यह हैं 3 महान जीवित चोल मंदिर, जो आज भी शांत से खड़े हैं – The Great Living Chola Temples In Hindi

Chola Temples In Hindi, भारत दुनिया का एक ऐसा देश है जो अपने मजबूत इतिहास के लिए जाना जाता है। इसका इतिहास हमें एक युग की संस्कृति, लोगों और परंपराओं के बारे में सिखाता है। आपको बता दें कि भारत के दक्षिणी हिस्सों में चोल साम्राज्य ने कई सदियों तक शासन किया और यहां पर दुनिया के कई सबसे शानदार मंदिरों का निर्माण किया जिसे चोल मंदिर के रूप में जान जाता है । भारत में चोल मंदिरों का निर्माण 11 वीं और 12 वीं शताब्दी के बीच हुआ था।

चोल साम्राज्य द्वारा निर्मित तीन मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल का हिस्सा हैं जिन्हें ग्रेट लिविंग चोल टेम्पल्स के रूप में भी जाना जाता है।जिसमें तीन मंदिर बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर), बृहदिश्वर मंदिर (गंगाईकोंडाचोलिसवरम) और ऐरावतेश्वर मंदिर (दरसुराम) के नाम शामिल है।

1. चोल मंदिर के प्रमुख मंदिर बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर) – The Brihadesvara Temple (Thanjavur) Chola Temples In Hindi

चोल मंदिर के प्रमुख मंदिर बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर)

बृहदेश्वर मंदिर एक हिंदू मंदिर, जो शिव को समर्पित है। आपको बता दें कि यह मंदिर चोल राजाओं द्वारा निर्मित भारत का प्रमुख मंदिर है जो तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित है। बृहदिश्वर मंदिर का निर्माण राजा चोल प्रथम द्वारा 1003 और 1010 ईस्वी के बीच बनाया गया था। यह मंदिर चेन्नई शहर के 350 किलोमीटर पश्चिम में स्थित दक्षिण भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है।

आपको बता दें कि यह आकर्षक मंदिर 1000 साल से भी पुराना है जिसके आर्किटेक्ट कुंजारा मल्लन राजा राजा पेरुम्थाचन थे। यह भव्य मंदिर वास्तुकला सममित ज्यामिति नियमों के सिद्धांतों का उपयोग करता है। आपको बता दें कि इस विशाल मंदिर परिसर में पांच खंड हैं। यहां ऊंचा टावर जहां पर गर्भगृह स्थित है, उसे श्री विमना कहा जाता है। परिसर के आगे के भाग में नंदी हॉल या नंदी-मंडपम स्थित है। इन दोनों संरचनाओं के बीच में स्थित सभाहॉल को महामंडपम और सामुदायिक सेवा हॉल, मुखमंडपम के नाम से जाना जाता है। आपको बता दें कि यहां पर एक मंडप भी है जो गर्भगृह और सभा हॉल के बीच की संरचना को जोड़ता है जिसे अर्धमंडपम कहा जाता है। इन सभी संरचनाओं की दीवार बहुत ही शानदार नक्काशी और सुंदर चित्र शामिल हैं, जो उस समय के कारीगरों के कौशल को दर्शाती है।

चोल मंदिर बृहदेश्वर मंदिर के दिलचस्प तथ्य:

आपको बता दें कि यह महान लिविंग चोल मंदिर राजा चोल के एक सपने का परिणाम था जो उन्होंने श्रीलंका की यात्रा के दौरान देखा था।

चोल मंदिर बृहदेश्वर मंदिर कैसे पहुंचें – How to Reach Brihadesvara Temple Chola Temples In Hindi

जो भी पर्यटक इस मंदिर के दर्शन करने के लिए जाते हैं वे लोग बस और ट्रेन की मदद से यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा जो लोग हवाई जहाज से यात्रा करना कहते है वे लोग तिरुचिरापल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए फ्लाइट ले सकते हैं जो 55 किलोमीटर दूर है।

और पढ़े: बृहदेश्वर मंदिर तंजावुर के दर्शन की पूरी जानकारी 

2. चोल मंदिर का प्रसिद्ध मंदिर गंगाईकोण में चोलपुरम – Gangaikonda Cholapuram Chola Temples In Hindi

चोल मंदिर का प्रसिद्ध मंदिर गंगाईकोण में चोलपुरम

गंगैकोण्ड चोलपुरम् तमिलनाडु के जिले अरियालुर में, ग्रेट लिविंग चोल मंदिरों में से एक है जो चेन्नई से 280 किलोमीटर दूर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 1035 ईस्वी में राजेंद्र चोल I द्वारा किया गया था। देश के उत्तरी भाग में गंगा को जीतने के बाद, उन्होंने गंगा के विजेता के रूप में गंगईकोंडा चोल नाम का अधिग्रहण किया। राजेंद्र चोल I गंगाईकोंडा चोलापुरम के संस्थापक हैं और उन्होंने इसे अपने राज्य की राजधानी घोषित कर दिया था। इसने 250 वर्षों तक राजधानी शहर के रूप में कार्य किया है। आपको बता दें कि इस मंदिर के प्रमुख देवता भगवान शिव है और इनके अलवा मंदिर में अन्य देवताओं देवी दुर्गा, सूर्य भगवान और विष्णु जी की पूजा भी की जाती है।

चोल मंदिर गंगैकोण्ड चोलपुरम कैसे पहुंचे – How To Reach Gangaikond Cholapuram Chola Temples In Hindi

कोई भी पर्यटक इस मंदिर तक बस और ट्रेन की मदद से आसानी से पहुंच सकता है। गंगैकोण्ड चोलपुरम का प्रमुख निकटतम शहर तिरुचिरापल्ली है, जो निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन दोनों है। गंगैकोण्ड चोलपुरम आसपास के सभी प्रमुख शहरों जुड़ा हुआ है।

3. चोल मंदिर का फेमस मंदिर ऐरावतेश्वर मंदिर (दारासुरम) – Airavatesvara Temple (Darasuram) Chola Temples In Hindi

चोल मंदिर का फेमस मंदिर ऐरावतेश्वर मंदिर (दारासुरम)

ऐरावतेश्वर मंदिर चोल शासकों द्वारा निर्मित एक प्रसिद्ध मंदिर है जो तमिलनाडु में कुंभकोणम के पास दारासुरम में स्थित है। यह मंदिर भी अन्य चोल मंदिरों के समान, भगवान शिव को समर्पित है। ऐरावतेश्वर मंदिर का निर्माण 12 वीं शताब्दी में राजा राजा चोलI द्वारा करवाया गया था। यह आकर्षक मंदिर एक रथ की संरचना के साथ एक वास्तुशिल्प चमत्कार है जो उस समय के कारीगरों की प्रतिभा को दर्शाता है। मंदिर में इन कारीगरों द्वारा की कई नक्काशी और मूर्तियाँ भी स्थित है। ऐरावतेश्वर मंदिर चोल राजाओं द्वारा निर्मित एक शानदार संरचना है जो बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। बता दें कि मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर 212 फीट की विमना, एक शिव लिंगम, एक देवी पेरियनायगी की बड़ी मूर्ति और एक विशाल नंदी स्थित है। मंदिर में पेंटिंग और एपिग्राफ चोल राजवंश के इतिहास को प्रदर्शित करते हैं।

चोल मंदिर ऐरावतेश्वर मंदिर कैसे पहुंचे – How To Reach Airavatesvara Temple Chola Temples In Hindi

ऐरावतेश्वर मंदिर कुंभकोणम शहर के बाहर सिर्फ 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर आप टैक्सी- कैब, ऑटो या राज्य द्वारा संचालित बसों से आसानी से पहुंच सकते हैं।

4. चोल मंदिर की फोटो गैलरी – Chola Temples Images

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