Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Tag

Rajasthan tourism

Browsing

Junagarh Fort In Hindi राजस्थान के बीकानेर में स्थित जूनागढ़ किला एक बहुत ही खूबसूरत और शानदार संरचना है। बता दें कि इस किले के चारो तरफ बीकानेर शहर बसा हुआ है। पहले इस किले को बीकानेर किले के नाम से जाना-जाता था लेकिन फिर 20 वीं शताब्दी में इस किले का नाम बदलकर जूनागढ़ रख दिया गया। जूनागढ़ का किला दिखने में बेहद आकर्षक है, जो यहां आने वाले पर्यटकों कों अपनी तरफ खींचता है। जूनागढ़ किले की नींव 1478 में राव बीका द्वारा रखी गई थी लेकिन इस भव्य और खूबसूरत संरचना का निर्माण 17 फरवरी 1589 को राजा राय सिंह द्वारा शुरू किया गया था। अगर आप इस खूबसूरत किले की सैर करना चाहते हैं तो बता दें कि यह किला राजस्थान आने वाले पर्यटकों के लिए बेहद खास है, इस किले की संरचना यहां आने वाले लोगों आश्चर्यचकित कर देती है। आइये आपको जूनागढ़ के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

Keoladeo National Park In Hindi केवलादेव नेशनल पार्क या केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान जिसे पहले भरतपुर बर्ड सैंक्चुरी के नाम से जाना जाता था भारत का एक प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है, जो हजारो प्रवासी पक्षियों की मेजबानी करता है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान या केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान जिसे पहले भरतपुर, राजस्थान में भरतपुर पक्षी अभयारण्य के रूप में जाना जाता था, यह उद्यान भरतपुर, राजस्थान में स्थित है। इस पार्क में पक्षियों की 230 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है। केवलादेव राष्ट्रीय पार्क, भारत का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी है, इस जगह को 1971 में एक संरक्षित अभयारण्य बनाया गया था। केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान एक विश्व धरोहर स्थल भी है। यह पार्क यहाँ आने वाले पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है।

Bhangarh Kile Ka Rahasya In Hindi भानगढ़ किला राजस्थान के अलवर जिले की अरावली पर्वतमाला में सरिस्का अभ्यारण्य की सीमा पर स्थित है। इस किले के पास गोला गांव बसा हुआ है। भानगढ़ का किला ढलान वाले इलाके में पहाड़ियों के तल पर स्थित है, जो देखने में बेहद भयानक दिखता है। यह किला इसकी बनावट से ज्यादा इसके भूतिया किस्सों की वजह से ज्यादा चर्चा में रहता है। भानगढ़ किले में राजा के महल के खंडहर पहाड़ियों की निचली ढलान पर स्थित हैं। इस किले का तालाब वाला क्षेत्र पेड़ों से घिरा हुआ है और महल के परिसर के भीतर एक प्राकृतिक जलधारा तालाब में गिरती है।