत के सबसे लुभावने जैन मंदिरों में से एक है।

और पढ़े : नारेली जैन टेम्पल अजमेर राजस्थान घूमने की जानकारी 

पलिताना मंदिर गुजरात – Palitana Temples in Gujarat In Hindi

पलिताना मंदिर गुजरात - Palitana Temples in Gujarat In Hindi

भावनगर से 51 किमी दक्षिण पश्चिम में स्थित पालिताना मंदिर, जैन मंदिरों के सबसे बड़े समूह के रूप में जाना जाता है। गुजरात में पालिताना मंदिर तीर्थयात्रा के लिए सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। पलिताना मंदिरों का निर्माण 11 वीं शताब्दी में शुरू हुआ जो 900 वर्षों की अवधि में पूर्ण हुआ। आपको बता दे  शत्रुंजय पहाड़ी पर 3000 से अधिक मंदिर स्थित हैं, जिनमें से 863 जैनियों के पवित्र मंदिर हैं। पालिताना मंदिर के मुख्य देवता प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ हैं। पतिलाना मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध जैन मंदिरों में से एक है, जहाँ हर साल हजारों तीर्थयात्री इस पवित्र स्थल का दौरा करते हैं।

 हनुमंतल जैन मंदिर जबलपुर  – Hanumantal Jain Temple Jabalpur In Hindi

हनुमंतल जैन मंदिर जबलपुर  - Hanumantal Jain Temple Jabalpur In Hindi
Image Credit : शाहिल जोशी

भारत के सबसे प्रसिद्ध जैन मंदिरों में से एक हनुमंतल जैन मंदिर मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित है, जो जैन देवी पद्मावती को समर्पित है। हनुमंतल जैन मंदिर जैन अनुयायीयों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। 17 वीं शताब्दी में निर्मित हनुमंतल जैन मंदिर वह स्थान है जहाँ से भगवान महावीर के जन्मदिन पर वार्षिक जैन जुलूस शुरू होता है। मंदिर एक बाईस तीर्थ गृहों की तरह प्रतीत होता है, जो इसे भारत में सबसे महत्वपूर्ण स्वतंत्र जैन मंदिर बनाता है। हनुमंतल जैन मंदिर प्राचीन कला प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है जो विभिन्न युगों की कई छवियों को प्रदर्शित करता है।

 नाकोडा जैन मंदिर बाड़मेर – Nakoda Jain Temple Barmer In Hindi

 नाकोडा जैन मंदिर बाड़मेर - Nakoda Jain Temple Barmer In Hindi

श्री नाकोड़ा जैन मंदिर तीसरी शताब्दी में निर्मित भारत के सबसे  प्राचीन मंदिरों में एक है जिसका कई बार जीर्णोद्धार किया गया है। नाकोड़ा जैन मंदिर में पार्श्वनाथ की लगभग 58 सेमी ऊँची मूर्ति कमल की स्थिति में विराजमान है। जो जैन समुदाय के लिए के प्रमुख आस्था केंद्र है। आपको बता दे मंदिर में स्थापित पार्श्वनाथ की प्रतिमा को नाकोडा गाँव से यहाँ लाया गया था, इसीलिए इस स्थान को नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर कहा जाता है। और पौष कृष्ण की दशमी को भगवान पार्श्वनाथ के जन्मदिन के अवसर पर यहाँ एक बड़े मेला का आयोजन भी किया जाता है, जो देश के बिभिन्न कोनो से तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है।

और पढ़े : श्री नाकोड़ा जैन मंदिर के दर्शन की जानकारी 

श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर दिल्ली – Shri Digambar Jain Lal Mandir Delhi In Hindi 

श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर दिल्ली - Shri Digambar Jain Lal Mandir Delhi In Hindi 
Image Credit : Joshy_Anand

दिल्ली का सबसे पुराना जैन मंदिर श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर, भारत के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित मंदिर मुगल काल की कहानी के लिए जाना जाता है। 1656 में पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र  में स्थित श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर पूरी तरह से लाल बलुआ पत्थर से बनी सुंदर संरचना है। मंदिर लाल रंग की गुंबददार छत, जटिल नक्काशी और कलाकृति के साथ सरल विस्मयकारी वास्तुकला का अनुसरण करता है। जो शांतिपूर्ण माहौल का आनंद लेने के लिए सभी धर्मों के लोगों और पर्यटकों का स्वागत है।

 तिजारा जैन मंदिर अलवर – Tijara Jain Temple Alwar In Hindi

 तिजारा जैन मंदिर अलवर - Tijara Jain Temple Alwar In Hindi

तिजारा जैन मंदिर दिल्ली से 110 किलोमीटर और दिल्ली-अलवर राजमार्ग पर अलवर से 55 किलोमीटर दूर स्थित जैनों का लोकप्रिय तीर्थ स्थल है।वर्ष 1956 में स्थापित प्राचीन जैन मंदिर आठ जैन तीर्थंकरों, यानी जैन धर्म गुरु को समर्पित है। जो जैन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है और यह जैनों के साथ- साथ प्राचीन इतिहास प्रेमियों के लिए भी लोकप्रिय बना हुआ है। जैन मंदिर जटिल मूर्तियों, विस्तृत नक्काशी और प्राचीन चित्रों के साथ एक उत्कृष्ट कला से निर्मित है।,जो इसे राजस्थान के सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थलों में से एक बनाता है। जैन मंदिर में तीन ऊंची सतह हैं जहा पर भगवान् श्री चंद्र प्रभु की 15 इंच ऊँची सफेद रंग की संगमरमर के पत्थर से बनी मूर्ति स्थापित की गई है।

और पढ़े : तिजारा जैन मंदिर अलवर के दर्शन की जानकारी

 शिखरजी मंदिर झारखंड – Shikharji Temple Jharkhand In Hindi 

शिखरजी मंदिर झारखंड – Shikharji Temple Jharkhand In Hindi 
Image Credit : Anurag_Jain_

भारत के सबसे प्रसिद्ध जैन मंदिरों में से एक शिखरजी मंदिर झारखंड के सबसे ऊँचा पर्वत पारसनाथ पहाड़ियाँ पर स्थित है। शिखरजी मंदिर चौबीस में से चौबीस तीर्थंकरों की पूजा करता है जिन्होंने पुनर्जन्म या मोक्ष के चक्र से मुक्ति प्राप्त की थी। शिखरजी मंदिर जैन अनुयायीयों का एक पवित्र तीर्थ स्थल हैं , जहाँ जैन धर्म के अनुयायी 54 किमी की दूरी तय करने के लिए पालकी पर या पैदल चलकर परिक्रमा के लिए जाते हैं।

 धर्मनाथ मंदिर केरल – Dharmanath Temple In Kerala In Hindi

धर्मनाथ मंदिर केरल - Dharmanath Temple In Kerala In Hindi
Image Credit : Kevin_Marsden

केरल का धर्मनाथ मंदिर भारत में जैन तीर्थों के प्रसिद्ध स्थानों में से एक है। भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिणी राज्य केरल के कोच्चि में मट्टनचेरी शहर में स्थित यह मंदिर हर दिन दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यह मंदिर 15 वें तीर्थंकर, भगवान धर्मनाथ को समर्पित है, इसलिए इसे धर्मनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। धर्मनाथ मंदिर की मूर्तियां और डिजाइन जैन दिलवाड़ा के माउंट आबू मंदिर के समान हैं। मंदिर का आंतरिक भाग संगमरमर से सुशोभित है जिसमें जैन धर्म के विभिन्न देवताओं और तीर्थंकरों की मूर्तियां स्थापित हैं।

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