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Bijli Mahadev Temple In Hindi, बिजली महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में एक पहाड़ी पर 2460 मीटर की ऊंचाई पर ब्यास नदी के पार स्थित है जो भारत के भारत के प्राचीन और पवित्र मंदिरों में से एक है। बिजली महादेव मंदिर कुल्लू का एक प्रमुख मंदिर है जो ’काश’ शैली में बना है। यह भगवान शिव को समर्पित है और ट्रेकिंग के लिए बहुत लोकप्रिय है। कुल्लू, पारबती, गरसा और भुंतर घाटियों से घिरा चमत्कारों और रहस्यों से भरा हुआ यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर स्थित है। पहाड़ी के नीचे एक छोटा था गाँव है और इसका नाम बिजली महादेव के नाम पर रखा गया है। बिजली महादेव मंदिर को इसका नाम यहां होने वाले चमत्कार के बाद मिला है।

यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि हर 12 साल में इस मंदिर के अंदर रखी शिवलिंग के ऊपर बिजली गिरती है और यह शिवलिंग कई टुकड़ों में टूट जाती है। इसके बाद मंदिर के पुजारी शिवलिंग को मक्खन की मदद से जोड़ दिया जाता है और यह शिवलिंग कुछ समय बाद अपने पुराने स्वरुप में आ जाती है। देवदार के पेड़ों से ढके 3 किमी लंबे रास्ते से होते हुए बिजली महादेव तक ट्रेक से पहुँचना पड़ता है। जो लोग धार्मिक होने के साथ एडवेंचर प्रेमी होते हैं वे आमतौर पर खुशनुमा मौसम का आनंद लेते हुए कुल्लू से मंदिर के लिए ट्रैकिंग करना पसंद करते हैं।

1. बिजली महादेव की कथा – Bijli Mahadev Kullu History In Hindi

बिजली महादेव की कथा

Image Credit: Manoranjan Bhadauria

भारत में बिजली महादेव मंदिर इसलिए प्रमुख है क्योंकि इस मंदिर के अंदर एक शिव लिंग स्थित है जो बिजली गिरने की वजह से छोटे छोटे टुकड़ों में टूट जाती है। स्थानीय लोग और पुजारी लिंग को उसके मूल रूप में पुनर्स्थापित करने के लिए टुकड़ों पर मक्खन के साथ अनाज और दाल का आटा (सत्तू) लगाते हैं। यह शिव लिंग क्यों टूट जाती है इस बारे में विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग मान्यताएं हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि बिजली का प्रहार सरासर भगवान की कृपा है और वे यहां के निवासियों को सभी प्रकार की बुराई से बचाना चाहते हैं। जबकि, दूसरों का मानना है कि बिजली अपने आप में एक देवता का रूप है जिसमें अलौकिक शक्तियां हैं। बिजली महादेव मंदिर की उत्पत्ति और वास्तविक कहानी अभी भी ज्ञात नहीं है, लेकिन विभिन्न मान्यताओं के कारण, यह भारत में सबसे अधिक पूजे जाने वाले मंदिरों में से है।

2. बिजली महादेव मंदिर के दर्शन करने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Bijli Mahadev Temple In Hindi

बिजली महादेव मंदिर के दर्शन करने का सबसे अच्छा समय

Image Credit: Mohit Kondal

सुखद मौसम के कारण बिजली महादेव मंदिर की यात्रा करने का अच्छा समय मार्च से सितंबर तक के महीनों कामाना जाता है। सर्दियों में, कुल्लू बर्फ से ढंक जाता है और इस दौरान लगातार वर्षा भी होती है। महाशिवरात्रि के दौरान मंदिर की यात्रा करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इस दौरान मंदिर में उत्सव का आयोजन होता है और इसे खूबसूरती से सजाया जाता है।

3. बिजली महादेव मंदिर के आसपास के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थल – Places To Visit Near Bijli Mahadev Temple In Hindi

बिजली महादेव मंदिर के आसपास के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थल

Image Credit: Sandeep Kumar

बिजली महादेव मंदिर कुल्लू के पास स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल है, अगर आप मंदिर के अलावा इसके पास के प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं तो नीचे दी गई जानकारी जरुर पढ़ें इसमें हम आपको बिजली महादेव मंदिर के पास के प्रमुख स्थलों के बारे में बता रहे हैं।

3.1 मणिकरण साहिब – Manikaran Sahib In Hindi

मणिकरण साहिब

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पार्वती नदी के किनारे पार्वती घाटी में स्थित मणिकरण को सिखों और हिंदुओं दोनों के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यहाँ का गर्म झरने, धार्मिक प्रवृत्तियां और खूबसूरत वातावरण बहुत से पर्यटकों को आकर्षित करता है। मणिकरण साहिब सिखों का प्रसिद्ध गुरुद्वारा और तीर्थ स्थान है। इसका संबंध सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक से संबंधित है। इस गुरुद्वारे अलावा यहां गर्म पानी के झरने हैं।

और पढ़े: मणिकरण साहिब की पूरी जानकारी और इसके पास के पर्यटन स्थल 

3.2 भंटर – Bhunter In Hindi

भंटर
भंटर एक हरियाली भरी जगह है जहां पर कई मंदिर स्थित है, जहां की सैर आपको जरुर करना चाहिए। यहां आप बहने वाली ब्यास नहीं में वाइट वाटर राफ्टिंग के लिए भी जा सकते हैं। भंटर हिमाचल प्रदेश के हिल स्टेशन और भीड़ भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से अलग एक सरल और शांत जगह है।

3.3 खीरगंगा – Kheerganga In Hindi

खीरगंगा
खीरगंगा मलाणा शहर हिमालय के पहाड़ों के गर्म झरनों और मनोरम दृश्यों के साथ एक प्रसिद्ध एक पर्यटन स्थल है। खीरगंगा के इलाके घने जंगल, कैंपिंग, नेचर वॉकिंग और माउंटेन क्लाइम्बिंग के जरिए ट्रैकिंग के लिए बेहद खास है। खीरगंगा में पर्यटक अपने प्रवास के दौरान कुछ लैंडस्केप फोटोग्राफी का आनंद लें सकते हैं। हरे भरे जंगलों के माध्यम से सूर्यास्त और ट्रेकिंग के अविश्वसनीय दृश्य का अनुभव लेना बेहद खास साबित हो सकता है।

3.4 तीर्थन घाटी – Tirthan Valley In Hindi

तीर्थन घाटी
तीर्थन घाटी कुल्लू में घूमने की अच्छी जगह है। जो लोग शांति की तलाश में हैं वो तीर्थन घाटी की यात्रा कर सकते हैं। बहती नदियों, हरी-भरी घाटियों, और झीलों तीर्थन घाटी ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के बफर जोन में स्थित है। तीर्थन घाटी साहसिक गतिविधियों में प्रचुर है और प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग के सामान है। पर्यटक यहां ट्राउट फिशिंग / रैपलिंग / रॉक क्लाइम्बिंग का मजा ले सकते हैं।

3.5 चंद्रखनी पास – Chandrakhani Pass Hindi

चंद्रखनी पास

Image Credit: Prem Singh Barbogpa

मलाणा के पास स्थित चंद्रखानी दर्रा एक ट्रेक मार्गों में से एक है जहां पर्यटक सर्दियों और गर्मियों दोनों में जा सकते हैं। 13,500 फीट पर स्थित चंद्रखनी दर्रा हिमालय पर उच्च ट्रेकिंग स्थल को एक्स्प्लोर करने के लिए सही अवसर प्रदान करता है। चंद्रखनी दर्रे पर ट्रेकिंग पर्यटकों को हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ, पहाड़ी संस्कृतियों से परिचित करवाएगी। कुल्लू घाटी की सुंदरता और पर्वत चोटियों की उंचाई के साथ यह जगह हर प्रकृति प्रेमी के दिल को खुश कर देती है।

3.6 पार्वती घाटी ट्रेक – Parvati Valley Trek In Hindi

पार्वती घाटी ट्रेक

पार्वती घाटी ट्रेक हिमालयी क्षेत्र में सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रेक में से एक के रूप में माना जाता है, जो रोमांच की तलाश करने वालों के लिए एकदम सही है। यहाँ के चारों ओर के मनमोहक दृश्य आपको अपनी सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर देंगे। पार्वती घाटी ट्रेक काफी लंबा और काफी हैरान कर देने वाला है लेकिन यह बेहद शानदार है। जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, आसपास के घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदान और नदियाँ आपको अपने आकर्षण से मोहित कर देंगे। पार्वती घाटी ट्रेक, हिमालय पास ट्रेक के बाद सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले ट्रेक में से एक है।

3.7 कैसरधर – Kais Dhar In Hindi

कैसरधर
कैसधार कुल्लू घाटी का एक प्रमुख और आकर्षक पिकनिक स्थल है, जो चारों ओर से ऊंचे देवदार के पेड़ों से घिरा है। कैसधार, कुल्लू से लगभग 15 किमी दूर खजियार में स्थित है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। कैसधार प्रकृति की गोद में कुछ समय बिताने के लिए एक अच्छी जगह है। यह स्थान पास की घाटी और गाँव का एक शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है। कैसरधर एक शानदार ट्रेकिंग स्थल है जो देवदार और नीले देवदार के जंगल से होकर गुजरता है।

3.8 हनोगी माता मंदिर – Hanogi Mata Temple In Hindi

हनोगी माता मंदिर
हनोगी माता मंदिर कुल्लू के प्रसिद्ध धार्मिक केन्द्रों में से एक है। यह मंदिर एक छोटा सा मंदिर है जो एक छोटी सी पहाड़ी के ऊपर स्थित है। कुल्लू मनाली क्षेत्र में किसी भी अन्य पवित्र मंदिर की तरह हनोगी माता मंदिर अपने आप में बेहद खास है। हिंदू देवी माता हनोगी को समर्पित यह मंदिर एक नीचे चल रही धारा, पहाड़ी से घाटियों को देखने के साथ एक पवित्र धार्मिक स्थल है। धार्मिक पर्यटकों के अलावा यह मंदिर एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों को भी आकर्षित करता है, यहां सनसेट व्यू के साथ क्लाइम्बिंग एडवेंचर के लिए एक आदर्श जगह है।

3.9 भृगु झील – Bhrigu Lake In Hindi

भृगु झील
भृगु झील मनाली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जिसका नाम ऋषि भृगु के नाम पर पड़ा है जिनके बारे में कहा जाता है कि वे इस झील के पास ध्यान करते थे। इस झील को एक प्राचीन लोककथा के कारण पूल ऑफ गॉड्स ’के रूप में भी जाना जाता है, जो बताती है कि देवताओं ने इसके पवित्र जल में डुबकी लगाई थी। यहां के स्थनीय लोगों का मानना है कि इसी वजह से यह झील कभी पूरी तरह से जम नहीं पाती। भृगु झील रोहतांग दर्रे के पूर्व में स्थित है और गुलाबा गांव से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

और पढ़े: भृगु झील मनाली की जानकारी और घूमने की जगह 

3.10 वैष्णो देवी मंदिर – Vaishno Devi Temple Hindi

वैष्णो देवी मंदिर कुल्लू
वैष्णो देवी मंदिर कुल्लू का एक प्रमुख मंदिर है जो आपको मिनी वैष्णो देवी ’की यात्रा का शानदार अनुभव देगा। वैसे तो इस मंदिर को महादेवी तीर्थ के रूप में जाना जाता है, कुल्लू में वैष्णो देवी मंदिर ब्यास नदी के तट पर स्थित है और मनाली के रास्ते पर कुल से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर अपने रास्ते पर विशाल जंगलों, सेब के बागों और राजसी पहाड़ियों के साथ शानदार दृश्य देता है। शांति के माहौल के साथ, वैष्णो देवी मंदिर कुल्लू में धार्मिक स्थानों में सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक बन गया है। तीर्थयात्रियों के लिए इस मंदिर परिसर में भगवान शिव का मंदिर भी है।

3.11 नग्गर – Naggar In Hindi

नग्गर
नग्गर हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले में स्थित है। यह एक छोटा शहर है जो अपनी आश्चर्यजनक प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यह पर्यटन स्थल उन लोगों के लिए बेहद खास जगह है जो प्रकृति की गोद में रहकर आराम करना चाहते हैं। नग्गर में आप ट्रेकिंग और कैंपिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं। आपको बता दें कि नग्गर में एक महल भी स्थित है जिसको अब एक रिटेज होटल में बदल दिया गया है, जहां पर कोई भी जा सकता है। इसके अलावा नग्गर में एक लोक कला संग्रहालय और एक गर्म पानी का झरना है, जहां पर्यटकों को जरुर जाना चाहिए।

और पढ़े: नग्गर घूमने की जानकारी और पर्यटन स्थल

3.12 सुल्तानपुर पैलेस – Sultanpur Palace In Hindi

सुल्तानपुर पैलेस
सुल्तानपुर पैलेस को पहले रूपी पैलेस कहा जाता था और नए रूप पुराने अवशेषों पर बनाया गया था जो भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गया था। इस महल में विभिन्न वाल पेंटिंग और पहाड़ी शैली की वास्तुकला और औपनिवेशिक शैली का अद्भुत मिश्रण है। बता दें कि इस पैलेस में महल कुल्लू घाटी के पूर्ववर्ती शासकों का निवास स्थान है।

और पढ़े: धौला कुआँ में घूमने लायक जगह और इसके पर्यटन स्थल की जानकारी 

4. बिजली महादेव मंदिर कैसे पहुंचें – How To Reach Bijli Mahadev Temple In Hindi

बिजली महादेव मंदिर कैसे पहुंचें

बिजली महादेव तक पहुँचने के लिए कुल्लू से जाना पड़ता है। कुल्लू में रहने वाले लोग आमतौर पर चंसारी गांव के माध्यम से मंदिर तक जाते हैं जो कुल्लू से लगभग 24 किमी दूर है। गाँव में पहुँचने के बाद गाँव के प्रवेश द्वार से सीढ़ियों पर चढ़ना पड़ता है, जो मंदिर से लगभग 3 किमी दूर है और लगभग 1000 सीढ़ियाँ चढ़कर भक्त मंदिर तक पहुँच सकते हैं। प्रवेश द्वार से मंदिर तक पहुंचने में 45 मिनट से 1 घंटे तक का समय लगता है। सीढ़ियां लोगों को सीधे मंदिर तक ले जाती हैं, इसलिए इस मार्ग को जाना बेहद आसान है।

और पढ़े: सियाली महादेव मंदिर घूमने की जानकारी और इसके पर्यटन स्थल 

5. बिजली महादेव मंदिर का नक्शा – Bijli Mahadev Temple Map

6. बिजली महादेव मंदिर की फोटो गैलरी – Bijli Mahadev Temple Images

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Bijli Mahadev is one of the sacred temples of the Indian state of Himachal Pradesh. It is located at an altitude of about 2,460m in the Kullu Valley. Bijli Mahadev is one of the ancient temples in India. Located 22 km from Kullu across the Beas river, it can be approached by a rewarding trek of 3 km. In this temple of lightning, it is said that the tall staff attracts the divine blessings in the form of lightning. It is believed that the priest of the temple has to restore the Shiva linga placed inside the temple using butter and sattoo after every lightning as it shatters to pieces with flash of lightning. #bijlimahadev #bijlimahadevtrek #bijlimahadev? #bijlimahadevtemple #kullu #kulludiaries #kullumanaliheavenonearth #onehimachal #instahimachal #himachaldieties #hillabovetheheaven

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