बाड़ौली मंदिर के दर्शन की जानकारी – Baroli Temples In Hindi

Baroli Temple In Hindi, बाड़ौली मंदिर राजस्थान से लगभग 115 की दूरी पर रावतभाटा गाँव में ब्राह्मणी और चंबल नदियों के संगम पर स्थित है। बाड़ौली मंदिर को बरोली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। बाड़ौली मंदिर 9 वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य के दौरान बनाया गया था। आपको बता दे बरोली मंदिर का मुख्य मंदिर घाटेश्वर महादेव मंदिर है, जिसमें प्रभावशाली स्तंभों का एक हॉल और एक नाचते हुए शिव, विष्णु और ब्रह्मा सहित आंकड़े के साथ एक बारीक नक्काशीदार शिखर (मंदिर शिखर) है। इसके अलावा मंदिर परिसर के भीतर 9 मंदिर हैं। आपको बता ये सभी 9 मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियंत्रण में हैं। बाड़ौली का मंदिर के प्रमुख पर्यटक और तीर्थ स्थलों में से एक है, जो पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए है। यदि आप बाड़ौली मंदिर के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो हमारे इस लेख को पूरा जरूर पढ़े जिसमे हम बाड़ौली मंदिर और इसकी यात्रा के बारे में बात करने वाले है –

बडोली मंदिर के प्रमुख मंदिर – Badoli Ke Pramukh Mandir In Hindi

  • घाटेश्वर महादेव मंदिर
  • मंदिर के टैंक में शिव मंदिर
  • वामनवतार मंदिर
  • गणेश मंदिर
  • त्रिमूर्ति मंदिर
  • अष्टमाता मंदिर
  • शेषशयन मंदिर

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बाड़ौली मंदिर का इतिहास – History Of Baroli Temples In Hindi

History Of Baroli Temples In Hindi

बाड़ौली मंदिर का इतिहास लगभग 9-10 वी शताब्दी के आसपास का माना जाता है बरोली मंदिर का निर्माण गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य के दौरान बनाया गया है। बडोली के मंदिर राजस्थान के सबसे शुरुआती मंदिर परिसरों में से एक हैं। और 1998 में भगवान नटराज की एक नक्काशीदार पत्थर की छवि बाड़ौली मंदिर परिसर से चोरी हो गई थी। कहा जाता जाता चोरी की गई मूर्ति लंदन में एक निजी कलेक्टर के पास थी लेकिन उसकी पूर्ण तरह से पुष्टि नही की जा सकी इसीलिए मूर्ति को बापिस नही लाया जा सका।

बाड़ौली के मंदिर की वास्तुकला – Baroli Temples Architecture In Hindi

9 वीं शताब्दी में निर्मित बाड़ौली मंदिर गुर्जर-प्रतिहार वास्तुकला शैली में निर्मित मंदिर संरचनाएं हैं, जिनमें उत्कृष्ट रूप से नक्काशीदार पत्थर का काम किया गया है। वे अर्ध-बर्बाद राज्य में कुछ के साथ, अलग-अलग चरणों में हैं। बाड़ौली में 8 प्रमुख मंदिर हैं और लगभग 1 किलोमीटर दूर एक नौवां मंदिर है। चार मंदिर शिव को समर्पित हैं (घाटेश्वर महादेव मंदिर सहित), दो दुर्गा को और एक-एक शिव-त्रिमूर्ति, विष्णु और गणेश जी को समर्पित है।

बाड़ौली मंदिर खुलने और बंद होने का समय – Barauli Temples Timing In Hindi

बाड़ौली मंदिर पर्यटकों के घूमने के लिए प्रतिदिन सुबह 9.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक खुला रहता है और आपको बता दे बरौली मंदिर की पूर्ण और विस्तृत यात्रा के लिए 1-2 घंटे का समय निकालकर यात्रा सुनिश्चित करें।

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बाड़ौली मंदिर की एंट्री फीस – Badoli Temple Entry Fees In Hindi

बरौली मंदिर में पर्यटकों के घूमने के लिए कोई एंट्री फीस नही है, यहाँ आप बिना किसी शुल्क का भुगतान किये घूम सकते हैं।

बाड़ौली मंदिर घूमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Baroli Temples In Hindi

बाड़ौली मंदिर घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

यदि आप बाड़ौली मंदिर घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो हम आपको बता दे यहाँ जाने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का समय होता है, क्योंकि इस समय मौसम खुशनुमा रहता है।

बाड़ौली मंदिर कैसे पहुँचे – How To Reach Baroli Temples In Hindi

अगर आप बाड़ौली मंदिर घूमने जाने की योजना बना रहें हैं तो  हम आपको बता दें आप सड़क, रेल और हवाई मार्ग से यात्रा करके बाड़ौली मंदिर पहुंच सकते है।

फ्लाइट से बाड़ौली मंदिर कैसे पहुँचे – How To Reach Baroli Temples By Flight In Hindi

How To Reach Baroli Temples By Flight In Hindi

यदि आप बाड़ौली मंदिर फ्लाइट से जाना की योजना बना रहे है तो हम आपको बता दे चित्तौड़गढ़ शहर का सबसे निकटतम हवाई अड्डा डबोक हवाई अड्डा उदयपुर है जो बाड़ौली मंदिर से लगभग 220 किमी की दूरी पर स्थित है। आप फ्लाइट से यात्रा करके उदयपुर हवाई अड्डा पहुंच सकते है और हवाई अड्डे से बाड़ौली मंदिर जाने के लिए बस, टैक्सी या कैब किराये पर ले सकते हैं ।

सड़क मार्ग से बाड़ौली मंदिर कैसे पहुँचे – How To Reach Baroli Temples By Road In Hindi

सड़क मार्ग से बाड़ौली मंदिर कैसे पहुँचे

चित्तौड़गढ़ राजस्थान के प्रमुख शहरों जैसे उदयपुर, जयपुर, जोधपुर आदि और पड़ोसी राज्यों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। सड़क मार्ग से बाड़ौली मंदिर की यात्रा करना एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। राजस्थान के प्रमुख शहरो से बाड़ौली मंदिर के लिए नियमित बस सेवा भी उपलब्ध है तो आप अपनी निजी कार, टैक्सी या डीलक्स बसें, एसी कोच और राज्य द्वारा संचालित बसों के माध्यम से बाड़ौली मंदिर की यात्रा कर सकते हैं।

ट्रेन से बाड़ौली मंदिर कैसे पहुँचे – How To Reach Baroli Temples By Train In Hindi

ट्रेन से बाड़ौली मंदिर कैसे पहुँचे

अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ ट्रेन से यात्रा करके बाड़ौली मंदिर जाना चाहते है तो हम आपको बता दे बाड़ौली मंदिर का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन कोटा रेलवे जंक्शन है, जो बाड़ौली मंदिर से लगभग 51 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह रेलवे जंक्शन राज्य और भारत के प्रमुख शहरों से रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है। कोटा रेलवे जंक्शन पहुचने के बाद आप यहाँ से ऑटो, टैक्सी या स्थानीय वाहनों के माध्यम से बाड़ौली मंदिर पहुंच सकते है।

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इस आर्टिकल में आपने प्रसिद्ध बाड़ौली मंदिर के बारे में जाना है आपको यह आर्टिकल केसा लगा हमे कमेन्ट करके जरूर बतायें।

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बाड़ौली मंदिर का नक्शा – Baroli Temples Map

बाड़ौली मंदिर की फोटो गैलरी – Baroli Temples Images

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